गढ़भोज रेस्टोरेंट उत्तराखण्ड की एक पहचानल क्ष्मण सिंह रावत
किसी भी समुदाय की पहचान उसकी बोली-भाषा एवम खान-पान से होती है लेकिन दुर्भाग्य से हमारी देवभूमि उत्तराखण्ड से ये दोनों चीज़े धीरे धीरे विलुप्त सी हो रही है। वर्तमान में इसी को बचाने का एक भगीरथ प्रयास कर रहे है लक्ष्मण सिंह रावत।0ल
देहरादून में गढ़भोज रेस्टोरेंट खोलकर पहाड़ का खान-पान दुनिया के सामने रखकर जो प्रयास ये कर रहे है वो बहुत ही प्रशंसनीय है, भगवान बद्री विशाल से यही प्राथना है कि भाई लक्ष्मण के इस प्रयास को जरूर सफलता मिले और हमारे पहाड़ का खान-पान जीवित रहे सके।
इन्ही शुभकामनाओ के साथ आपसब भी जरूर एक बार सपरिवार राजपुर स्थित गढ़भोज रेस्टोरेंट में जरूर जाए अपने मुल्क का स्वाद चखे ताकि इनके प्रयास को सफलता मिले।
श्री बद्रीनाथ जीके लिए तिल के तेल का गाडू घड़ा कर्णप्रयाग से डिमर पहुंचने पर डिमरी समुदाय ने भव्य स्वागत किया है
Thu Apr 12 , 2018
श्री बद्रीनाथ जीके लिए तिल के तेल का गाडू घड़ा कर्णप्रयाग से डिमर पहुंचने पर डिमरी समुदाय ने भव्य स्वागत किया है। इस अबसर पर मुख्य कार्यधिकारी बी डी सिहं नेश्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को दान दी गई भूमि पर भवन बनाने की बात की गाडू घड़ा के भव्य […]

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