नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को चारधाम यात्रा को लेकर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने मामले को सुनने के बाद चारधाम के दर्शन करने की अनुमति सभी श्रद्धालुओं को दे दी है। साथ में कोर्ट ने यह भी कहा है कि सभी श्रद्धालु कोविड के नियमों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे। कोविड के नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। डीएलएसए इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेंगे। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि चारधाम में मेडिकल की सुविधा और बढ़ाई जाये. सीरियस केसों के लिए चॉपर की व्यवस्था की जाये। उसकी जानकारी के लिए मोबाइल नम्बर वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाये। मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवम्बर की तिथि नियत की है। सरकार की तरफ से शपथ पत्र पेश कर कहा गया कि कोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए निर्णय में संशोधन किया जाये। महा अधिवक्ता द्वारा सरकार का पक्ष रखते हुए कहा गया कि चारधाम यात्रा करने के लिए कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी थी। लेकिन वर्तमान समय में प्रदेश में कोविड के केस ना के बराबर आ रहे हैं। इसलिए चारधाम यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या के आदेश में संशोधन किया जाये.महा अधिवक्ता द्वारा कोर्ट के सम्मुख यह भी कहा गया कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में तीन सप्ताह से कम का समय बचा हुआ है। इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहां दर्शन के लिए आ रहे हैं, उन सबको दर्शन करने की अनुमति दी जाये। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने हेतु रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, वे नहीं आ रहे हैं। इस कारण वहां के स्थानीय लोगों पर रोजी-रोटी का खतरा उत्पन्न हो रहा है।
पितृ अमावस्या पर श्रद्धालुओं के लिए रहेगा नारायणी शिला मंदिर बंद
Tue Oct 5 , 2021
हरिद्वार। 6 अक्टूबर (बुधवार ) को पितृ पक्ष की अमावस्या है। हर साल पितृ अमावस्या पर बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने हरिद्वार पहुंचते हैं. इस बार कोरोना संक्रमण के चलते कर्मकांड अनुष्ठान के लिए नारायणी शिला को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया […]

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