हम सबको पृथ्वी को बचाने के लिए वास्तविक कार्य करने की सौगंध लेनी चाहिए

Pahado Ki Goonj

समुद्रवसने देवी पर्वतस्तनमण्डिते,
विष्णुपत्नी नमस्तुभ्यं पादस्पर्श क्षमस्वमे ।
, पृथ्वी को माँ का दर्जा मिला हुआ है क्योंकि हम सभी लोगों का और हमारे सभी पूर्वजों ने इसी पर जन्म लिया,जहाँ जहाँ जिसका जन्म हुआ या होता है वह उसकी मातृ भूमि कहलाती है,मानव जाति समेत लाखो करोड़ो जीव जन्तुओं की जन्मभूमि भी यही पृथ्वी ही है,इस पृथ्वी पर बेशक इंसानों ने अपने स्वार्थो के चलते अपनी सीमाओं को सीमित किया है लेकिन वास्तविक रूप से ये धरा एक ही है,जो हमे हमारी हर जरूरत को पूरी करती है,हमे जल देती है,वायु देती है,खनिज ,लवण,अन्न, धन,गाड़ी,घोडा,नौकर,चाकर, गरीबी ,अमीरी,रोजगार,बेरोजगारी,सोना,चांदी, जमीन,जायदाद,छोटा,बड़ा,जाति, बिरादरी,नाते ,रिश्ते,भला,बुरा,सुख दुःख, घृणा,प्रेम,सभी बातों का,सभी चीजों का अहसास इसी जमीन पर रहकर हम सभी करते हैं। हम अमेरिका में रहे,ऑस्ट्रेलिया में रहे,यूरोप में रहे,एशिया में रहे,अफ्रीका में रहे,मैदान में रहें, पहाड़ो में रहे,ठंडे भाग में रहे या गर्म क्षेत्रों में या कहीँ और रहें लेकिन सही मायनों में हम पृथ्वी पर ही रहते हैं,अथार्त पृथ्वी हमारी जन्मभूमि,कर्मभूमि और मोक्षभूमि भी है।
लेकिन दुःख कि बात ये है कि आज यही वसुंधरा खतरे में और ये खतरा किसी और ने नही हम मानव जाति ने स्वयं पैदा किया है,पर्यावरण को असंतुलित कर हमने अपने भविष्य को खतरे में डाला है,पृथ्वी बचाने के उद्देश्य की दृष्टि से 22 अप्रैल 1970 से आज के दिन को पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है,आज दुनिया के 193 देश इस दिन को मनाते है,इस दिन पर हम सबको पृथ्वी को बचाने के लिए वास्तविक कार्य करने की सौगंध लेनी चाहिए,क्योंकि यदि धरा ही सुरक्षित नही रहेगी तो हमारे जीवन का अस्तित्व भी खत्म ही होगा,अतः पृथ्वी दिवस पर इस वसुंधरा को प्रणाम करते हुए इसको बचाने के लिए जरूर आगे आएं, एक बात जरूर याद रखें इस पृथ्वी को कोई नही जीत पाया बल्कि इस पृथ्वी ने सभी को अपने में समाया, चाहे कोई कितना भी बड़ा धनाढ्य हो,विद्वान हो,नेता हो,अधिकारी हो,बड़ा हो या छोटा सभी ने इस धरा में ही समाना है,पृथ्वी माता को प्रणाम करते हुए इसके संरक्षण के लिए सभी को प्रयास करने होंगे,तभी ये धरा वसुंधरा कहलाएगी।

पृथ्वी सगन्धा सरसास्तथापः
स्पर्शी च वायुज्र्वलनं च तेजः।
नभः सशब्दं महता सहैव
कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्।

अपनी सुगंध रूपी गुणों से सबको जीवन देकर पालन पोषण करने वाली माँ वसुंधरा को प्रणाम करते हुए आप सभी को समस्त विश्व को पृथ्वी दिवस की ukpkg.com वसुंन्धरा,
भारत माता की जय।

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