देहरादून। नगर निगम की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर अब सत्तारूढ़ दल के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि इस बोर्ड में सबसे ज्यादा जमीनों पर अवैध् कब्जे हो रहे हैं जिसका वह सबूत भी दे सकते हैं, ऐसे में सवाल ये उठता है कि नगर निगम की जमीनों पर कब्जे करवाने के पीछे आखिर कौन खेल खेल रहा है। गुरुवार को भाजपा के पार्षदों ने नगर आयुक्त अभिषेक रोहिल्ला से मुलाकात की और उन्हें नगर निगम की जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर अपना विरोध प्रकट किया। पार्षदों का नेतृत्व कर रहे पार्षद भूपेंद्र कठैत का कहना था कि नगर आयुक्त क्या कारण है कि इस बोर्ड में जमीनों के मामलों में निगम बार-बार बैक हो जा रहा है। यह फिर इस बोर्ड में जमीने सबसे ज्यादा खुर्द बुर्द हो रही है। यह साबित भी कर सकता हूँ। उन्होने कहा कि अगर हम अपनी जमीन बचाने में सक्षम नहीं है तो क्यू ना अपने नगर निर्माण की जमीनो पर एसआईटी की जाँच करवा ले या फिर क्यू ना चुपचाप बैठकर या दलाली खाकर माफिया के आगे नतमस्तक हो जाये। डालनवाला थाना के साथ माध्व राम क्वाटर के समीप उस समय के डीएम नगर आयुक्त, मेयर और व समस्त पार्षदों और कर्मचारियों के द्वारा उस जमीन को बचाई गई थी और उस पर गेट लगवाकर चार दीवारी और कमरा बनाया गया था। परन्तु दुर्भाग्य है उसमे जो जमीन बचाई थी। आज कल उन जमीनो पर चोरी-चोरी टैक्स लगवाया जा रहा है, ताकि माफिआयो को कोर्ट जाने का बहाना मिल जाये और उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस किसी ने भी यह टैक्स लगवाया है। उसके खिलाफ मुकदमा कायम कराया जाये नहीं तो हम इसकी एसआईटी जाँच की मांग करेंगे और अगर तीन दिन के अन्दर कार्यवाही नहीं होती है तो मजबूर होकर नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालो में नंदनी सिंह, विनय कोहली महिपाल ध्ीमान, सुखवीर सिंह, विनोद कुमार, संजय नौटियाल आदि शाामिल रहे।
कूमायू में बैठकी होली की धूम, जम रही महफिलें
Thu Mar 3 , 2022
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध अल्मोड़ा में इन दिनों बैठकी होली की धूम मची हुई है। यहां देर रात तक होली गायन की महफिलें जम रही हैं। इसमें देर रात तक शास्त्रीय रागों पर आधारित होली के गीतों का गायन किया जा रहा है। सांस्कृतिक नगरी में बैठकी […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

