टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त 2026
*मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत उद्यम आईईसी/प्रचार वाहन को फ्लैग ऑफ*

जनपद टिहरी गढ़वाल में आज शुक्रवार, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखंड द्वारा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत चौपाल-2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने, क्रेता-विक्रेता के बीच समन्वय स्थापित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के अंतर्गत उद्यमों एवं योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उद्यम आईईसी/प्रचार वाहन को फ्लैग ऑफ माननीय अतिथियों द्वारा किया गया, जिनमें उपाध्यक्ष ग्रामीण विकास विभाग श्री जोत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष युवा कल्याण परिषद श्री विनोद सुयाल, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद (दर्जाधारी मंत्री) श्रीमती विनोद उनियाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री (अन्य पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष) श्री खेम सिंह चौहान, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, उद्यमी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त 2026
*जिला गंगा समिति की बैठक में सीवरेज एवं एसटीपी कार्यों की समीक्षा*
जिला गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस दौरान परियोजना प्रबंधक, गंगा इकाई ऋषिकेश द्वारा अवगत कराया गया कि मुनिकीरेती-ढालवाला में निर्माणाधीन 8 एमएलडी एसटीपी प्लांट का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा वर्तमान में प्लांट कार्यशील है।
बैठक में 300 केएलडी एसटीपी प्लांट के निर्माण कार्य को सितंबर माह के प्रथम सप्ताह से पुनः प्रारंभ करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर एवं परियोजना प्रबंधक, गंगा इकाई ऋषिकेश को दिए गए।
वहीं, कीर्तिनगर में 10 केएलडी एसटीपी प्लांट के अपग्रेडेशन का कार्य गतिमान है। अपग्रेडेशन के पश्चात प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 65 केएलडी किए जाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही कीर्तिनगर के अन्य दो नालों को भी उक्त एसटीपी से जोड़ने का प्रस्ताव है।
बैठक में एनजीटी के मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। मानकों के अनुसार 20 से अधिक कमरों वाले होटल एवं संस्थानों में स्वयं का एसटीपी अथवा एफएसटीपी स्थापित किया जाना अनिवार्य है। इसके क्रम में तपोवन क्षेत्र में 20 से अधिक कमरों वाले 65 होटल चिह्नित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने मुनिकीरेती पालिका क्षेत्र में भी 20 से अधिक कमरों वाले होटल एवं संस्थानों को चिह्नित कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही इन होटल एवं संस्थानों में एसटीपी तथा सीवर संयोजन की स्थिति की जांच के लिए समिति गठित कर स्थलीय निरीक्षण एवं जांच करने के निर्देश दिए गए।
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टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त 2026
*राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर टिहरी में पांच खेलों की जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 28 व 29 अगस्त को*
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल निदेशालय, उत्तराखण्ड के निर्देश/मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, टिहरी गढ़वाल के सौजन्य से जिला खेल कार्यालय, टिहरी गढ़वाल, नरेंद्रनगर द्वारा 28 अगस्त व 29 अगस्त 2026 को विभिन्न जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं का आयोजन 29 अगस्त को खेल दिवस के शुभ अवसर पर खिलाड़ियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने एवं उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
जिला क्रीड़ाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में ओपन बालक वर्ग सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता बौराड़ी स्टेडियम, नई टिहरी में आयोजित होगी। ओपन बालक वर्ग सिंगल्स/डबल्स बैडमिंटन प्रतियोगिता बैडमिंटन हॉल, जिला खेल कार्यालय, नरेंद्रनगर में होगी।
इसी प्रकार जूनियर बालक वर्ग हॉकी प्रतियोगिता तथा ओपन बालक वर्ग हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन श्री पूर्णानन्द स्टेडियम, मुनि की रेती में किया जाएगा। वहीं जूनियर अंडर-19 बालक वर्ग बास्केटबॉल प्रतियोगिता श्री ओमकारानन्द स्कूल, मुनि की रेती में आयोजित होगी।
जिला खेल कार्यालय ने जनपद टिहरी गढ़वाल के सभी खिलाड़ियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग कर प्रतियोगिताओं को सफल बनाएं।
प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल विभाग के मानकों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उपविजेता टीमों तथा खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
प्रतियोगिताओं से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए जिला खेल कार्यालय अथवा संबंधित प्रशिक्षकों से संपर्क किया जा सकता है। हॉकी के लिए कोचिंग प्रशिक्षक सनन्त कुमार से मोबाइल नंबर 7895541511, बैडमिंटन के लिए कोचिंग प्रशिक्षक अमित प्रजापति से 8979419076, बास्केटबॉल के लिए कोचिंग प्रशिक्षक वहीद अहमद से 9456130071, सॉफ्टबॉल के लिए कोचिंग प्रशिक्षक यजुवेन्द्र चौहान से 9568022304 तथा हैंडबॉल के लिए कोचिंग प्रशिक्षक अर्जुन प्रसाद से 9897154775 के नम्बरों पर संपर्क कर सकते है।
सभी प्रतियोगिता प्रातः 09 बजे से शुरू होगी।
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टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त 2026
*खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण, 8 खाद्य नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे*

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड विनय शंकर पांडे के निर्देशानुसार एवं जिलाधिकारी टिहरी के मार्गदर्शन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं एनालॉग पनीर तथा गैर-दुग्ध उत्पादों के अनधिकृत प्रयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जनपद टिहरी की टीम द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
विशेष अभियान के तहत बद्रीनाथ मार्ग स्थित विभिन्न होटल एवं रेस्टोरेंटों में संचालित किचन एवं स्टोर का निरीक्षण कर खाद्य निर्माण में प्रयुक्त दुग्ध पदार्थों के वास्तविक स्रोत, अन्य कच्चे माल की खरीद एवं बिल, निर्माण प्रक्रिया में प्रयुक्त सामग्री, उत्पादों की लेबलिंग एवं पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि एवं आवश्यक घोषणाओं की जांच की गई। साथ ही किचन में साफ-सफाई एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का भी निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अलोहा, रोजैट एवं होटल ताज सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों के किचन एवं स्टोर में खाद्य पदार्थों के भंडारण की स्थिति, FIFO प्रणाली के अनुपालन, खाद्य निर्माण में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट तथा किचन में कार्यरत कर्मचारियों के चिकित्सीय परीक्षण संबंधी अभिलेखों की भी जांच की गई। प्रतिष्ठान संचालकों को किचन में स्वच्छता बनाए रखने तथा FIFO प्रणाली का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान दाल, आटा, पोहा, सब्जी, चीनी, मैदा एवं बेकरी उत्पाद सहित कुल 8 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें जांच हेतु खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व उपायुक्त, गढ़वाल मंडल राजेंद्र सिंह रावत ने किया। अभियान में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, जनपद टिहरी प्रमोद रावत, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलवंत चौहान सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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टिहरी गढ़वाल, 21 अगस्त 2026
*सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत सौड़ उप्पू में कार्यक्रम कल*
मा. मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार की प्राथमिकताओं में सम्मिलित ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के तहत विकासखंड थौलधार की ग्राम पंचायत सौड़ उप्पू (रूड़ियाडांग) में 22 अगस्त 2026 को कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10 बजे से किया जाना प्रस्तावित है।
कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत क्षेत्र में भ्रमण एवं बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त करने के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली जाएगी।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए संबंधित विभागों के खण्डस्तरीय अधिकारियों एवं कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को अपने-अपने विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं से संबंधित सूचनाओं के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यक्रम का संपादन महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, नरेंद्रनगर के माध्यम से किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना है ।
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*मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल-2026 के अंतर्गत टिहरी में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित*
*स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की पहल, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र वितरित*
टिहरी/21 अगस्त, 2026;* ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत क्रीड़ा भवन टिहरी में चौपाल-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसका शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा विधि-विधान से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान अतिथियों ने स्वयं सहायता समूहों एवं उद्यमियों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अभिभाषण लाइव वर्चुअल माध्यम से सुना और उद्यमिता, स्वरोजगार एवं महिला सशक्तीकरण से जुड़े उनके विचारों एवं संदेश को जाना।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना एवं चौपाल के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न प्रकार के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन इन उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और विपणन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना की स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी और इसके माध्यम से जनपद में अब तक लगभग ढाई करोड़ रुपये तक का लाभ समूहों को प्राप्त हो चुका है। कार्यक्रम में लखपति दीदियों, उद्यमियों, क्रेता एवं विक्रेताओं से संवाद भी किया गया।
उपाध्यक्ष ग्रामीण निर्माण विभाग जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि मातृशक्ति का आत्मनिर्भरता की दिशा में किया जा रहा कार्य सभी के लिए प्रेरणादायक है। महिलाओं ने छोटे-छोटे अवसरों को अपनी मेहनत और लगन से बड़े उद्यमों में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी क्रेता के रूप में आते थे, आज वही अपने उत्पादों के विक्रेता बनकर सामने आ रहे हैं, यह गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है।
उपाध्यक्षा राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद विनोद उनियाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि एक ही मंच पर क्रेता और विक्रेता का संवाद होना महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में भ्रमण के दौरान यह सामने आता था कि महिला समूहों के सामने उत्पाद तैयार करने के साथ ही उनके विपणन की चुनौती भी है। इस दिशा में अधिकारियों को सकारात्मक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति निरंतर बेहतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का विजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आर्थिकी को मजबूत करना है।
उपाध्यक्ष युवा कल्याण परिषद विनोद सुयाल ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद प्रदेश निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी की बहनों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को अब प्रदेश और देश के साथ ही विदेशों में भी मंच मिल रहा है जो सराहनीय है।
उपाध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग परिषद खेम सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कृषि, उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता और अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का सपना अब साकार होता दिखाई दे रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के साथ ही पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा दे रही है। पंचायतों में मातृशक्ति को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना भी महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशस्ति पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा क्रेता-विक्रेता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष नगर पालिका टिहरी मोहन सिंह रावत, प्रमुख चंबा सुमन सजवाण, प्रमुख थौलधार सुरेंद्र भंडारी, प्रभारी पीडी डीआरडीए (प्रशिक्षु आईएएस) ज्योति, डीडीओ मो. असलम, सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग फर्म से हरेंद्र गर्ग, दिल्ली से कैलाश खेड़े, रानीचौरी की उन्नति ग्राम संगठन से शान्ति कैंतुरा, मुन्नी देवी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, क्रेता-विक्रेता तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं।
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*श्रम सुविधा केन्द्र अन्यत्र स्थानांतरित होने के कारण 22 से 26 अगस्त तक ऑनलाइन संबंधी कार्य रहेंगे स्थगित*
टिहरी गढ़वाल, 22 अगस्त 2026। समस्त निर्माण श्रमिकों को सूचित किया गया है कि श्रम प्रवर्तन कार्यालय टिहरी परिसर में स्थित श्रम सुविधा केन्द्र को अन्यत्र स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके चलते 22 अगस्त से 26 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन से संबंधित कार्य स्थगित रहेंगे।
इस अवधि के दौरान यदि किसी निर्माण श्रमिक की विवाहोपरान्त आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत एक वर्ष की अवधि पूर्ण हो रही है, तो संबंधित श्रमिक अपना आवेदन श्रम कार्यालय, टिहरी में जमा कर सकते हैं।
26 अगस्त 2026 के पश्चात पंजीकरण एवं नवीनीकरण को छोड़कर अन्य सभी कार्य श्रम सुविधा केन्द्र पर पूर्व की भांति किए जाएंगे।
श्रम विभाग ने सभी निर्माण श्रमिकों से उक्त अवधि को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य समय से कराने तथा विभाग को सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
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आयोजित उद्यमशाला चौपाल के दौरान स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न क्रेताओं के बीच कुल 08 एमओयू और परचेज ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए गए, जिनकी कुल राशि 1,06,380 है।
इन एमओयू के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इससे समूहों को अपने उत्पादों की बेहतर बिक्री के साथ-साथ नए बाजारों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिकी को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
कांग्रेस विधायक को मिली जान से मारने की धमकी
हरिद्वार। मंगलौर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री भेजने के साथ ही जान से मारने की धमकी दी है। विधायक की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक काजी मोहम्मद निजामुद्दीन ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके व्हाट्सएप अकाउंट पर दो अलगकृअलग मोबाइल नंबरों से आपत्तिजनक सामग्री भेजी गई। इनमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले ऑडियो, वीडियो और संदेश शामिल थे। इन संदेशों में विधायक की धार्मिक पहचान को निशाना बनाते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि भेजी गई सामग्री में एक नकाबपोश व्यक्ति का वीडियो भी शामिल था। इस वीडियो में नकाबपोश व्यक्ति साफकृसाफ विधायक को जान से मारने की धमकी दे रहा था। विधायक ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिनय चैधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि विधायक की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन मोबाइल नंबरों से धमकी भरे संदेश और आपत्तिजनक सामग्री भेजी गई, उन्हें ट्रेस करने का काम तेजी से चल रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर धरपकड़ की जाएगी। वहीं कांग्रेस विधायक को धमकी देने के मामले के बाद राजनीतिक हल्कों मेें भी हलचल मच गयी है। फिलहाल मंगलौर विधायक का इस मामले में कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे पढ़ेंदो आवासीय मकान भारी खतरे की जद में
मुनस्यारी। तहसील के दूरस्थ् पांतो गांव में लगातार हो रही वर्षा से दो आवासीय मकान भारी खतरे की जद में आ गए हैं। बारिश के चलते जमीन में अत्यधिक नमी बढ़ने के कारण मकानों के आसपास भू-धंसाव और भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया है। इससे गांव निवासी त्रिलोक पुत्र प्रेम सिंह और दुर्योधन पुत्र रुकम सिंह के मकानों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा मंडराने लगा है।
पहाड़ की तरफ से लगातार मिट्टी और बोल्डर खिसकने से दोनों परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। मौसम के तेवरों के बीच पीड़ित परिवार खौफ के साए में रातें काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो तेज बारिश के दौरान मकान कभी भी ढह सकते हैं। यह खतरा हरपल बना रहता है।
मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधिमदकोट एवं यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष डीडीहाट विक्रम दानू ने शासन-प्रशासन से तत्काल राहत व सुरक्षात्मक कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन अविलंब मौके पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीम भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराए।
प्रभावित मकानों को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर दोनों परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया जाए, ताकि उनकी जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
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एसआईआर पर घमासान, चुनाव आयोग ने तीन जिलों में 9 पर्यवेक्षण अधिकारी किए नियुक्त
देहरादून। उत्तराखंड में एसआईआर को लेकर घमासान मचा हुआ है। जिसको देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने दावे आपत्तियों के निस्तारण प्रक्रिया की निगरानी के लिए 9 प्रशासनिक अधिकारियों को बतौर पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया है। दरअसल उत्तराखंड राज्य में चल रहे एसआईआर के दौरान, आपत्तिकर्ताओं की ओर से 1.07 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम पर आपत्ति लगाई गई है। जिसमें हरिद्वार जिले के पिरान कलियर विधानसभा सीट से विधायक फुरकान अहमद के नाम पर भी आपत्ति लगाई गई है। यही वजह है की मुख्य विपक्षी दल इस पूरे मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रही है।
ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम में प्रशासनिक सेवा के 9 आईएएस/पीसीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, हरिद्वार जिले में डॉ. संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नन्द कुमार और गोपाल राम बिनवाल को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। नैनीताल जिले में संजय कुमार के साथ ही उधम सिंह नगर जिले में प्रकाश चन्द्र दुम्का, जय किशन, विनीत तोमर एवं दिवेश शाशनी को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया है। पर्यवेक्षण अधिकारियों की ओर से संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया, जिसमें नोटिस वितरण, तामीली एवं सुनवाई की निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
इन अधिकारियों को अपने दैनिक निरीक्षण की आख्या संबंधित मण्डलायुक्त के जरिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को हफ्ते में दो बार प्रस्तुत करनी होगी। जारी आदेश के अनुसार निर्धारित पुनरीक्षण अवधि तक नामित अधिकारी आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण एवं अनुशासन के अधीन रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रदेश के तीन जिलों, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिले के 22 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 9 अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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फोटो डी 5
कार खाई में गिरी, दो की मौत
सड़क दुर्घटना का यह मामला कानाकोट-सिरतोली मार्ग का है। यहंा एक कार अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार दो लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, कार कानाकोट से लोहाघाट की ओर जा रही थी। सिरतोली के पास अचानक कार अनियंत्रित हुई और सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार में सवार वाहन स्वामी और चालक कमल सिंह बोहरा (58) तथा बबलू चैधरी (38) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के दौरान वहां से गुजर रही अद्वैत आश्रम मायावती लोहाघाट की एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को उपजिला अस्पताल लोहाघाट पहुंचाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों शवों का लोहाघाट में पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी।मृतकों की पहचान कानाकोट निवासी कमल सिंह बोहरा, पुत्र रघुवर सिंह और बिहार के पश्चिमी चंपारण निवासी बबलू चैधरी, पुत्र गंगा चैधरी के रूप में हुई है। कमल सिंह बोहरा खटीमा स्थित लोहियाहेड पावर हाउस में एसएसओ के पद पर कार्यरत थे। वहीं बबलू चैधरी कारपेंटर का काम करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों लोहाघाट में सामान खरीदने के लिए जा रहे थे। जिला पंचायत सदस्य अशोक माहरा ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर सड़क काफी संकरी है। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस को रास्ता देते समय कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
आगे पढ़ेंसरकार महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित। धामी
मुख्यमंत्री उद्यमशाला चैपाल- 2026 में मुख्यमंत्री ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत चैपाल दृ 2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। साथ ही 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता और आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। उद्घाटन सत्र में उन्होंने देहरादून के आईटी पार्क स्थित 13 गांव में प्रदेश के समस्त जनपदों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विपणण के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा की है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे गांव प्रदेश के विकास में सहभागी ही नहीं बन रहे हैं, बल्कि अपने सामर्थ्य और परिश्रम के बल पर आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उत्साही युवाओं, साहसी मातृशक्ति में कुछ कर गुजरने की इच्छा और हुनर है, इसी तरह प्रदेश के स्थानीय उत्पादों में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की पूरी क्षमता है। जरूरत केवल इस बात कि है कि हुनर को सही दिशा मिले। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” को आगे बढ़ाने का काम किया है। योजना के जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड का युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। साथ ही किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थित मजबूत हो। “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” इसी सोच को धरातल पर उतारने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने में मदद दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जहां एक ओर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। वहीं, 3 लाख से अधिक बहने लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति पहाड़ी मसालों से लेकर मंडुवा, झंगोरा, दालों, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पादों और स्थानीय कला तक को व्यवसाय का रूप दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि सरकार गांव के उत्पादों को देश के बड़े शहरों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इसी दिशा में काम करते हुए हाउस ऑफ हिमालयाज नामक अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमें वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल और आत्मनिर्भर भारत जैसे मंत्र दिए हैं। प्रदेश सरकार इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत है। सरकार चाहती है कि जब कोई व्यक्ति उत्तराखण्ड का उत्पाद खरीदे, तो उसे उस उत्पाद में पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू भी महसूस हो।
इसीलिए आज प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसान और उद्यमी को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिल सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता का एक बड़ा उद्देश्य पलायन को रोकना भी है। सरकार चाहती है कि युवा रोजगार की तलाश में अपने गांव को छोड़ने के लिए मजबूर न हों। क्योंकि गांव मजबूत होगा तो उत्तराखण्ड मजबूत होगा।
इस दिशा में कार्य करते हुए सरकार “ग्रामोत्थान परियोजना” (रीप) के माध्यम से भी गांव के अति-निर्धन परिवारों को आजीविका से जोड़कर गांवों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 13 जनपदों में “मुख्यमंत्री उद्यमशाला चैपाल” आयोजित की जा रही हैं। इन चैपालों का उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक लोग जान सकें और उनका फायदा उठा सकें। इसी उद्देश्य से प्रचार वैन को भी गांव-गांव तक भेजा जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी और महिला उद्यमियों को भी सम्मानित किया। साथ ही उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पुस्तक, वार्षिक रिपोर्ट का भी विमोचन किया। साथ ही एकीकृत कृषि कलस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल और शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल के साथ ही महिलाओं एचं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन मॉडयूल का भी लोकार्पण किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत चैधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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बंद घर में हुई चोरी का खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार
चुराये गये जेवरात व अन्य सामान बरामद
चमोली। बंद घर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक शातिर को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके पास से चुराये गये जेवरात व अन्य सामान बरामद किया गया है।
जानकारी के अनुसार बीती 20 अगस्त को सत्यपाल सिंह चैधरी पुत्र जयेंद्र सिंह, निवासी वार्ड नंबरकृ6, निकट केशवास स्कूल, गौचर, थाना कर्णप्रयाग, जनपद चमोली द्वारा कोतवाली कर्णप्रयाग में तहरीर देकर बताया कि वह अपना उपचार कराने देहरादून गए हुए थे। वापस गौचर स्थित अपने घर पहुंचने पर देखा कि अज्ञात चोर द्वारा घर का ताला तोड़कर उनके नाती के 2 जोड़ी चांदी के कंगन, 2 जोड़ी चांदी की पायल, एक सूटकेस एवं एक जैकेट चोरी कर लिया गया है। बताया कि चोर द्वारा घर की अलमारियों को भी तोड़कर नुकसान पहुंचाया गया था। मामले मे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोर की तलाश शुरू कर दी गयी। चोर की तलाश में जुटी पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। जांच के दौरान दिनांक 14कृ15 अगस्त की रात्रि लगभग 11 बजे से 4 बजे के मध्य एक संदिग्ध व्यक्ति ग्रिफ चैक से पीड़ित के घर की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने संदिग्ध की फोटो एवं वीडियो फुटेज के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी गयी। पुलिस टीम के अथक प्रयासों के फलस्वरूप आज सुबह लगभग 7.30 बजे गौचरकृरुद्रप्रयाग मोटर मार्ग पर सरस्वती विघा मंदिर के आगे स्थित प्रतीक्षालय के पास संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम उमेद सिंह भंडारी पुत्र स्वर्गीय दलबीर सिंह भंडारी निवासी ग्राम कंडारा, थाना कर्णप्रयाग, जनपद चमोली बताया। जिसके कब्जे से चोरी किया गया 2 जोड़ी चांदी के कंगन, 2 जोड़ी चांदी की पायल, एक सूटकेस एवं एक जैकेट बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने गौचर स्थित उक्त घर में चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। बहरहाल पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जांच में यह भी प्रकाश में आया कि गिरफ्तार आरोपी चोरी की घटनाओं का अभ्यस्त अपराधी है। उसके खिलाफ जनपद पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग एवं चमोली के विभिन्न थानों में चोरी एवं अन्य धाराओं में कई मुकदमें दर्ज है।
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चमोली के नारायणबगड़ में हिंसक कुत्तों के डर से 10 स्कूलों में 4 दिन का अवकाश घोषित
मीलों पैदल सफर तय कर स्कूल जाने वाले नौनिहालों व अभिभावकों की उड़ी रातों की नींद
देहरादून। पहाड़ में वन्यजीवों के बाद अब आवारा और हिंसक कुत्तों का आतंक भी लोगों के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा और हिंसक कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है। क्षेत्र के दस विद्यालयों में 23 अगस्त तक छात्र-छात्राओं के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस दौरान विद्यालयों में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ के दूरदराज इलाकों में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना पहले ही किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बच्चे पैदल रास्तों से होकर विद्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में रास्तों में हिंसक कुत्तों के झुंड का खतरा बच्चों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रहा है। प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद करने जैसा कदम उठाना पड़ा, यह स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कभी बाघ और गुलदार की दस्तक, कभी भालू का आतंक और अब आवारा कुत्तों के झुंड ग्रामीण आबादी के सामने नई चुनौती बनते जा रहे हैं। सवाल यह है कि जिन पहाड़ी क्षेत्रों में बच्चों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, वहां उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा और हिंसक कुत्तों के आतंक को लेकर जिलाधिकारी चमोली की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया। आदेश में संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी और उप शिक्षा अधिकारी को इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अवकाश की अवधि में संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों को आनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित करने को कहा गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित न हो।इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नारायणबगड़ क्षेत्र में आवारा और हिंसक कुत्तों के अत्यधिक आतंक को देखते हुए जिलाधिकारी चमोली के निर्देशों के अनुपालन में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है।
आदेश के मुताबिक नारायणबगड़ क्षेत्र के राजकीय इंटर कालेज नारायणबगड़, राजकीय बालिका इंटर कालेज नारायणबगड़, सरस्वती शिशु मंदिर नारायणबगड़, उत्तरांचल विद्या निकेतन नारायणबगड़, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नारायणबगड़, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल पैंती, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नलंगाव, राजकीय इंटर कालेज नलंगाव, माडर्न चिल्ड्रन एकेडमी नारायणबगड़ और उत्तराखंड विद्या निकेतन नारायणबगड़ में यह आदेश लागू रहेगा।
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किसानों की मांगों को लेकर भाकियू ने दिया धरना
रुद्रपुर। शुक्रवार को किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने रुद्रपुर में धरना प्रदर्शन किया। जिसके लिए पूरे ऊधमसिंह नगर से किसान पहुंचें। किसानों के प्रदर्शन की ड्रोन से निगरानी की गयी। भारतीय किसान यूनियन का धरना 21 से 23 अगस्त तक जारी रहेगा।
इसे देखते हुए रुद्रपुर कलेक्ट्रट में किसान आंदोलन को लेकर पुलिस टीम तैनात है। स्टेडियम रोड पर किसानों के वाहनों के लिए पार्किंग बनाई है। जिले भर से रुद्रपुर में किसान एकत्र हुए हैं।
कलेक्ट परिसर के चारों ओर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोक लिया। जिसके बाद किसान हाईवे पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि अंदर नहीं जाने दिया गया तो हाईवे पर धरना देंगे। किसानों की प्रमुख मांगें प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट फ्री बिजली, जबरन स्मार्ट मीटर न लगाए जाय और किसानों को जमीन का मालिकाना हक देना हैं।
बैरिकेडिंग पर रोकने को लेकर पुलिस से किसानों की धक्का मुक्की भी हुई। उन्होंने बैरीकेडिंग में चढ़ने का प्रयास किया। एक किसान बैरिकेडिंग से कूदकर कलेक्ट्रट परिसर में जाने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वहीं, एसपी कार्यालय की ओर जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस प्रशासन को आशंका है कि धरने के दौरान भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। पुलिस की कोशिश है कि प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान पर ही धरना दें। बिना अनुमति कलेक्ट्रेट अथवा एसपी कार्यालय परिसर की ओर आगे न बढ़ें। सुरक्षा व्यवस्था में उत्तराखंड पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को भी लगाया गया है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर टीम को भी मौके पर तैयार रखा गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
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भूस्खलन की चपेट में आकर जमींदोज हुआ मकान,पीड़ित परिवार ने भाग कर बचाई जान
मसूरी। भारी बारिश के चलते देर रात मसूरी-कैंपटी रोड पर सांझा दरबार के पास भूस्खलन की चपेट में आने से एक मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस हादसे के दौरान परिवार के लोग मकान के भीतर मौजूद थे, लेकिन खतरे को भांपते हुए उन्होंने किसी तरह समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इसके कुछ ही देर बाद मकान भरभराकर मलबे में तब्दील हो गया।
बीती देर रात बारिश के बीच अचानक मकान के आसपास जमीन खिसकने लगी। खतरे को भांपकर पीड़ित परिवार ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचाई. परिवार के बाहर निकलने के कुछ ही समय बाद मकान और दुकान का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। भूस्खलन इतना जबरदस्त था कि मकान में रखा घरेलू सामान और दुकान का सामान भी मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मसूरी के उपजिलाधिकारी राहुल आनंद को पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा के नियमों के अनुरूप पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्रवाई तत्काल शुरू करने को कहा। मंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में भूस्खलन के कारणों और आसपास की स्थिति का भी निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी अन्य मकान या परिवार पर खतरा होने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
जंगली मशरूम खाने से बुर्जुग की मौत
पिथौरागढ़। जनपद के एक गांव में जंगली मशरूम खाने से एक बुजुर्ग की मौत हो गयी।
बताया जा रहा है कि जिले खितोली छेड़ा निवासी 69 वर्षीय धरम सिंह अपने खेतों में उगा जंगली मशरूम लाए और इसकी सब्जी बनाकर खाई। रात का भोजन कर वह सो गए। बीते रोज तड़के तीन बजे के करीब उनके पेट में तेज दर्द हुआ तो परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां ईएमओ डॉ. अब्दुल ने उनका इलाज शुरू किया। कुछ देर बाद ही इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया में जंगली मशरूम खाने से बुजुर्ग की मौत हुई है। जबकि अन्य परिजनों ने मशरूम की सब्जी नहीं खाई इससे वे सुरक्षित बच गए।
सीमांत जिले में जंगली मशरूम खाने से लोग काल के गाल में समा रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले एक दशक में सात लोगों की जंगली मशरूम खाने से मौत हो चुकी है। इसके बाद लोग जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं। वहीं जंगली मशरूम खाने से पेट में तेज दर्द व मरोड़, उल्टी होना, शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, भ्रमित होना, त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। गौर हो कि पिछले माह 19 जुलाई को जम्कू में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन सभी को लेकर सीएचसी धारचूला पहुंचे। चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया। पांचों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां चार दिनों तक इलाज चलने के बाद सभी को बचा लिया गया। वहीं पिछले वर्ष चंडाक में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में मजदूरी करने वाले मजदूर, उसकी पत्नी, बेटा और बेटी की जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ गई। चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां लंबे इलाज के बाद वे ठीक हुई।
फोटो डी 1
पीजी-हॉस्टलों में देर रात पुलिस की छापेमारी, चार संचालकों को नोटिस
देहरादून। पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं पर शिकंजा कसने के लिए दून पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र में स्थित पीजी और हॉस्टलों में देर रात आकस्मिक छापेमारी की। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर 20 अगस्त की देर रात पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों ने कई हॉस्टल और पीजी की जांच की।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने हॉस्टल और पीजी संचालकों से वहां रह रहे छात्र-छात्राओं की जानकारी ली। संचालकों को सभी छात्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने और प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना सत्यापन किसी छात्र को पीजी या हॉस्टल में रखने पर संबंधित संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने हॉस्टल संचालकों को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं के लिए रात 10 बजे तक प्रतिष्ठान में प्रवेश की समयसीमा निर्धारित की जाए। इसके अलावा बाहर से आने वाले व्यक्तियों को सत्यापन के बाद ही हॉस्टल में प्रवेश दिया जाए और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि कोई छात्र रात में अनावश्यक रूप से घूमता पाया जाता है, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त मिलता है या हॉस्टल में नशीले पदार्थों के सेवन की शिकायत सामने आती है तो संबंधित छात्र के साथ प्रतिष्ठान संचालक के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान चार हॉस्टलों में अनियमितताएं मिलने पर पुलिस ने संचालकों को नोटिस जारी किए। उन्हें निर्धारित समयसीमा में कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। वहीं, देर रात अनावश्यक रूप से घूम रहे चार संदिग्ध युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।पुलिस ने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए पीजी और हॉस्टलों की चेकिंग आगे भी जारी रहेगी।
उपल के माध्यम से कार्योजित पूर्व सैनिकों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ क्यों नहीं !मोर्चा #ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में रखा गया है पूर्व सैनिकों को वंचित | #मोर्चा पूर्व सैनिकों की लड़ेगा लड़ाई | विकासनगर-जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि उपनल कर्मचारियों के मामले में जनहित याचिका संख्या 116/ 2018 कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य आदि याचिका में मा.उच्च न्यायालय द्वारा उपनल के माध्यम से कार्योजित/ प्रायोजित कार्मिकों को समान कार्य- समान वेतन आदि देने के निर्देश दिए गए थे, जिसके क्रम में शासन द्वारा 3 फरवरी 2026 के द्वारा समान कार्य- समान वेतन दिए जाने के निर्देश सभी विभागों को दिए गए थे | उक्त निर्देशों के अनुपालन में लगभग सभी विभागों/ निगमों द्वारा पूर्व सैनिकों को समान कार्य- समान वेतन आदि दिये जाने के निर्देश का अनुपालन हो चुका है, लेकिन ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों यथा यूपीसीएल, यूजेविएन एल व पिटकुल द्वारा आज तक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया, जोकि बहुत ही गंभीर मामला है | सवाल यह उठता है कि आखिर पूर्व सैनिकों के साथ ये नाइंसाफी कैसी ! जिम्मेदार मंत्री/ अधिकारी इस मामले में क्यों हैं खामोश! सरकार को उपनल के माध्यम से प्रायोजित पूर्व सैनिकों को बगैर लाग- लपेट के इनका लाभ प्रदान करना चाहिए | मोर्चा पूर्व सैनिकों को न्याय दिलाने के लिए शीघ्र ही शासन में दस्तक देगा | पत्रकार वार्ता में- दिलबाग सिंह व ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा मौजूद थे |

