मित्रों आपको जनकारी हैं कि सम्पादक सत्य पर अटूट विश्वास करते हुए सत्य के लिए काम करने पर विश्वास करते हुए नाश्वर शरीर के मानव के अन्दर आवत ससरी जातते शिल परत निशान के उदाहरण को चिर्थार्त करते हुए अवगत कराते हुए हर्ष होरहा है कि नरेंद्र मोदी जब तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए उनके परिवार के बड़े भाई ने श्री बद्रीनाथ धाम में 5 दिन का पाठ कराया था जिसके फलस्वरूप वह मोदी मुख्यमंत्री बने उसके बाद प्रधानमंत्री बनते जारहे हैं।पहाडोंकीगूँज समाचार पत्र के माध्यम मंदिर समिति में कार्यरत कर्मचारियों की स्तिथि को देखते हुए उनकी समस्या बार बार उठाने पर वा उनकी मांग पूरी होने पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति कर्मचारियों ने अपनी विश्व प्रसिद्ध संस्था के कर्मचारियों की यूनियन के संरक्षक होने का सौभाग्य प्राप्त करने का अबसर दिया है उसी की कृपा मोदी जी पर वर्षा होरही है।श्री बदरिकेदार धाम मंदिर की कृपा से 30 मई के बाद अपने मोबाइल को रिचार्ज न करें । अपने पिछले कार्यकर्मो लेकर वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए www.ukpkg.com न्यूज पोर्टल को 11 दिन व 21दिन देखने या लॉगिन करने वाले लोगों के लिए हमारे सुझाव पर नरेंद्र मोदी 399 ,499रुपये के रूप में नई सरकार बनाने के लिये दे रहे हैं। साथ ही अपने प्रोजेक्ट (स्मार्ट सिटी) के लिए शानदार सफलता के लिए। इस मैसेज को 21 लोगों को भेजें और पांच मिनट के बाद अपना बैलेंस चेक करें।
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Jio -1991।
मैं भी एवं पत्र भी हैरान है।
पर यही सच है की श्री बदरिकेदार की कृपा के विना कुछ हो नहीं सकता।
एक बार जरूर उत्तराखंड के चार धाम यात्रा पर आइयेगा
40 दिन के लिए विधि विधान से पूजा अर्चना :जानने के लिए पूरी खबर देखे
Fri May 31 , 2019
Edited by Shagufta Ansari https://youtu.be/oETu3bM2xNE Post Views: 645
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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

