ऊखीमठ। मक्कूमठ गांव निवासी न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी के हाईकोर्ट नैनीताल के न्यायाधीश बनने पर क्षेत्रीय जनता ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। 80 के दशक में गांव में ही प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद रवींद्र मैठाणी अपने पिता चंद्रादत्त मैठाणी के साथ कर्णप्रयाग चले गए। इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर्णप्रयाग से करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा व कानून की पढ़ाई गोपेश्वर से की।वर्ष 1989 में पीसीएस-जे में सफलता प्राप्त करने के बाद रवींद्र मैठाणी ने कई जिलों में अपनी सेवाएं दी। सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर भी वे तैनात रहे। अधिवक्ता अरुण प्रकाश वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने न्यायमूर्ति मैठाणी से ही कानून को समझा है। वरिष्ठ अधिवक्ता गजपाल सिंह रावत ने कहा कि मैठाणी ने उन्हीं के साथ अपनी वकालत शुरू की थी। आज वे इतने ऊंचे पद पर पहुंचे हैं, जो सबके लिए खुशी की बात है। उधर, मक्कूमठ के भगवती प्रसाद मैठाणी का कहना है कि रवींद्र मैठाणी ने गांव को नई पहचान दी है। वे गांव में होने वाले छोटे-बड़े आयोजनों व सामाजिक कार्यक्रमों में हमेशा प्रतिभाग करते हैं।श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के कार्याधिकारी नर्वदेश्वर जमलोकी ने कहा किपहाड़ी परिवेश की पढ़ाई से पड़े बड़े मैठाणी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट से न्यायिक अधिकारी का सफर शुरू किया है।साफ छवि के न्यायिक अधिकारियों में मैठाणी जी ने काफी प्रसिद्ध नाम कमाया है।बाबा केदार से उनकी नई जिम्मेदारी की शुभकानाएँ
चीन में समुद्र पर बने दुनिया के सबसे लंबे पुल का हुआ उद्घाटन
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