गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से दोनों धामों में की गई पहली पूजा

गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर धामी ने की विशेष पूजा-अर्चना
सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए राज्य में किये गये हैं व्यापक प्रबंधः मुख्यमंत्री
देहरादून। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2026 का भी शुभारंभ हो गया है। दोनों धामों में प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार रविवार को मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनात्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।
गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोह में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉं गंगा के मंदिर में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की और देव डोली से आशीष भी प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। उत्तराखण्ड के चारधाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं, और इन दिव्य धामों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने की इच्छा हर श्रद्धालु के हृदय में रहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्थाएँ की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। साथ ही, यात्रा मार्गों पर सुचारु यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को दिव्य धामों का आशीर्वाद प्राप्त होने के साथ-साथ यात्रा का एक सुखद, सुरक्षित और अविस्मरणीय अनुभव मिले। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के सफल आयोजन हेतु सहयोग की अपील करते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आग्रह भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक रेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, दायित्वधारी प्रताप पंवार, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशान्त आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्रा, मुख्यमंत्री के गढ़वाल कोर्डिनेटर किशोर भट्ट,मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मांनंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, जोशीमठ त्रिमुडिया मेला संपन्न

चमोली। गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट खुलने से चारधाम यात्रा का अगाज हो गया है। अब केदाररनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जोशीमठ स्थित नरसिंह मंदिर में पौराणिक त्रिमुडिया मेले का भव्य आयोजन हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में पीपलकोटी के पास ‘ह्यूणा’ नामक स्थान पर त्रिमुडिया वीर का आतंक था, जो नरबलि लिया करता था। तब मां दुर्गा ने उसे वश में कर जोशीमठ लाकर यह शर्त रखी कि हर वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले उसे बकरे, कच्चे चावल और गुड़ का भोग लगाया जाएगा। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए आज देव पूजाई समिति के तत्वावधान में उग्रवीर देवता को विधिवत भोग अर्पित किया गया।
मेले के दौरान विभिन्न देवी-देवताओं के पश्वा अवतरित हुए। उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस आयोजन में रैंकवाल पंचायत की अहम भूमिका रही। जिन्होंने माता दुर्गा का आलम त्रिमुडिया वीर के लिए लाकर परंपरा को आगे बढ़ाया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र सती, सचिव प्रकाश नेगी और कोषाध्यक्ष आशिष चंद्र सती मौजूद रहे। वहीं रैंकवाल पंचायत के अध्यक्ष अनूप नेगी, उपाध्यक्ष सोहन सिंह बैजवाणी और सचिव सुभाष पंवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने में दुर्गा जी के पश्वा भोला सिंह नामण, भुवनेश्वरी के पश्वा आदित्य भूषण सती, चंडिका जी के पश्वा प्रकाश नेगी, दाणी माता के पश्वा अंकित मेहरा और त्रिमुडिया के पश्वा कन्हैया बेजवाड़ी की विशेष भूमिका रही।त्रिमुडिया मेले के सफल आयोजन के साथ ही अब बदरी विशाल के कपाट खुलने की तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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श्री ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए रवाना हुई बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली

22 अप्रैल को प्रातः 08 बजे शुभ मुहूर्त में खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
भव्य सजावट, कड़े सुरक्षा प्रबंध और उत्साह के साथ शुरू हुई पवित्र डोली यात्रा
रुद्रप्रयाग। आस्था और श्रद्धा के प्रतीक भगवान श्री केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई। परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार मंदिर की परिक्रमा के उपरांत डोली ने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
डोली प्रस्थान के दौरान पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में भक्त डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकले। डोली प्रस्थान से पूर्व ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ा, जहां भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर परिसर को लगभग आठ कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। पूर्व परंपरा के अनुसार शनिवार रात्रि को भैरवनाथ जी की पूजा-अर्चना भी संपन्न की ।निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन देने हेतु अल्प विश्राम किया जाएगा। इसके पश्चात डोली फाटा के लिए प्रस्थान करेगी, जहां रात्रि विश्राम निर्धारित है। आगामी 20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।
21 अप्रैल को प्रातः गौरीकुंड से प्रस्थान कर डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी और मंदिर भंडार में विराजमान होगी। तत्पश्चात 22 अप्रैल को प्रातः 08ः00 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ होगा।
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग एवं मुख्य कार्याधिकारी बी.के.टी.सी. विशाल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार डोली यात्रा एवं इस यात्रा सीजन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत, सड़क एवं पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, बर्फ हटाने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगभग पूर्ण कर ली गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि यात्रा सुचारू, सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं में बाबा केदार के प्रति गहरी आस्था एवं उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 19 अप्रैल को भगवान श्री केदारनाथ जी की चल-विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर फाटा पहुंची । इसके उपरांत आज 20 अप्रैल को डोली प्रातः फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित पवित्र गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। डोली यात्रा के अगले चरण में 21 अप्रैल को प्रातः गौरीकुंड से प्रस्थान कर भगवान की डोली श्री केदारनाथ धाम स्थित मंदिर भंडार पहुंचेगी। इसके साथ ही धाम में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम विधिवत प्रारंभ हो जाएगा, तथा 22 अप्रैल को प्रातः 8ः00 बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
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विधानसभा चुनाव में कम से कम 2 टिकट स्वतंत्रता सेनानी परिवार के लिए मांगे

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, देहरादून में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की उपस्थिति में प्रदेश कांग्रेस के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण एवं निर्णायक बैठक मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ श्रीगोपाल नारसन के संचालन में आयोजित की गई।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश जिन स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों की बदौलत आज़ाद है, उसी देश में उनकी विचारधारा और मूल्यों को लगातार कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि “आज हम जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्तमान सरकार शहीदों के सपनों के भारत को कमजोर करने में लगी हुई है।”प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलती आई है, जबकि आज सत्ता में बैठे लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और देश की मूल भावना को आघात पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के बताए मार्ग पर चलते हुए अन्याय, अत्याचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त आवाज उठाएं तथा देश और प्रदेश को सही दिशा देने के लिए संघर्ष तेज करें।स्वतंत्रता सेनानी कांग्रेस प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मुरली मनोहर की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन को मजबूत करने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों के सम्मान की रक्षा करने और उनके अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर प्रकोष्ठ के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र सैनी ने हाथ के पंजे पर लाजवाब गीत सुनाया,तो प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी पंडित तारा चंद वत्स के पुत्र श्रीपाल वत्स ने सेनानी परिवारों के सम्मान पर बल दिया,जबकि श्रीगोपाल नारसन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से विधानसभा चुनाव में कम से कम 2 टिकट स्वतंत्रता सेनानी परिवार के लोगो को देने की मांग की। कांग्रेस प्रकोष्ठ के महामंत्री अवधेश पन्त ने प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली एवं भविष्य के कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष से निवेदन किया कि पिछले 10 वर्षों से वर्तमान सरकार द्वारा तिरस्कृत एव स्वतंत्रता आंदोलन की विरोधी रही सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस को अपनी मूल स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को एकत्रित और सम्मानित करना होगा उन्होंने मांग की कि2027 में होने वाले चुनाव के घोषणा पत्र में कांग्रेस स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को प्रमुख स्थान देते हुए उनकी जायज मांगों को पूर्ण करने का भरोसा दिलाए प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को चरखा एवं गंगा माई की चुनरी ओढा कर स्वागत किया गया सभा में विशेष रूप से कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा महर दसौनी,विधायक एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्य लखपत सिंह बुटोला,उत्तराखंड के जनकवि अतुल शर्मा ,संरक्षक गोवर्धन प्रसाद शर्मा ,बागेश्वर के गिरीश चंद्र जोशी ,राज्य आंदोलनकारी एवं रक्तदान के क्षेत्र में विशेष कार्य हेतु मोहन खत्री, ऊर्जावान युवा कांग्रेसी नितिन चंचल जी आदि को चरखा एवं गंगा माई की चुनरी उड़ा कर विशेष सम्मान प्रदान किया गया सभा में मुख्य रूप से कांग्रेस के महामंत्री संजय शर्मा मोहन काला काशीपुर से सुशील गुड़िया नैनीताल हल्द्वानी से शोभा बिष्ट अपनी सहयोगियों के साथ अल्मोड़ा से इंद्रलाल आर्य जी बागेश्वर से जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पांडे हरिद्वार से श्रीगोपाल नारसन, सुरेंद्र कुमार सैनी, अदनान ,नवीन शरण निश्चल, सुरेंद्र सिंह बुटोला, सत्य प्रकाश चौहान, सुधीर कौशिक, राकेश पंत, राकेश डोभाल ,सुभाष जायसवाल ,जयदेव एवं समस्त जिलों के पदाधिकारी गण मौजूद रहे।
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दून में सिटीजन फोरम ने सफाई व्यवस्था के लिए लॉन्च किया एप
मेयर पर लगाया सफाई व्यवस्था की अनदेखी का आरोप
देहरादून। सिटीजन फोरम के संरक्षक अनूप नौटियाल और जगन मोहन मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि मेयर दून सफाई व्यवस्था की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। कूड़ा रहित दून बनाने के लिए देहरादून प्रेस क्लब में नागरिक केंद्रित मोबाइल एप्लीकेशन सफाई मित्र लॉन्च किया गया। फोरम के सदस्यों ने देहरादून नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर पर कड़ी नाराजगी जताई।
‘न जलाओ, न छिपाओ, न बहाओ’ स्लोगन के साथ दून को पूरी तरह से कूड़ा रहित बनाने के लिए अनूप नौटियाल और जगनमोहन मेंहदीरत्ता ने कहा कि, दो साल पहले सिटीजन फोरम ने वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर ही अपना मिशन शुरू किया गया था। लेकिन व्यवस्था पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जो कि बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। मेयर सिर्फ उद्घाटनों को करने में ही में व्यस्त हैं।
अनूप नौटियाल ने कहा कि दून में कचरा फैला हुआ है। दून में वास्तव में कचरा होना ही नहीं चाहिए। कूड़ा जलाने की परंपरा पूरी तरह से समाप्त होनी चाहिए। दून के 15 लाख लोगों को सम्मुख हम अपना एक ऐप भी लॉन्च कर रहे हैं। हम नगर निगम और उसके मेयर को आईना भी दिखाएंगे। स्वच्छता पेट्रोलिंग कहीं पर भी नहीं हो रही है। मेयर की ओर से समय समय पर कई वायदे किए गए, लेकिन कोई वायदा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने रिपोर्ट कार्ड भी मीडिया के सम्मुख रखा।
अनूप नौटियाल ने यह भी कहा कि, भाजपा संगठन पर्यावरण और सफाई व्यवस्था की स्वयं सुध ले और देहरादून नगर निगम में एक महिला को डिप्टी मेयर बनाया जाए। साथ ही प्रदेश के 10 नगर निगमों की बैठक स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर नियमों को सख्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को जागरूक होना होगा।
फोरम के प्रतिनिधियों ने कहा कि, कई बैठक को संवादों और जनसंपर्क कार्यक्रमों जैसे मेयर संवाद और दून लाइब्रेरी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा के बावजूद जमीन स्तर पर परिणाम सीमित रहे हैं। संवाद तो हुआ है, लेकिन ठोस कार्रवाई की कमी रह गई। इसलिए साफ सफाई को लेकर बार-बार आश्वासनों के बावजूद सुधार न दिखने से जनता में निराशा बढ़ रही है।
लॉन्च किए गए एप के बारे में जानकारी देते हुए प्रतिनिधियों ने बताया कि, सफाई मित्र मोबाइल एप्लीकेशन का उद्देश्य मौजूदा सिस्टम को बदलना नहीं बल्कि नागरिक सहभागिता को बढ़ाना और अंतिम स्तर तक जवाब देही सुनिश्चित करना है। यह ऐप नागरिकों को कचरे से संबंधित समस्याएं जैसे कचरा जमा होना, कचरा नहीं उठना या कचरा जलाना सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा देगा।
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हरिद्वार। भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष देशभर में भारतीय शिक्षा बोर्ड संबद्ध विद्यालयों के के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

परिणामों में विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन व शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। बोर्ड की ओर से बताया गया है कि विद्यार्थी अपना परिणाम डिजिलॉकर पर जाकर कुछ जरूरी जानकारी देकर जान सकते हैं।
कक्षा 10 में ऑल इंडिया स्तर पर प्रथम स्थान अश्मिता बसनेट (485/500, 97 प्रतिशत) आचार्यकुलम, कुमारिकाता असम ने प्राप्त किया। वहीं, द्वितीय स्थान प्रियंम चक्रवर्ती (463/500, 92.60 प्रतिशत) आचार्यकुलम चिरांग असम और तृतीय स्थान एंजेल (462/500, 92.40 प्रतिशत) पतंजलि गुरुकुलम टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड को प्राप्त हुआ।
विषयवार परिणाम में गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान में अश्मिता बसनेट (97, 97, 96) आचार्यकुलम, कुमारीकट्टा असम से रहीं, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में ज्विशामत बसुमतारी (99) आचार्यकुलम चिरांग असम रही।
सूचना प्रौद्योगिकी में रमाशीष (92) पतंजलि गुरुकुलम हरिद्वार उत्तराखंड रही। इसके अलावा हिंदी में एंजेल (94) पतंजलि गुरुकुलम टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड से अव्वल रहीं। साथ ही संस्कृत में प्रगति सिन्हा, रुचि कुमारी व वैष्णवी पंचोली (100/100) पतंजलि गुरुकुलम हरिद्वार उत्तराखंड से रहीं।
सामाजिक विज्ञान में अश्मिता बसनेट व सेविका देवी (97) आचार्यकुलम कुमारीकट्टा असम से शीर्ष स्थान पर रहीं। पेंटिंग में माधवी त्यागी (99) विकास ग्लोबल स्कूल सिमरौली, हापुड़ उत्तर प्रदेश रही। इसके अलावा पंजाबी में सपना (84) शिशु निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल श्रीगंगानगर, राजस्थान से रहीं। असमिया में बर्निल कश्यप सुबदीप देबनाथ व प्रिया बैश्य (93) आचार्यकुलम चिरांग असम व बोडो में सुजुमा ब्रह्मा (79) आचार्यकुलम चिरांग असम से रहीं।
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केदारनाथ यात्रा 2026: हाई-टेक निगरानी के साथ तैयारियां पूरी

पैदल मार्ग पर स्वास्थ्य, पेयजल, खाने-रहने के साथ शौचालय और सुरक्षा के पूरे इंतजाम
यात्रा मार्ग पर ग्लेशियरों पर भी रहेगी पैनी नजर
यात्रा मार्ग पर खतरा बने डेंजर प्वाइंट पर भी प्रशासन की कड़ी निगरानी
रुद्रप्रयाग। 11वें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल की सुबह आठ बजे आम श्रद्धालुओं के दर्शन को लेकर खोल दिए जाएंगे। ऐसे में जिला प्रशासन स्तर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, पेयजल के साथ ही रहने और खाने की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है, जबकि गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर हाईटेक तकनीकी की मदद से नजर रखी जाएगी , जिससे कोई घटना होने पर त्वरित कार्यवाही की जा सके।
केदारनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष यात्रा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। प्रशासन द्वारा गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी के लिए एक हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। इसके तहत एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से यात्रा रूट पर हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यात्रा मार्ग पर 90 कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर एंगल से निगरानी संभव हो सकेगी।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार ने बताया कि इस अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली से यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है।
वही, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि 11वें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधिवत खोल दिए जाएंगे। इस पावन अवसर को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, शुद्ध पेयजल, भोजन एवं आवास की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक के पैदल मार्ग पर आधुनिक हाईटेक निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है। इस तकनीक के माध्यम से पूरे मार्ग पर सतत नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया जाए, जिससे उनकी यात्रा यादगार और निर्बाध बन सके। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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सार्वजनिक आयोजनों में शराब परोसने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
अखोड़ी ग्राम पंचायत में महिला मंगल दल की पहल
रुद्रप्रयाग। क्यूंजा घाटी की ग्राम पंचायत अखोडी में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। यहां आयोजित महिला मंगल दल की बैठक में गांव को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता महिला मंगल दल की अध्यक्ष अनीता देवी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
बैठक में सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने और नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में होने वाले किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम, सामाजिक आयोजन या समारोह में शराब परोसने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। महिलाओं ने कहा कि शराब की वजह से परिवारों में कलह, आर्थिक संकट और सामाजिक असंतुलन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई इस निर्णय का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद महिला मंगल दल के नेतृत्व में गांव में जन-जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली के दौरान “नशा छोड़ो, समाज जोड़ो” और “स्वस्थ गांव, खुशहाल परिवार” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
इस पहल को जिला पंचायत सदस्य अजयवीर भण्डारी और सामाजिक कार्यकर्ता कुंवर सिंह नेगी ने समर्थन देते हुए महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। महिला मंगल दल की सचिव सुषमा देवी ने कहा कि महिलाओं की एकजुटता से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर समाज निर्माण में योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम में पूर्व प्रधान रेखा देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रशिम देवी, कोषाध्यक्ष अनीता देवी सहित ममता देवी, मीना देवी, उषा देवी, सरिता देवी, सुनीता देवी, संगीता देवी, प्रेमदेई देवी, शांति देवी, प्रेमलता देवी और गुड्डी देवी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।
ग्राम पंचायत अखोडी में लिया गया यह निर्णय न केवल क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।
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केदारनाथ हाईवे के सीतापुर में राजमार्ग की हालत खराब
लोनिवि सचिव ने नाराजगी जाहिर कर जताया रोष
चारधाम यात्रा को लेकर लोनिवि सचिव ने लिया हाईवे का जायजा

दो दिन में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
रुद्रप्रयाग। आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर लोक निर्माण विभाग सचिव पंकज कुमार पांडेय ने राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-07 एवं एनएच-107 का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्यों को अगले दो दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने मार्ग पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने, धूल की समुचित सफाई सुनिश्चित करने तथा एनएच-107 के देविधार और रामपुर-खुमेरा खंड को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सोनप्रयाग स्लाइड ज़ोन पर जाली लगाकर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। सचिव पांडेय ने कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सभी कर्मियों के लिए हेलमेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य बताया।
उन्होंने एनएच-107 के कम चौड़ाई वाले स्थानों, जिसमें विशेष रूप से ब्यूंग, कोर्खी एवं सीतापुर से पूर्व के क्षेत्रोंकृमें तकनीकी परीक्षण कर दीवार निर्माण के माध्यम से सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव पर शीघ्र कार्यवाही करने को कहा।
इसके अलावा, सीतापुर के समीप लोक निर्माण विभाग के मार्ग की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दो दिनों के भीतर सड़क को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए। सचिव ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा को देखते हुए सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे, अधिशासी अभियंता लोनिवि रुद्रप्रयाग इंद्रजीत बोस, अधिशासी अभियंता लोनिवि उखीमठ आर.पी. नैथानी तथा अधिशासी अभियंता डीडीएमए राजविंद सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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मक्कूमठ से आज हिमालय के लिए रवाना होंगे बाबा तुंगनाथ
22 अप्रैल को खुलेंगे तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट
रुद्रप्रयाग। पंच केदारो में तृतीय केदार के नाम से विश्व विख्यात व हिमालय में सबसे ऊंचाई पर विराजमान भगवान तुंगनाथ की यात्रा का आगाज आज सोमवार को शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से होगा। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से कैलाश के लिए रवाना होगी तथा 22 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुंचने पर तुंगनाथ धाम के कपाट वेद ऋचाओं व बम-बम भोले के उदघोषो के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जाएंगे।
मन्दिर समिति द्वारा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से रवाना होने तथा आगामी कपाट खुलने की सभी तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। जानकारी देते हुए डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित ने बताया कि सोमवार आज भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चारण, भक्तों की जयकारों व महिलाओं के धार्मिक मांगल गीतों के साथ शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से कैलाश के लिए रवाना होगी तथा प्रथम रात्रि प्रवास के लिए गांव के मध्य भूतनाथ मन्दिर पहुंचेगी जहाँ पर ग्रामीणों द्वारा पुढखी मेले का आयोजन कर भगवान तुंगनाथ को नये अनाज का भोग अर्पित कर विश्व समृद्धि व क्षेत्र के खुशहाली की कामना की जायेगी। तुंगनाथ मन्दिर समिति प्रबन्धक बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि 21 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भूतनाथ मन्दिर से कैलाश के लिए रवाना होगी तथा पाव, चिलियाखोड़, पंगेर, बनियाकुण्ड यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी तथा 22 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली चोपता से रवाना होकर विभिन्न सुरम्य मखमली बुग्यालों में नृत्य करते हुए तुंगनाथ धाम पहुंचेगी तथा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के तुंगनाथ धाम पहुंचने पर तुंगनाथ धाम के कपाट वेद ऋचाओं के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि मन्दिर समिति के पदाधिकारियों व अधिकारियों के निर्देश पर भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से कैलाश रवाना होने तथा कपाट खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। शिक्षाविद धीर सिंह नेगी ने बताया कि तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने के पावन अवसर पर देहरादून निवासी सुरेन्द्र असवाल, योगेन्द्र भंडारी व अन्य भक्तों के सहयोग से विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी तुंगनाथ मन्दिर को लगभग आठ कुन्तल विभिन्न प्रजाति के फूलों से सजाया जा रहा है तथा भक्तो मे भारी उत्साह बना हुआ है।
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