केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने सामाजिक न्याय, जनकल्याणकारी योजनाओं और समावेशी विकास पर दिया जोर
– केंद्र सरकार अनुसूचित जाति, ओबीसी, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : श्री रामदास अठावले
– जन धन, मुद्रा, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला जैसी प्रमुख योजनाओं से करोड़ों नागरिक लाभान्वित हुए : श्री रामदास अठावले
– प्रश्नपत्र लीक मामलों में कड़ी कार्रवाई तथा सभी राजनीतिक दलों से संसद के शांतिपूर्ण एवं सुचारु संचालन की अपील : श्री रामदास अठावले
– मोदी सरकार के 12 वर्षों में अभूतपूर्व निर्णय लिए गए : श्री रामदास आठवले
– उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मेरे अच्छे मित्र हैं, उनके नेतृत्व में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है : श्री रामदास आठवले
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले शुक्रवार को दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंचे। उन्होंने बीजापुर गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी दी।
श्री अठावले ने कहा कि भारत सरकार विभिन्न प्रमुख योजनाओं एवं नीतिगत पहलों के माध्यम से सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर, वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
श्री अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देशभर में करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत देशभर में 58.30 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें उत्तराखंड में 40.91 लाख खाते शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देशभर में 58.31 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जबकि उत्तराखंड में 36.87 लाख लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी प्रमुख योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अठावले ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देशभर में 12.17 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए 790 केंद्रों की स्थापना, वृद्धाश्रमों को सहयोग, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा एमएसएमई एवं युवा उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सामाजिक न्याय एवं आरक्षण पर श्री अठावले ने कहा कि आरक्षण संविधान प्रदत्त व्यवस्था है तथा इसका विरोध संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की परिकल्पना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी आरक्षण का लाभ दिलाने की थी, हालांकि उस समय यह संभव नहीं हो पाया। प्रस्तावित जातीय जनगणना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण पर श्री अठावले ने कहा कि महिला आरक्षण की पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परिसीमन की प्रक्रिया व्यापक राजनीतिक सहमति के साथ आगे बढ़ेगी।
प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर श्री अठावले ने कहा कि सरकार ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाया है, जिसके तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने समाज से भी ऐसे तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करने का आह्वान किया।
मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए श्री अठावले ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में संसद के सुचारु संचालन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को अपना अच्छा मित्र बताते हुए उनके नेतृत्व में राज्य में संचालित विकास कार्यों की सराहना की।
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*हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी, 9 से 17 अगस्त तक होंगे देशभक्ति के विविध कार्यक्रम*
*मुख्य बाजारों और शॉपिंग मॉल में लगेगी तिरंगा प्रदर्शनी, हर विधानसभा क्षेत्र में निकलेगी तिरंगा रैली*
*सरकारी कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों में तिरंगा थीम पर होगी आकर्षक विद्युत सज्जा*
*देहरादून, 08 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति एवं राष्ट्र गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद देहरादून में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 9 से 17 अगस्त तक विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से आमजन को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ने के साथ ही स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्र उत्सव के रूप में भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनपदवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व ही नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, गौरव और एकजुटता की भावना को अभिव्यक्त करने का अवसर भी है। उन्होंने जनपदवासियों से पूरे उत्साह के साथ अभियान में भागीदारी कर राष्ट्र उत्सव ‘इंडिपेंडेंस डे’ को भव्य एवं यादगार बनाने का आह्वान किया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत जनपद की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तिरंगा रैली आयोजित की जाएगी। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में तिरंगा थीम पर रंगोली सहित विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही मुख्य बाजारों एवं प्रमुख शॉपिंग मॉल में तिरंगा प्रदर्शनी लगाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ा जा सके और स्वतंत्रता दिवस के प्रति उत्साह का वातावरण तैयार किया जा सके।
उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर पर्यटन विभाग द्वारा 9 अगस्त को तिरंगा साइकिल रैली एवं तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया जाएगा। रैलियों के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रध्वज के सम्मान एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस से पूर्व जनपद के सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को तिरंगा थीम पर आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। इससे शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वतंत्रता दिवस के उत्सव का माहौल और अधिक जीवंत एवं आकर्षक बनेगा।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराएं तथा देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें। सामूहिक सहभागिता से स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को एकता, गौरव और देशभक्ति के उत्सव के रूप में मनाने का संदेश दिया जाएगा।
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15 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है असर
जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना आवश्यक है। जिन उपभोक्ताओं ने 15 अगस्त तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई, उन्हें आगे गैस सिलेंडर की आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी कराने की अपील की है।
गैस कंपनियों के अनुसार, ई-केवाईसी पूरी नहीं होने पर संबंधित कनेक्शन को निष्क्रिय श्रेणी में रखा जा सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू श्रेणी के तहत मिलने वाले लाभ प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें नियमानुसार व्यावसायिक श्रेणी के सिलेंडर की दरों के अनुसार शुल्क देना पड़ सकता है।
घरेलू गैस कनेक्शनों का आधार आधारित सत्यापन किए जाने का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना तथा फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान करना है। इसके साथ ही वास्तविक उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड अपडेट करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। पीएनजी और एलपीजी दोनों प्रकार के कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं का डाटा भी इस प्रक्रिया के माध्यम से बेहतर तरीके से चिन्हित किया जा सकेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी, गैस एजेंसी संचालकों और गैस कंपनियों के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करा लें।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अलावा कई गैस कंपनियों द्वारा अपने मोबाइल ऐप और अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। घर-घर सिलेंडर पहुंचाने वाले डिलीवरी कर्मियों के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि 15 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले ई-केवाईसी अवश्य करा लें, ताकि भविष्य में गैस आपूर्ति से संबंधित किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।






