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Jiitmani Painyuli editor pahadon ki goonj का पोर्टल को बढ़ावा देने से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है वोटर लिस्ट पर छिड़ा संग्राम पढ़ें सभी समाचार

Pahado Ki Goonj
Jiitmani Painyuli editor pahadon ki goonj का पोर्टल को बढ़ावा देने से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है वोटर लिस्ट पर छिड़ा संग्राम पढ़ें सभी समाचार
‘वोटर लिस्ट’ पर उत्तराखंड में छिड़ा ‘संग्राम’,हजारों नागरिकों के वोट पर मंडराया संकट
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के रण से पहले बढ़ी राजनीतिक तपिश
देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अब राजनीतिक विवाद का नया केंद्र बन गई है। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और खामियों का आरोप लगाते हुए राज्यभर में मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का दावा है कि यदि समय रहते कमियां दूर नहीं की गईं तो हजारों वास्तविक मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कह रही है कि चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित कर रहा है। चुनावी वर्ष से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस बार यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है। यह राजनीतिक संघर्ष का नया अखाड़ा बनती दिखाई दे रही है।
प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर के दौरान कई स्थानों पर मतदाताओं के नाम बिना पर्याप्त सूचना के हटाए जा रहे हैं, नए मतदाताओं के पंजीकरण में अनावश्यक देरी हो रही है और बूथ स्तर पर पर्याप्त सत्यापन नहीं किया जा रहा। पार्टी नेताओं का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग रोजगार के कारण अस्थायी रूप से बाहर रहते हैं। ऐसे परिवारों के नाम हटने का खतरा बढ़ गया है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर हो गया तो लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मताधिकार कमजोर होगी। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी जिला मुख्यालयों से लेकर राज्य स्तर तक ज्ञापन, धरना और विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को चुनाव से पहले भ्रम फैलाने की रणनीति बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरी तरह चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसमें राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों को भी आपत्तियां और सुझाव देने का अवसर मिलता है। भाजपा का तर्क है कि यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है तो उसके लिए निर्धारित अपील और दावा-आपत्ति की व्यवस्था पहले से मौजूद है। ऐसे में कांग्रेस का विरोध केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश है।
इस पूरे विवाद के केंद्र में चुनाव आयोग है। आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाना है ताकि मृत, स्थानांतरित या दोहरे नामों को हटाया जा सके और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जा सके। हालांकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में केवल सूची की शुद्धता ही नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। यही कारण है कि आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सभी दलों की निगाहें टिकी हुई हैं।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया मैदानी राज्यों से कहीं अधिक जटिल है। बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय के लिए दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई या अन्य शहरों में रहते हैं, जबकि उनका स्थायी निवास गांवों में है। कई गांवों में पलायन के कारण परिवार वर्ष के अधिकांश समय बाहर रहते हैं। यदि ऐसे मामलों में पर्याप्त सत्यापन के बिना नाम हटाए जाते हैं तो विवाद स्वाभाविक रूप से बढ़ सकता है। यही मुद्दा कांग्रेस जोर-शोर से उठा रही है।
इस बार पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का पंजीकरण भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। कांग्रेस का आरोप है कि कई कालेजों और दूरदराज क्षेत्रों में जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं है। वहीं भाजपा दावा कर रही है कि युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एसआईआर का विवाद केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं है। इसके पीछे आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति भी जुड़ी हुई है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जाना चाहती है, जबकि भाजपा चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए विपक्ष के आरोपों को चुनावी राजनीति का हिस्सा बता रही है। यदि यह मुद्दा लगातार गर्माता है तो आने वाले महीनों में यह बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे मुद्दों के साथ चुनावी विमर्श का प्रमुख हिस्सा बन सकता है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि चुनाव आयोग कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का किस प्रकार निस्तारण करता है। यदि प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और तथ्यपरक रही तो विवाद स्वतः शांत हो सकता है। लेकिन यदि किसी भी स्तर पर बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम छूटने या हटने की शिकायतें सामने आती हैं, तो यह मामला राजनीतिक से आगे बढ़कर संवैधानिक बहस का विषय भी बन सकता है।
मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। इसलिए उस पर उठने वाला हर सवाल स्वाभाविक रूप से गंभीर होता है। विपक्ष का अधिकार है कि वह संभावित खामियों की ओर ध्यान दिलाए, वहीं चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखे। फिलहाल उत्तराखंड में एसआईआर केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि चुनावी राजनीति का नया रणक्षेत्र बन चुका है।
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मुख्यमंत्री ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसमस्याएं सुनकर अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिये।
आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड हेलीपैड स्थित कैंप कार्यालय में जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर उसका प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। शासन और प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिक को उसकी समस्या का शीघ्र एवं संतोषजनक समाधान मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनहित से जुड़े मामलों में पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की तथा आश्वस्त किया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा खटीमा कैंप कार्यालय में 27 दिव्यांगजनों को 77 सहायक उपकरण और 22 वरिष्ठ नागरिकों को 113 सहायक उपकरण, 11 बैटरी रिक्शा, 14 व्हील चेयर, 18 कमोड चेयर, 06 ट्राई साइकिल, 24 हियरिंग मशीन, 40 नी ब्रेस,13 बैशाखी के अतिरिक्त वॉकर, वॉकिंग स्टिक, सिलिकॉन कुशन , सी पी चेयर का वितरण किये गए साथ ही ग्रामोत्थान रीप योजनांतर्गत नारी शक्ति ग्राम संगठन गदरपुर व सत्यमेव जयते सी एल एफ बाजपुर को बोलेरो वाहन तथा एकता सी एल एफ गदरपुर को फूड वैन की चाबी सौंपी। इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू,किशन सिंह किन्ना,गंभीर सिंह धामी, रणजीत सिंह नामधारी,मोहिनी पोखरिया, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध सहित अनेक जनप्रतिनिधि अधिकारी मौजूद थे।
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80 हजार की नगदी व तमंचा, कारतूस सहित चार लूटेरे गिरफ्तार
हरिद्वार। भैंस खरीदने गये एक व्यक्ति से तमंचे की नोक पर करीब एक लाख रूपये की नगदी लूटने के मामले मेें पुलिस ने कार्यवाही करते हुए चार लुटेरो को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से 80 हजार की नगदी व तमंचा कारतूस बरामद हुआ है। मामले में शामिल एक महिला आरोपी को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
जानकारी के अनुसार बीती 20 जुलाई को इमरान पुत्र अल्लादिया निवासी ग्राम सिहचंदी थाना भगवानपुर हरिद्वार द्वारा कोतवाली लक्सर में तहरीर देकर बताया गया था कि 14 जुलाई को उनके साथ अज्ञात 4 व्यक्तियों द्वारा मारपीट, गाली गलौच, व जान से मारने की धमकी देकर एक लाख रुपयें लूट लिए गये है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी गयी। लूट का खुलासा करने में जुटी पुलिस टीम द्वारा कडी से कड़ी जोड़कर घटना की एक महिला आरोपी को लूटी गयी धनराशि के साथ बीती 28 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि घटना में फरार चल रहे अन्य आरोपी लगातार अपनेकृअपने घरों से फरार रहकर गिरफ्तारी से बचने के लिये लगातार ठिकाने बदलकर रह रहे थे जो लूटी गयी धनराशी को आपस में बांटकर कही जाने के फिराक में थे। जिन्हे पुलिस ने देर रात मय लूटी गयी धनराशि के साथ लक्सर से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सुधांशु उर्फ काका पुत्र अवदेश उर्फ बाबूराम निवासी ग्राम अकौढा खुर्द थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार, वंश पुत्र देवेन्द्र निवासी ग्राम कंकरखाता कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार, अनुज पुत्र मामचंद निवासी ग्राम अकौढा खुर्द थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार व आकाश पुत्र मेनपाल निवासी ग्राम अकौढा खुर्द थाना कोतवाली लक्सर जनपद हरिद्वार बताये जा रहे है।
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11 अगस्त से दो महीने तक बंद रहेगी पाताल भुवनेश्वर गुफा


बेरीनाग। तहसील मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूरी पर स्थिति प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा में मानसून सीजन के दौरान बंद रहेगी। पाताल भुवनेश्वर गुफा में प्रवेश पर 11 अगस्त से 10 अक्टूबर तक अस्थायी रोक रहेगी। बारिश के मौसम में गुफा के भीतर ऑक्सीजन का स्तर घटने और सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है। जिसे देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यह निर्णय लिया है।
एएसआई के देहरादून मंडल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 11 अगस्त 2026 से 10 अक्तूबर 2026 तक गुफा में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान गुफा के भीतर हवा का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होने से ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ जाता है। किसी भी आपात स्थिति से बचाव के लिए वरिष्ठ संरक्षण सहायक की रिपोर्ट और एएसआई मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर यह फैसला लिया गया है।अब श्रद्धालुओं को पाताल भुवनेश्वर गुफा दर्शन के लिए 10 अक्टूबर तक इंतजार करना होगा। मानसून समाप्त होने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही गुफा को दोबारा खोला जाएगा। एएसआई और मंदिर समिति ने लोगों से प्रतिबंधित अवधि में यात्रा की योजना नहीं बनाने की अपील की है।
पाताल भुवनेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष नीलम सिंह भंडारी ने कहा कि मानसून के दौरान ऑक्सीजन की कमी की आशंका को देखते हुए एएसआई ने 11 अगस्त से 10 अक्तूबर तक गुफा में प्रवेश पर रोक लगाई है। श्रद्धालु प्रतिबंध अवधि में यात्रा की योजना न बनाएं। पिछले वर्ष भी बरसात में दो माह तक गुफा बंद थी। गुफा के भीतर चार द्वार हैं। कहा जाता है प्रत्येक द्वार हर युग यानी सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलियुग का प्रतीक हैं। जहां इन चार द्वारों में से तीन द्वार खुले हुए हैं, वहीं एक द्वार अभी बंद है। मान्यता है कि जिस दिन यह चैथा द्वार खुलेगा, उसी दिन कलियुग का अंत होगा।
गुफा के पुजारी नीलम भंडारी के मुताबिक अयोध्या के राजा ऋतुपर्णा भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे। उन्होंने ही इस गुफा की सबसे पहले खोज की थी। वहीं अगर पौराणिक इतिहास से जुड़ी अलग-अलग किताबों पर नजर डालें तो पता चलता है कि राजा ऋतुपर्णा का साम्राज्य ईसा पूर्व 4720 के आसपास यानी आज से 6744 साल पहले था। इस वर्ष बड़ी संख्या में लोग गुफा देखने आये थे।
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दो पक्षों में विवाद के बाद हुई मारपीट और पत्थरबाजी,पुलिस कर रही मामले की जांच
हरिद्वार। देर रात  ज्वालापुर कोतवाली के अहबाब नगर में  मामूली कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई।इस मामले में पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, देर रात अहबाब नगर में पहले कुछ युवकों के बीच कहासुनी हो गई। मामूली बात पर हुई कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के कई लोग आमने सामने आ गए और उसके बाद मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। अचानक से दोनों पक्षों की तरफ से पथराव शुरू हो गया। पथराव की घटना से मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। मौके पर जमा लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान लोगों ने पथराव की घटना को मोबाइल में कैद कर लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक दूसरे पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। पथराव की घटना से क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। वायरल वीडियो में कुछ लोग पथराव न करने की अपील करते सुनाई दे रहे हैं और आरोप भी लगा रहे हैं कि इन्हीं लोगों ने पूर्व में भी कई बार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। लोगों के मना करने पर भी पत्थरबाज रुके नहीं और जमकर ईंट पत्थर फेंकते रहे। सूचना मिलते ही ज्वालापुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष एक ही समुदाय से जुड़े हैं और युवकों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।
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लक्ष्मणपुरी में कब्रगाह और अंतिम नमाज स्थल को किया ध्वस्त,लोगों ने जताया विरोध
मसूरी। शनिवार सुबह लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए। इस दौरान लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया है। प्रशासन ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की है। सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वह कोई नई संरचना नहीं थी, बल्कि वर्षों से उनके धार्मिक और सामाजिक उपयोग में रहा स्थल है। उनका दावा है कि यह स्थान करीब 200 वर्ष पुराना है। यहां उनके पूर्वज दफन हैं। समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रशासन जिस संरचना को मस्जिद बता प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी भावनाओं को समझे कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि यदि यह भूमि वास्तव में सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस पर किसी प्रकार का विवाद या कार्रवाई क्यों नहीं हुई। समुदाय के लोगों ने कहा धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
कार्रवाई के विरोध में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है, वह नियमित नमाज के लिए उपयोग होने वाली मस्जिद नहीं, बल्कि एक टीनशेड है। जहां अंतिम संस्कार के बाद मृतकों की अंतिम नमाज अदा की जाती रही है। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कहा संबंधित भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और न ही किसी निजी व्यक्ति अथवा समुदाय के स्वामित्व में है। संयुक्त जांच में यह भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की पाई गई है। उन्होंने बताया राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड से जुड़े अभिलेखों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संरचना पालिका की भूमि पर बनी थी। अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी। एसडीएम के अनुसार प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से संरचना हटाने के निर्देश दिए गए थे। नोटिसों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
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एक अगस्त से नैनीताल की माॅल रोड नो हाॅर्न जोन घोषित


नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल की मॉल रोड पर अब गाड़ियों के हॉर्न के शोर सुनाई नहीं देगा। क्योंकि नैनीताल की मॉल रॉड को अब नो हॉर्न जोन घोषित कर दिया गया है। जहां पर किसी भी प्रकार की गाड़ियों के हॉर्न बजाने पर रोक लगा दी गई है। एसपी सिटी जगदीश चंद्र ने कहा कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
मॉल रोड को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त शहर बनने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट के निर्देशों और जिला प्रशासन के आदेश के बाद नैनीताल की मॉल रोड को ‘नो हॉर्न जोन’ घोषित कर दिया गया है। इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने मॉल रोड पर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान वाहन चालकों को हॉर्न न बजाने के लिए जागरूक किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि शहर को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। अभियान के दौरान वाहन चालकों को समझाया गया कि मॉल रोड पर अनावश्यक हॉर्न बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरटीओ गुरुदेव सिंह ने भी वाहन चालकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करते हुए नैनीताल को शांत और स्वच्छ पर्यटन नगरी बनाए रखने में सहयोग करें। हालांकि स्थानीय लोग जिला प्रशासन से नाराज नजर आ रहे हैं। लोगो का कहना है कि अगर गाड़ी के हॉर्न नहीं बजेगे तो लोग उनकी गाड़ी के आगे से कैसे हटेंगे। इस फैसले से शहर में हादसे बढ़ेंगे। अगर यह नियम इसी तरह लागू रहा तो शहर में हादसे बढ़ सकते हैं। लिहाजा जिला प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है।
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सृष्टि कंडारी दहेज हत्या प्रकरण में  पति व ननद गिरफ्तार

देहरादून। दहेेज हत्या मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस ने हत्यारोपी पति व ननद को गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बीती 29 जुलाई को सीमा कण्डारी पत्नी स्व. सुमेर सिंह कण्डारी निवासी श्रीकोट, निकट गेस गोदाम श्रीनगर जिला पौडी गढवाल द्वारा कोतवाली डोईवाला पर तहरीर देकर बताया गया था कि उन्होने पुत्री सृष्टि कण्डारी का विवाह नवम्बर 2025 में सौरभ खत्री निवासी लक्ष्मण एन्कलेव, दिल्ली फार्म, हर्रावाला, देहरादून के साथ किया था। विवाह के बाद से ही उसके ससुराल पक्ष द्वारा उनकी पुत्री को दहेज के लिए प्रताडित करने तथा उनकी पुत्री के ससुराल पक्ष (पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी व ननद चारू) द्वारा उनकी पुत्री की हत्या की गयी है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। जांच के दौरान पुलिस टीम को मृतका की मां द्वारा घटना से पूर्व मृतका द्वारा उन्हें भेजी गयी एक वीडियो उपलब्ध कराई गयी, जिसमें मृतका द्वारा शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार प्रताडित किये जाने की बात बताई गयी थी। पुलिस द्वारा की गयी त्वरित कार्यवाही व प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर शनिवार सुबह पुलिस टीम द्वारा घटना में नामजद दो आरोपियों सौरभ खत्री पुत्र स्व. मनोहर खत्री तथा सुरभि खत्री उर्फ चारू पुत्री स्व. मनोहर खत्री निवासी लक्ष्मण एन्केलव दिल्ली फार्म हर्रावाला कोतावाली डोईवाला देहरादून को लक्ष्मण एन्क्लेव, दिल्ली फार्म, हर्रावाला से गिरफ्तार किया गया है।
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एम्स परिसर आवास से  चोरी का खुलासा, शातिर गिरफ्तार

देहरादून। पुलिस ने आंध्र प्रदेश के अंतर्राज्यीय चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 50 लाख रूपये के जेवरात व अन्य दस्तावेज बरामद कर लिये। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आज यहां इसकी जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि एम्स आवासीय परिसर निवासी रविन्द्र तिवारी द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पर लिखित तहरीर देकर अवगत कराया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके आवास का ताला तोड़कर घर में रखे सोनेकृचाँदी के आभूषण एवं 60 हजार रूपये नकद चोरी कर लिए गए हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को घटना के शीघ्र खुलासे एवं गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशाकृनिर्देश देते हुये प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए, घटनास्थल के आसपास आने जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को चैक किया गया। पुलिस द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासो से मिली सूचना पर काली माता मंदिर, सात मोड़, देहरादून रोड ऋषिकेश के पास से मंडलपु शिवा अंजनेयुलू पुत्र मंडलपु कोटेश्वर राव, निवासी मेन रोड, ओप्पो रामालयम, एडलापाडु, जनपद गुंटूर, आंध्र प्रदेशर्, को गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से एक काले रंग का पिट्ठू बैग से भारी मात्रा में सोनेकृचाँदी के आभूषण, तीन आधार कार्ड, चोरी में प्रयुक्त पेचकस एवं अन्य सामान बरामद हुआ। बरामद ज्वैलरी के सम्बन्ध में पूछताछ में उसके द्वारा उक्त ज्वैलरी को ऋषिकेश एम्स तथा राजकोट गुजरात में की गयी 02 अलगकृअलग घटनाओं में चोरी करना बताया गया। पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि वह गंगा स्नान के लिये हरिद्वार तथा ऋषिकेश आया था तथा े एम्स ऋषिकेश स्थित आवासीय परिसर में रेकी के उपरान्त उसके द्वारा एक बन्द घर का ताला अपने पास रखे पेचकस से तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद उसके द्वारा 27 जुलाई को उसने गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी प्रकार चोरी की घटना कारित की थी। उसके द्वारा बताई गई सूचना का गुजरात पुलिस से सत्यापन कराया गया, जिसमें उक्त घटना के सम्बन्ध में राजकोट के थाना प्रघुम्ननगर में मुकदमा दर्ज होना ज्ञात हुआ। गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है जो बीमारी के बहाने अस्पताल परिसरों में घूमकर बन्द घरों की रैकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। पुलिस से बचने कि लिये उसके द्वारा अपने अलगकृअलग नाम एवं विवरण वाले आधार कार्ड बनाये गये थे जिनका उपयोग वह चोरी से पूर्व होटलों, धर्मशालाओं आदि में ठहरने के लिए करता था। पूछताछ में उसका पूर्व में भी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा एवं गुंटूर में चोरी के मामलों में जेल जाना प्रकाश में आया है। अन्य राज्यों से भी उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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मनचलों ने की छेड़खानी,छात्राओं ने की जमकर धुनाई बिच्छू घांस भी लगाया
नैनीताल। शनिवार सुबह जिले के मुक्तेश्वर क्षेत्र में मनचलों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाहरी क्षेत्र से आए दो युवकों ने गांव की युवतियों के साथ अभद्र व्यवहार व छेड़खानी की। युवतियों ने मनचलों की हरकतों का विरोध करते हुए दोनों युवकों को बीच सड़क पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और युवकों की जमकर धुनाई की। बताया जा रहा है कि युवकों का मुंह काला कर उन्हें बिच्छू घास भी लगाई गई। स्थानीय लोगों के अनुसार शनिवार सुबह गांव की कुछ छात्राएं स्कूल और बाजार की ओर जा रही थी। इसी दौरान दो युवकों ने उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं. पहले युवतियों ने उनकी हरकतों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब युवकों की अभद्रता बढ़ गई, तो उन्होंने साहस दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और युवकों की पिटाई कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।फिलहाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी है। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। यदि शिकायत दर्ज होती है, तो जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि गांव में इस तरह की घटना को देखकर स्थानीय ग्रामीणों का भी पारा चढ़ गया। फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है। पता लगा रही है कि युवक कहां के रहने वाले हैं और गांव में क्यों आए थे।

सड़क किनारे नाले में गिरने से युवक की मौत
देहरादून। शनिवार तड़के माजरा क्षेत्र में सड़क किनारे बने नाले में गिरने से सेंट जूड स्कूल के एक कर्मचारी की मौत हो गई।  पुलिस ने नाले से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान अमित सेमवाल (21) पुत्र रामेश्वर प्रसाद, निवासी माजरा, पटेलनगर के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार अमित सेंट जूड स्कूल की कैंटीन में काम करता था। वह शुक्रवार शाम करीब सात बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद पैदल अपने घर के लिए निकला था, लेकिन रात तक घर नहीं पहुंचा। रात करीब 12.45 बजे माजरा क्षेत्र में सड़क किनारे नाले में एक युवक के फंसे होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और नाले से शव बाहर निकाला। उसकी आसपास शिनाख्त कराने पर उसकी पहचान अमित सेमवाल के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अमित नाले में गिर गया था और डूबने या तेज बहाव में बहने से उसकी मौत हो गई।पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोतवाली पटेल नगर प्रभारी विनोद गुसाई ने बताया है कि शुरुआती जांच में यह मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक जांच में युवक की मौत नाले में गिरकर डूबने या तेज बहाव में बहना प्रतीक हो रहा है। फिलहाल पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटना की जांच में जुट गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छाया हुआ है।

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