उत्तराखंड में किसकी सरकार बनेगी इसे लेकर बहस शुरू हो गई है। हालांकि स्थिति तो 15 मार्च को ही काफी हद तक साफ हो जाएगी। मगर उत्तराखंड में सत्ता की सीढ़ी किसके हाथ लगती है, इसका पता तो 11 मार्च को मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। हालिया समय जब कि मतदान के लिए चार दिन बाकि हंै, ऐसे समय जनता में सरकार आखिर किसकी बनेगी या मुख्यमंत्री कौन होगा आदि को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जनता में भाजपा को लेकर चर्चा है कि भाजपा यदि सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री कौन होगा, यह उत्तराखंड में पहला चुनाव है जिसमें भाजपा बिना चुनावी चेहरे के चुनावी मैदान में खम ठोके हुए है। वहीं कांगे्रस की ओर से भी जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। हां कांगे्रस के जीतने की सूरत में तय है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ही होंगे। कांग्रेस तो विधानसभा चुनाव भी हरीश रावत के चेहरे पर लड़ रही है, लेकिन भाजपा ने किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया है। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ रही है। ऐसा नहीं है कि उत्तराखंड भाजपा में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की कमी है। ऐसे में अगर भाजपा चुनाव में जीतकर आती है तो उसका माझी कौन बनेगा, ऊहापोह वाली स्थिति बन रही है।
हल्द्वानी में अच्छी सेहत की उम्मीद अधूरी
Sat Feb 11 , 2017
राजधानी देहरादून के बाद हल्द्वानी को उत्तराखंड के दूसरे बड़े शहर के रूप में देखा जाता है। चौड़ी सड़कें और ऊंची इमारतें कुछ-कुछ ऐसा भान देती भी हैं, लेकिन जब बात आम आदमी को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की होती है तो हल्द्वानी पहाड़ के किसी दुर्गम क्षेत्र की तरह […]

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