श्री बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार 17 नवंबर को शांयकाल 5 बजकर 13 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे

Pahado Ki Goonj

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार 17 नवंबर को शांयकाल 5 बजकर 13 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे।

श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में विजय दशमी के दिन आयोजित समारोह में हुई घोषणा।

श्री बदरीनाथ : श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष 17 नवंबर, रविवार, कर्क लग्न में शायंकाल 5 बजकर 13 मिनट को शीतकाल हेतु बंद कर दिये जायेंगे। श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में आज विजय दशमी के दिन आयोजित भब्य धार्मिक समारोह में पंचांग गणना के पश्चात आचार्यों की उपस्थित में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने कपाट बंद होने की घोषणा की गयी। तथा श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी के पांडुकेश्वर जाने एवं आदि गुरू शंकराचार्य जी के नृसिंह मंदिर जाने की तिथि 18 नवंबर तय हुई।
इस अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, भाजपा महामंत्री पंकज डिमरी, सदस्य चंद्रकला ध्यानी, सदस्य धीरज पंचभैया मोनू, रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी,मुख्य कार्याधिकारी बी.डी.सिंह, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, सहायक अभियंता विपिन तिवारी, सहायक मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, कोषाध्यक्ष भगवती डिमरी, अवर अभियंता गिरीश रावत कमेटी सहायक संजय भट्ट, प्रबंधक राजेन्द्र सेमवाल, अजय सती, मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़, दफेदार कृपाल सनवाल सहित बाबा उदय सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद शर्मा, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष राकेश कुमार डिमरी, पत्रकार प्रकाश कपरवाण, किशोर पंवार, पीतांबर मोल्फा,दुर्गा प्रसाद ध्यानी, दिनेश डिमरी, विनोद डिमरी एवं हक हकूकधारी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मौजूद रहे।
श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया इस तरह रहेगी
दिनांक- 13 नवंबर प्रातः श्री गणेश जी की पूजा आराधना एवं शाम को भगवान गणेश जी के कपाट बंद होंगे।

दिनांक 14 नवंबर आदिकेदारेश्वर पूजा एवं दिन में कपाट बंद।
दिनांक 15 नवंबर खडग, पुस्तक पूजन शाम से वेद ऋचाओं का पाठ बंद हो जायेगा।
दिनांक 16 नवंबर श्री महालक्ष्मी पूजन एवं लक्ष्मी जी को न्यौता।

दिनांक 17 नवंबर प्रात:काल भगवान का श्रृंगार एवं शांय 5 बजकर 13 मिनट पर भगवान बदरीनाथ भगवान के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे।

दिनांक 18 नवंबर श्री उद्धव जी एवं श्री कुबेर जी का पांडुकेश्वर तथा आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी का नृसिंह मंदिर हेतु प्रस्थान एवं रात्रि विश्राम योग-ध्यान बदरी पांडुकेश्वर।
दिनांक 19 नवंबर आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी का पांडुकेश्वर से नृसिंह मंदिर हेतु प्रस्थान होगा।
श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने की तिथि के समारोह में यात्रा वर्ष 2020 हेतु भंडार की जिम्मेदारी
हेतु हक हकूक धारियों सर्व श्री भागवत मेहता, जगमोहन सिंह भंडारी, किशोर पंवार, राजदीप सनवाल को पगड़ी भेंट की गयी। इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने कहा कि श्री बद्रीनाथ एवं केदारनाथ यात्रा की सफलता में सबका सहयोग रहा है उन्होंने कहा कि विजय दशमी के अवसर पर मंदिर समिति सभी तीर्थयात्रियों, आगंतुकों का हार्दिक स्वागत करती है। मुख्यकार्याधिकारी बी.डी.सिंह ने भारतीय सेना,पुलिस-प्रशासन,डिमरी पंचायत, पंडा पंचायत, ब्यापार सभा बद्रीनाथ, बामणी, माणा, पांडुकेश्वर के सभी हक हकूक धारियों का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने किया ।

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