
देहरादून। पुलिस ने चोरी की कार के साथ एक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुभव दिनेश तिवारी ने कोतवाली नगर पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा गांधी रोड स्थित होटल की पार्किंग से उनकी हौंडा सिटी कार को चोरी कर लिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। चोरी की घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत उसके खुलासे तथा उसमें शामिल व्यक्ति की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर उसके आसकृपास तथा आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन करते हुए घटना में शामिल संदिग्धों के समबन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरागरसी/पतारसी करते हुए स्थानीय तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही पूर्व में वाहन चोरी की घटनाओं में प्रकाश में आये लोगों की वर्तमान स्थिती की जानकारी प्राप्त कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस द्वारा लगातार किये जा रहे अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप पुलिस टीम द्वारा चौकिंग के दौरान मिली सूचना पर वाहन चोरी की घटना में शामिल दीपक गुप्ता पुत्र दिनेश को सिंघल मंडी के पास से चोरी किये गये वाहन के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में बताया कि उसके द्वारा ही पूर्व में उक्त वाहन को अनुभव दिनेश तिवारी को बेचा था तथा उक्त कार की दूसरी चाबी उसके पास थी। कुछ दिन पूर्व किसी बात को लेकर उसकी अनुभव दिनेश तिवारी से बहस हो गयी थी, जिसके बाद उसने उसे सबक सिखाने व परेशान करने के इरादे से वाहन चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए उसके द्वारा उक्त वाहन को सुनसान इलाके में छिपा दिया था, जिसे आज वह बेचने के लिए जा रहा था, पर उससे पूर्व ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आगे पढ़ेंअब दिमागी नक्सली पार्टी बना नए राजनीतिक नैरिटिव का आधार
देहरादून। भारतीय राजनीति में तंज, विशेषण और राजनीतिक जुमलों का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में यही शब्द कभी-कभी सत्ता के खिलाफ नए राजनीतिक नैरेटिव का आधार भी बन जाते हैं। काकरोच जैसे राजनीतिक तंज के बाद अब दिमागी नक्सल शब्द भी इसी तरह चर्चा में है। प्रधानमंत्री की ओर से किए गए तंज के बाद इस नाम से एक राजनीतिक मंच/समूह के गठन और उससे बड़ी संख्या में लोगों के जुड़ने के दावे ने सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है। यह घटनाक्रम अपने आप में इस बात का संकेत है कि आज की राजनीति केवल संसद, रैलियों और चुनावी सभाओं तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया पर बोले गए एक शब्द को समर्थक अपने तरीके से राजनीतिक पहचान में बदल सकते हैं और विरोधी उसी शब्द को सत्ता के खिलाफ हथियार बना सकते हैं।
राजनीति में किसी विरोधी को निशाना बनाने के लिए दिए गए विशेषण अक्सर कुछ समय के लिए सुर्खियां बनते हैं। लेकिन जब वही शब्द विरोध करने वाले समूह की पहचान बन जाए तो मामला दिलचस्प हो जाता है। दिमागी नक्सल को लेकर सामने आए राजनीतिक प्रयोग को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। समर्थकों का दावा है कि प्रधानमंत्री के तंज के बाद बड़ी संख्या में लोग इस मंच से जुड़े हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संगठन की वास्तविक सदस्य संख्या को अलग-अलग तरीके से देखना जरूरी है। सवाल यह है कि क्या यह महज सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया है या फिर आने वाले समय में इसका कोई संगठित राजनीतिक रूप भी दिखाई देगा?
भारतीय राजनीति में कई बार किसी दल या नेता को दिए गए विरोधी के विशेषण ने ही उसकी पहचान को मजबूत किया है। राजनीतिक विरोधियों के आरोपों को पलटकर अपने पक्ष में इस्तेमाल करना चुनावी रणनीति का हिस्सा रहा है। दिमागी नक्सल को लेकर भी यही प्रयोग दिखाई देता है, जिस शब्द का इस्तेमाल आलोचना या तंज के रूप में किया गया, उसी को समर्थक राजनीतिक व्यंग्य और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं। यह सोशल मीडिया राजनीति के उस नए दौर को दिखाता है जहां नकारात्मक प्रचार भी कभी-कभी राजनीतिक ब्रांडिंग में बदल सकता है।
इस नए राजनीतिक मंच से लाखों लोगों के जुड़ने का दावा किया जा रहा है। अगर यह संख्या वास्तविक और सक्रिय राजनीतिक समर्थन में बदलती है तो निश्चित तौर पर यह मुख्यधारा की पार्टियों के लिए विचार करने का विषय होगा। लेकिन किसी डिजिटल प्लेटफार्म पर फालोअर या सदस्य संख्या और वास्तविक चुनावी समर्थन में बड़ा अंतर होता है। चुनाव बूथ पर लड़ा जाता है, जहां संगठन, उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे और मतदाता का भरोसा निर्णायक होता है। यही इस नए राजनीतिक प्रयोग की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
देश की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के बीच कई छोटे राजनीतिक प्रयोग समय-समय पर सामने आते रहे हैं। कुछ आंदोलनों ने राजनीतिक दल का रूप लिया तो कुछ सोशल मीडिया की सीमाओं से आगे नहीं बढ़ पाए। दिमागी नक्सल नाम से सामने आया राजनीतिक प्रयोग भी अब इसी कसौटी पर देखा जाएगा। क्या यह केवल प्रधानमंत्री के बयान की प्रतिक्रिया तक सीमित रहेगा या बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक मुद्दों को लेकर अपना स्वतंत्र राजनीतिक एजेंडा तैयार करेगा? यदि यह मंच केवल एक राजनीतिक तंज का जवाब बनकर रह गया तो इसकी उम्र सीमित हो सकती है। लेकिन यदि यह अपने नाम से आगे निकलकर नीति, संगठन और जमीन से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट कार्यक्रम तैयार करता है, तब इसकी राजनीतिक प्रासंगिकता बढ़ सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा संदेश शायद यही है कि राजनीति में शब्दों को हल्के में लेना अब आसान नहीं है। सत्ता का एक तंज सोशल मीडिया में हजारों पोस्ट, मीम और अभियान का आधार बन सकता है और वही अभियान किसी दिन राजनीतिक संगठन का रूप लेने का दावा भी कर सकता है। लेकिन लोकतंत्र में अंततः फैसला नारों से नहीं, जनता के वोट से होता है। इसलिए दिमागी नक्सल नाम का यह प्रयोग कितना बड़ा राजनीतिक विकल्प बनता है, यह आने वाला समय बताएगा।
फिलहाल इतना जरूर है कि जिस शब्द को राजनीतिक तंज के रूप में इस्तेमाल किया गया, वही अब विरोध की पहचान बनने की कोशिश कर रहा है। काकरोच से लेकर दिमागी नक्सल तक की यह राजनीति बताती है कि भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक भाषा का नया दौर शुरू हो चुका हैकृजहां सत्ता का तंज भी कभी-कभी विपक्ष की नई कहानी लिख देता है।
आगे पढ़ें
उपराष्ट्रति के दून भ्रमण के कार्यक्रम के मद्देनजर 19 और 20 को डायवर्ट रहेगा ट्रैफिक
देहरादून। 19 और 20 अगस्त तक जनपद देहरादून में प्रस्तावित उपराष्ट्रपति भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर दून पुलिस ने ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। 19 अगस्त को ट्रैफिक प्लान दोपहर एक बजे से 15.30 बजे तक लागू रहेगा। 20 अगस्त को सुबह 08.30 से 10.30 बजे तक लागू रहेगा। उसके बाद 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक लागू रहेगा।
ऋषिकेश से देहरादून शहर और मसूरी आने वाले वाहनों के लिए रानीपोखरी भोगपुर से थानों होते हुए 6 नम्बर पुलिया होकर सहस्त्रधारा क्रासिंग से सर्वे चौक होते हुए देहरादून शहर में प्रवेश कराया जायेगा। मसूरी के लिए सहस्त्रधारा क्रासिंग से आईटी पार्क होकर साईं मन्दिर से होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा।
हरिद्वार से देहरादून शहर और मसूरी आने वाले वाहनों को भानियावाला फ्लाई ओवर सर्विस लेन से डोईवाला चौक होते हुए दूधली मार्ग की ओर भेजते हुए कारगी चौक से देहरादून शहर की ओर प्रवेश कराया जायेगा। मसूरी जाने वाले वाहनों को कारगी चौक से आईएसबीटी होकर शिमला बाईपास होते हुए जीएमएस रोड से कैंट होकर अनारवाला होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा।
आशारोड़ी और प्रेमनगर क्षेत्र से से मसूरी जाने वाले वाहनों को आशारोड़ी और प्रेमनगर क्षेत्र से मसूरी जाने वाले वाहनों को आईएसबीटी से शिमला बाईपास होकर जीएमएस रोड से बल्लूपुर चौक होते कैन्ट से अनारवाला होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा।
देहरादून शहर से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले वाहनों को कारगी चौक से दूधली मार्ग होते हुए डोईवाला चौक होकर भानियावाला सर्विस लेन से लालतप्पड़ होकर नेपाली फार्म तिराहा होते हुए ऋषिकेश और हरिद्वार की ओर भेजा जायेगा।
मसूरी से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले वाहनों को जेपी बैंड से बार्लाेगंज होते हुए कुठाल गेट होकर ओल्ड मसूरी रोड से सांई मन्दिर होकर काठ बंगला पुलिया से किरशाली चौक होते हुए आईटी पार्क से सहस्त्रधारा क्रासिंग होकर 06 नम्बर पुलिया से महाराणा प्रताप चोक होकर थानो रोड होते हुए अपने गंतव्य की ओर भेजा जायेगा। ईसी रोड से मसूरी जाने वाले वाहनों को सर्वे चौक से सहस्त्रधारा क्रासिंग होते हुए आईटी पार्क से साईं मन्दिर होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा.
घंटाघर से मसूरी जाने वाले वाहनों को ग्रेट वैल्यू से कैनाल रोड होकर काठ बंगला पुल से सांई मन्दिर होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा।
हाथीबड़कला और दिलाराम से मसूरी जाने वाले वाहनों को दिलाराम से ग्रेट वैल्यू होकर कैनाल रोड होकर काठ बंगला पुल से सांई मन्दिर होते हुए मसूरी की ओर भेजा जायेगा। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी में बताया यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित डाइवर्जन और रूट प्लान का पालन करें। अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों का प्रयोग न करें। किसी भी दशा में अपने वाहन मुख्य मार्ग, सड़क के किनारे अथवा प्रतिबंधित स्थानों पर पार्क न करें, जिससे यातायात बाधित हो। अपने गन्तव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें. यातायात पुलिस द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें।
आगे पढ़ें
नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म करके रिश्ते को शर्मसार करने वाला कलयुगी पिता गिरफ्तार
पौड़ी। नाबालिग बेटियों के साथ लम्बे समय से दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार कोटद्वार निवासी एक महिला द्वारा कोतवाली कोटद्वार में एक शिकायती पत्र देकर बताया गया कि उसके पति द्वारा अपनी नाबालिग पुत्रियों के साथ पिछले कई समय से दुष्कर्म एवं यौन शोषण किया जा रहा था, साथ ही इसके संबंध में किसी को जानकारी देने अथवा पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने तथा घर से निकाल देने की धमकी दी जाती थी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। प्रकरण की प्रारम्भिक जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पतिकृपत्नी के मध्य पारिवारिक विवाद चल रहा था। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता एवं सत्यता का निष्पक्ष रूप से जांच करना, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि प्रकरण में कहीं आपसी आरोपकृप्रत्यारोप अथवा पारिवारिक विवाद के चलते लगाए गए आरोप तो नहीं हैं। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान नियमानुसार दर्ज किए गए तथा घटनाक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया। साथ ही प्रकरण में पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ एवं जानकारी की गई। प्रारम्भ में आरोपी द्वारा विभिन्न प्रकार के बहाने बनाकर तथ्यों को छिपाने का प्रयास किया गया, किंतु आवश्यक साक्ष्य संकलन, पीड़िता के बयानों व आवश्यक कार्यवाही के पश्चात आरोपी द्वारा किए गए अपराध को स्वीकार किया गया। जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहंा से उसे जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम अनुप चंद्र, निवासी कोटद्वार बताया जा रहा है।
आगे पढ़ें
रिश्वत लेते कृषि अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार
सब्सीडी की फाइल बढ़ाने पर मांगी गयी थी 10 हजार रूपये की रिश्वत
हरिद्वार। कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगना सहायक कृषि अधिकारी को भारी पड़ गया। सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि उसके भाई को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की। 18 अगस्त को टीम ने हरिओम यादव पुत्र स्व. लाल सिंह, निवासी प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल, हाल सहायक कृषि अधिकारी, विकासखंड खानपुर, जिला हरिद्वार को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सतर्कता अधिष्ठान की टीम आरोपी से पूछताछ के साथ मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दें कि उत्तराखण्ड राज्य में रिश्वतखोरी व भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे है। हालांकि सर्तकता अधिष्ठान ऐसे लोगों पर लगातार कार्यवाही कर रहा है। लेकिन फिर भी यह मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। बीते एक वर्ष के दौरान कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारी रिश्वतखोरी के मामले में जेल की हवा खा चुके है।
आगे पढ़ें
नहर किनारे गला कटा शव मिलने से हड़कंप

हरिद्वार। मंगलवार को मंगलौर क्षेत्र में नहर किनारे गला कटा हुआ शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मृतक की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिये है।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में नहर किनारे एक व्यक्ति का गला कटा शव बरामद होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मंगलौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान नहीं हो पायी है जिसकी शिनाख्त के प्रयास पुलिस ने शुरू कर दिये है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में भी जानकारी जुटाई तथा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। जानकारी मिलने पर एसपी देहात शेखर चंद सुयाल भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस टीम को घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए। एसपी देहात ने बताया कि फिलहाल शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। घटना को लेकर पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
आगे पढ़ेंदो मंजिला मकान ढहा, ग्रामीणों ने एक महिला को बचाया, बच्चे समेत 3 की मलबे में तलाश

पौड़ी। मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच जनपद के महरगांव में एक दो मंजिला मकान ढह गया। इस हादसे में मलबे में परिवार के चार लोग दब गए। ग्रामीणों की तत्परता से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 3 लोगों की तलाश जारी है। मौके पर प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं।
पौड़ी गढ़वाल में लगातार बारिश के बीच कई इलाकों से भूस्खलन की घटनाएं सामने आई है। महरगांव में बारिश से मकान ढहने की घटना में मलबे में चार लोगों के दबे होने की प्रारंभिक सूचना मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके के लिए रवाना हुई। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल 3 अन्य की तलाश जारी है। लापताओं में एक 2 साल का बच्चा भी शामिल है। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी भेजी गई है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। घायल महिला को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल सतपुली हंस चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मौके पर एसडीआरएफ, पटवारी और चौकी की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है।
उधर, पौड़ी में बारिश से हालात का जायजा लेने जिलाधिकारी मंगलवार को तत्काल आपदा कंट्रोल रूम पहुंचीं और अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली। सामने आया कि इलाकों में बारिश के कारण कई सड़कें भी प्रभावित हुईं हैं। जिलाधिकारी ने सभी बाधित मार्गों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। सतपुली-गुमखाल मार्ग पर जेसीबी की मदद से सड़क को खोल दिया गया है, जबकि गुमखाल-द्वारीखाल-महरगांव मार्ग को सुचारू करने के लिए भी जेसीबी भेजी गई है। जिलाधिकारी ने विद्युत, पेयजल और सड़क जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। फीडर ब्रेकडाउन होने पर विद्युत विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। नदी-नालों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
आगे पढ़ें
टनल से मिला एक और श्रमिक का शव ,एक लापता की तलाश जारी
चमोली। मंगलवार सुबह जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी टनल से एक और श्रमिक का रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू किए गए श्रमिक को तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस तरह चमोली टनल हादसे में मृतकों की संख्या अब 9 हो गई है। चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की टनल में 13 अगस्त को मलबा आ गया था। बड़ी संख्या में कर्मचारी अंदर फंस गए थे। मलबे की चपेट में आने से 8 लोगों की मौत हो चुकी थी। दो श्रमिकों की तलाश जारी थी। मंगलवार को दो लापता श्रमिकों में से एक और शव मिलने के बाद एक श्रमिक की तलाश जारी है। टनल हादसे में अब एक श्रमिक की तलाश शेष रह गई है तो रेस्क्यू टीम युद्ध स्तर पर अपने काम में लगी है। लापता श्रमिक की तलाश में युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है। टनल में जमा स्लज और पानी निकालने का काम तेज हो गया है। कई एजेंसियां रेस्क्यू अभियान में जुटीं हुई हैं। टनल के संभावित स्थानों पर सघन सर्च अभियान जारी है। सक्शन पंपों से टनल से पानी और मलबा निकाला जा रहा है। शेष बचे एक लापता श्रमिक की तलाश को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। 13 अगस्त के टनल हादसे के बाद से रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। गौरतलब है कि विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना की टनल चमोली जिले में पहाड़ के अंदर बन रही है। इसी टनल में 13 अगस्त को काम करते समय ऊपर से मलबा गिर गया था और काम कर रहे 22 श्रमिक फंस गए थे। 12 घायल श्रमिकों को पहले ही निकाल लिया गया था। अब तक 9 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। एक श्रमिक अभी भी लापता है।
आगे पढ़ें
करंट लगने से पिता-पुत्री की दर्दनाक मौत

नैनीताल। सोमवार रात वनभूलपुरा क्षेत्र में दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल दीं। एसी ठीक करते समय करंट की चपेट में आए 44 वर्षीय पिता को बचाने पहुंची उनकी 12 वर्षीय बेटी भी करंट की चपेट में आ गई। हादसे में पिता-पुत्री दोनों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार 44 वर्षीय नदीम कार के गैराज में काम करते थे। सोमवार रात वह घर की छत पर एसी में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने पहुंचे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए। नदीम की चीख सुनकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई। पिता को करंट से जूझता देख उनकी 12 वर्षीय बेटी अलिस्बा उन्हें बचाने के लिए दौड़ी। बताया जा रहा है कि पिता को हाथ लगाते ही अलिस्बा भी बिजली की चपेट में आ गई। परिजनों और आसपास के लोगों ने तत्काल बिजली की आपूर्ति बंद कराई और दोनों को गंभीर हालत में डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पिता-पुत्री दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। वनभूलपुरा कोतवाल दिनेश फर्त्याल के अनुसार, पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी में पास स्थित खुले बिजली के पोल से करंट फैलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि अलिस्बा तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और गुरु तेग बहादुर स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी। जिस उम्र में उसके हाथों में किताबें और स्कूल बैग होने चाहिए थे, उसी उम्र में पिता को बचाने की कोशिश करते हुए उसकी भी जान चली गई।
आगे पढ़ेंटेंट व्यवसायी हत्याकांडः पत्नी के आरोप पर दो कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज
काशीपुर। बीते रोज सोमवार को हुई ग्राम बाजावाला निवासी टेंट व्यवसायी संजीव कुमार की हत्या के मामले में पत्नी निशा ने अपने पति के दो कर्मचारियों पर हत्या कर शव को हादसे का रूप देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों पर हत्या की प्राथमिकी पंजीकृत की है। दोनों आरोपित किशोर हैं।
मृतक की पत्नी निशा ने तहरीर में बताया कि उसके पति की संजीव की रामनगर, पीरुमदारा के ग्राम थारी में टेंट की दुकान है। 16 अगस्त की सुबह वह अपनी स्विफ्ट कार संख्या यूके 18 डी 3851 से दुकान के लिए निकला था। देर रात तक घर न लौटने पर निशा ने संजीव को फोन पर संपर्क किया। तो संजीव ने बताया कि वह अपनी दुकान के कर्मचारियों शिवम सैनी निवासी थारी और करमजीत निवासी गांधीनगर, कुंडेश्वरी के साथ शिवम का जन्मदिन मना रहे हैं और खाना खाकर देर रात तक घर लौटेगा। बताया कि सोमवार को उसके पास ग्राम राजपुर से किसी ग्रामीण का फोन आया, जिसमें संजीव की सड़क हादसे में मौत होने और शव मोर्चरी में रखे होने की सूचना दी गई।जब वह मोर्चरी पहुंचे, तो संजीव के गले पर एक गहरा होलनुमा चोट का निशान मिला। पीड़िता का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने संजीव की हत्या कर साक्ष्य मिटाने और मामले को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से कार को ग्राम राजपुर के पास सड़क से नीचे खेतों में उतार दिया। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ में हत्या के कारणों को पता किया जा रहा है।बता दें कि सोमवार सुबह करीब 7 बजे राजपुर-प्रतापपुर मार्ग पर खेत के किनारे एक गाड़ी में संजीव का खून से लथपथ शव बरामद किया गया था। पहले पुलिस इसको सड़क दुर्घटना मान रही थी लेकिन मोर्चरी में शव की जांच करने पर गार्दन में एक संदिग्ध घाव दिखा। इसके बाद परिजनों और पुलिस ने हत्या की आशंका जताई और मामले की जांच शुरू की। शव का पोस्टमार्टम पैनल से करवाया गया जिसमें उस संदिग्ध घाव में से एक गोली निकाली गई जिसे फॉरेंसिक की टीम परीक्षण के लिए अपने साथ ले गई है। फिलहाल हत्या के कारणों की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।