वनाधिकारी बारिश से बनाग्नि रोकने की संभावनाओं की तलाश को सफल बनाने के लिए सम्पर्क करें-जीतमणि पैन्यूली

Pahado Ki Goonj

देहरादून :उत्तराखंड के वनाधिकारी बारिश से बनाग्नि रोकने की संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं,के बारे में अखबार पर पढ़ने से साफ जाहिर हो गया है कि हम अपने देश के महान ग्रन्थों में वर्णित ज्ञान के स्थाई तथ्यों का नजरअंदाज करते हुए अस्थायी हल ढूंढने में समय एवं धन जाया करते हैं।
ऋगवेद मे वर्णन है कि वनस्पति, वनों में देवताओं का वास होता है।इंद्र भगवान के बदले श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी उचित समझा क्योंकि वहां के वन से गौ माता की सेवा के लिए चारा पति प्राप्त जन जन करते थे।ऋषिमुनियों ने जंगलों में तपस्या की ।गुरु बशिष्ठ ने भगवान श्री राम व लक्ष्मण को शिक्षित करने के लिए व अपनी रक्षा के अयोध्या से जंगल में अपने आश्रम में लेगये।।ऋषियों के द्वारा यज्ञ किया जाता था जो आज नहीं हो रहा है। जबकि यज्ञ में वह शक्ति है कि इंद्र भगवान खुश होकर यज्ञ के पूर्ण होने के बाद सीधी वर्षा प्रारंभ हो जाती है ।कभी कभी तो यज्ञ प्रारंभ करने के समय वर्षा सुरु हो जाती है। मैने तो यह भी देखा कि वर्ष 2009 के नवम्बर माह 9 ता को भैरव अष्टमी के दिन हवन करने का विचार टिहरी बांध प्रभावित छेत्र की समस्याओं को सुलझाने के लिए सरकार के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ काने का लिखवारगावँ भदूरा में तय किया तो भगवान इंद्र ने 8 नवम्बर को वर्षा करदी।कई सप्ताह से उस समय वर्षा नहीं हो रही थी।फसल बुवाई का समय भी था । उस समय जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल सचिन कुर्वे थे कहने लगे कि यज्ञ के पर्चे बंटाते बंटाते ही यज्ञ से पहले ही वर्षा होगई ।मैने कहा कि हमारे प्रतापनगर में काम करने से पहले मजदूर को पेशगी दी जाती है ।यह वर्षा के लिए भगवान इंद्र को भरोसा है कि पत्र का सम्पादक जीतमणि पैन्यूली जिस काम करने के लिए बोलता है उसे पूरा करने के लिए कार्य करता है ।
मेरे अनुभव के अनुसार वन विभाग के अधिकारियों से है अपील है कि उतने रुपये में हम वर्षा करके दिखाएंगे ।इसका लाभ इस अखबार की कतरन में बर्णन से कई गुना ज्यादा है ।इनके लिए 18 लाख प्रति कृत्रिम वर्षा के लिए चाहिए।हमारे द्वारा किए जानेवाले विधि विधान कराए जाने वाले यज्ञ के स्थान से कम से कम 7से 15 किमी परिधि में वर्षा होगी जिससे बनाग्नि बुझाने के साथ साथ वायु प्रदूषण कम होगा ।बीमारियों के जीवाणु समाप्त करने का काम जहाँ होगा वहीं वर्षा से खेती के लिए पानी व भूजल स्तर बनाने में मदद मिलेगी।
विशेष आग्रह है कि हमें सरकार इस चुनौती पूर्ण कार्य करने के लिए अबसर प्रदान करें।हवन के दौरान वर्षा होने का का कार्य कर बनाग्नि बुझाने के कार्य करने में पत्र परिवार का सहयोग देश एंव विश्व के हित में होगा

।जिससे हमारे शास्त्रों में वर्णित तथ्यों की प्रमाणिकता बनी रहेगी।

वहीं हमारे पास मौजूद ज्ञान के अधार पर अन्य प्रदेशों एवं देशों से इसके लिए अनुबंध कर देश का राजस्व बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रकाश पंत का पार्थिव शरीर को आम जनता के दर्शनार्थ एसडीआरएफ मुख्यालय भवन निकट जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट, देहरादून में रखा गया

देहरादून: प्रकाश पंत का पार्थिव शरीर शनिवार को प्रातः 10ः15 बजे आम जनता के दर्शनार्थ एसडीआरएफ मुख्यालय भवन निकट जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट, देहरादून में रखा गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द्र अग्रवाल, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, शिक्षा मंत्री अरविन्द […]

You May Like