
चार यूनिट रक्त से लौटी जिंदगी की उम्मीद, रेडक्रॉस और रक्तदाताओं ने पेश की मानवता की मिसाल ।
उत्तरकाशी। रिपोर्ट मदन पैन्यूली
जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में बी पॉजिटिव रक्त की चार यूनिट की अचानक आवश्यकता पड़ने पर भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समय रहते रक्त की व्यवस्था कर एक मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मानवीय पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में रक्तदान किसी के लिए जीवनदान बन सकता है।
जैसे ही रेडक्रॉस उत्तराखंड राज्य शाखा के चेयरमैन ओंकार बहुगुणा को रक्त की आवश्यकता की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल रेडक्रॉस के सक्रिय सदस्य दीपक थपलियाल को रक्तदाताओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद दीपक थपलियाल दो रक्तदाताओं के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचे, जबकि अन्य स्वयंसेवकों ने भी आगे बढ़कर रक्तदान किया। सभी के सहयोग से समय पर चार यूनिट बी पॉजिटिव रक्त उपलब्ध कराया गया, जिससे मरीज को तत्काल उपचार मिल सका।
रक्तदान करने वाले दीपक थपलियाल, गजेंद्र सिंह नेगी, सुशील सिंह, दिवाकर चौहान और वजीर के सेवा भाव की रेडक्रॉस ने सराहना की। रक्तदान के बाद उत्तराखंड राज्य शाखा के चेयरमैन ओंकार बहुगुणा तथा राज्य शाखा के उपाध्यक्ष डॉ. प्रेम पोखरियाल ने सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र एवं पानी की बोतल भेंट कर सम्मानित किया।
रेडक्रॉस उत्तरकाशी के जिला चेयरमैन माधव जोशी ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाना रेडक्रॉस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले के सक्रिय रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों के सहयोग से लगातार लोगों को नया जीवन मिल रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील भी की।
राज्य चेयरमैन ओंकार बहुगुणा ने कहा कि रेडक्रॉस का उद्देश्य हर संकट की घड़ी में मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि “रक्तदान सबसे बड़ा महादान है और एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है।” उन्होंने रेडक्रॉस उत्तरकाशी की सक्रिय टीम, जिला चेयरमैन माधव जोशी और सभी स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए इसे सेवा और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरक उदाहरण बताया।
रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष डॉ. प्रेम पोखरियाल ने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए नई जिंदगी का कारण बन सकता है।
इस अभियान को सफल बनाने में जिला चिकित्सालय की डॉ. अमिता डोगरा, लैब टेक्नीशियन मनोज नौटियाल और प्रदीप चौहान, नर्सिंग ऑफिसर कुलदीप सोमारी, ललिता मठार, पतमा देवी तथा रेडक्रॉस के अजीत असवाल, विपिन भट्ट, संतोष शकलानी, आदेश नौटियाल और मनोज थलवाल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

