देहरादून। आईएमए (भारतीय सैन्य अकादमी) के समानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल जयवीर सिंह नेगी आज सेवानिवृत्त हो गये। मूल रूप से पौड़ी जनपद पोखरी ब्लॉक के कमद गांव के रहने वाले लेफ्टिनेंट जनरल ने 49वें समानिदेशक के रूप में एक फरवरी 2020 को भारतीय सैन्य अकादमी की कमान संभाली थी।
भारतीय सेना में जनरल नेगी का बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सैन्य सेवा में उनके नाम-परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल सहित विशिष्ट सेवा मेडल दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल नेगी की प्रारंभिक 10वीं और 12वीं की शिक्षा मेरठ के सेंटजॉन हायर सेकेंडरी स्कूल से हुई थी। उनके पिता दयाल सिंह नेगी बैंक कर्मचारी थे जबकि मां सतेश्ववरी नेगी एक ग्रहणी थी। लेफ्टिनेंट जनरल जयवीर सिंह नेगी का चयन 1977 में खड़गवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी में हुआ था। एनडीए की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे जून 1981 में भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट हुए। बता दें कि आईएमए का अंडर पास वाला मामला जो पिछले 40 वर्षों से अधिक समय से लटका हुआ था, वह भी लेफ्टिनेंट जनरल नेगी के कार्यकाल में ही धरातल पर उतरा। जानकारी के मुताबिक आईएमए में समानिदेशक पद से रिटायर्ड होने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल नेगी अपने परिवार के साथ देहरादून में ही रहेंगे।
कोविड 19 ड्यूटी में तैनात पीआरडी जवानों को वेतन दिया जाएः धस्माना
Wed Sep 30 , 2020
देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव के नाम पत्र लिखकर कोविड 19 में एसडीआरएफ के तहत ड्यूटी पर तैनात पीआरडी जवानों के वेतन व फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स को प्रोत्साहन राशि दिये जाने की मांग की है। सूर्यकान्त धस्माना ने कोविड 19 वैश्विक […]

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चिन्यालीसौड़ पुल बनकर तैयार, धनुष जैसा आकार है आकर्षण केन्द्र टिहरी, उत्तरकाशी जिले के सीमा पर टिहरी झील के ऊपर बनाए जा रहे चिन्यालीसौड़ पुल का काम पूरा हो चुका है। अब 20 दिन बाद इस पुल को जनता को समर्पित किया जाएगा। फिलहाल पुल न होने की वजह से ग्रामीणों को 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। चिन्यालीसौड़ पुल। पुनर्वास विभाग देवीसौड़ में 162 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया गया है। साल 2007 में टिहरी झील बनने के कारण देवीसौड़ मोटर पुल डूब गया था। जिसके कारण चिन्यालीसौड़ के करीब 42 गांव माली, बादान, जोगत, तुल्याड़ा, भड़कोट, आदि का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया था। अब इस पुल के निर्माण के बाद अलग-थलग पड़े इन सभी 42 गांवों की राह आसान होगी। इन गांव के लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पढ़ें-ड्यूटी ज्वॉइन करने निकला था कुमाऊं रेजिमेंट का जवान, दो दिन बाद भी नहीं पहुंचा यूनिट बता दें कि देवीसौड़ में बन रहा पुल स्टील आर्च ब्रिज होगा जो दिचली-गमरी व टिहरी जनपद को जोड़ने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा आर्च है
Pahado Ki Goonj June 29, 2018

