देहरादून। लॉकडाउन के चलते प्रदेश में मिठाई की दुकानें बंद हैं। इससे न सिर्फ दुकान में बनी पड़ी मिठाई खराब हो रही है, बल्कि दूध की सफ्लाई भी न ज्यादा मात्रा में नहीं हो पा रही है। पूरे प्रदेश में मिठाई दुकान के संचालक लाॅकडाउन की मार झेल रहे है। मिठाईवालों को प्रदेशभर में लाखों-करोंड़ा का अब तक चपत लग गया है। एक आंकड़े के मुताबिक, अकेले रामनगर शहर में मिठाई की दुकान बंद होने से करीब 60 लाख रुपए से ज्यादा नुकसान हुआ है। डेरी संचालकों की मानें तो रामनगर में रोजाना करीब डेढ़ लाख लीटर दूध बर्बाद हो रहा है। जिस वजह से दूध का व्यापार करने वालों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मिठाइयों की दुकान पर दूध की सप्लाई करने वाले नवाबउद्दीन ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से मिठाई की दुकान बंद है। जिसके चलते उन्हें रोज डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा का घाटा उठाना पड़ रहा है। ऐसे ही कुछ हाल मिठाई वालों की भी है। मिठाई विक्रेता भूपेंद्र सिंह मेहरा का कहना है कि दुकाने बंद है। जिसके चलते लगभग पूरे बाजार में 60 लाख से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. 21 दिनों के लॉकडाउन में अधिकाश मिठाइयां खराब हो चुकी है वहीं जो मिठाई सही थी वो जरुरतमंदों में वितरित करा दी गई थी।
चारधाम यात्रा कराने वाली कंपनियों पर लाॅकडाउन की मार
Mon Apr 13 , 2020
देहरादून। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा कराने वाली संयुक्त रोटेशन की 13 कंपनियों पर अब लॉकडाउन का असर पड़ने लगा है। लॉकडाउन की वजह से बेरोजगारी की मार झेल रहे ड्राइवर, कंडक्टर और परिवहन व्यवसायी सरकार के लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाने के फैसले से चिंतित हो गए हैं। […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

