घुटालो के लिये उक्रांद नेता सुशील कुमार करेंगें आमरण अनशन

Pahado Ki Goonj

 

सम्मानित पत्रकार , ब्यूरो चीफ, संवादाता
आपके माध्यम से राज्य की जनता तथा सरकार को अवगत करना है कि, उत्तराखंड सरकार लगातार प्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स की बात से जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। जबकि प्रदेश में व्याप्त एवं दिन प्रतिदिन बढ़ रहा भ्रस्टाचार प्रदेश सरकार की नीतिओं एवं वादों पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है । पिछले 17 सालों से प्रदेश सरकारों के भ्रष्टाचारा पर आंखे मूंद कर एवं संवेदन हीन होने के कारण पिछले 17 सालों से उत्तराखंड मंडी परिषद् में भ्रष्टाचार का वटवृक्ष फलफूल रहा है तथा वर्तमान में मंडी परिषद् में भ्रष्टचार अपनी चरम पर है। जिसके कारण उतराखण्ड क्रांति दल युवा मोर्चा ने राज्य के हित उतराखण्ड मण्डी परिषद की निर्माण शाखा की कार्यप्रणाली की सीबीआई जांच कराने के लिए 1 मार्च से खैट पर्वत पर आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड मंडी परिषद् निर्माण के भ्रष्ट तथा उतराखण्ड विरोधी मानसिकता रखने वाले अभियंताऔ द्वारा विकास के नाम पर राज्य के गरीब किसानों के पैसे को पिछले 17 सालों से खुलेआम लूटा जा रहा है। केंद्रीय महामंत्री सुशील कुमार ने बताया यदि प्रदेश सरकार मण्डी परिषद की सीबीआई जाँच के आदेश देती है तो उत्तराखंड मंडी परिषद मे आज तक के सबसे बड़े बड़े घोटाले प्रदेश की जनता के समक्ष आ जाएंगे । सुशील कुमार ने बताया मंडी परिषद् में 2012 में पांचअभियंताओं की नियम विरुद्ध नियुक्ति तथा विनियमितिकरण की जाँच के आदेश डॉ रावत तत्कालीन कृषि मंत्री द्वारा उतराखण्ड क्रांति दल युवा मोर्चा के आन्दोलन को देखते हुए दिये थे। जिसकी जांच डा निधि पाण्डेय आईएएस अधिकारी द्वारा की गई थी । जिसमें इन पांच अभियंताऔ की नियुक्ति तथा विनियमितीकरण नियम विरुद्ध प्रमाणित हो चूका है , इसमें आरक्षण का खुला उलंघन तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भी अवमानना होना पाया गया था । किन्तु इनके द्वारा अपने भ्रष्टाचार के धन-बल से जांच रिपोर्ट को पिछले पांच वर्षों से शासन में लटका रखा है। उतराखण्ड क्रांति दल द्वारा इनकी नियुक्ति तथा विनियमितिकरण को शीघ्र निरस्त करने की मांग को लेकर अनशन करने की चेतावनी दी गई है। साथ ही प्रकरण की सीबीआई जांच कराने के लिए मांग की है ताकि दोषी अधिकारियों को सजा मिल सके।
सुशील कुमार ने बताया उत्तराखंड मंडी परिषद् में बिना शासन की स्वीकृति के दो विधुत यान्त्रिकी् खण्ड चल रहे हैं जिनमें विकास के नाम पर करोड़ों के घोटाले हो रहे हैं क्योंकि यह खण्ड बगैर एई तथा जेई के संचालित हो रहे है। बिना एक भी नियमित कनिष्ठ अभियंता के मात्र आउट सोर्स के जेई तथा बिना एक भी सहायक अभियंता के चलाये जा रहे हैं दो विधुत यान्त्रिक खण्ड, जिनमें करोड़ों रूपये के रोप वे, हैण्ड पम्प तथा अन्य कार्यों के भुगतान बिना काम के कर दिया गया है, तथा जो बने भी है वह ऐसी जगह बने है जिनका एक भी किसान सदुपयोग नहीं कर पा रहा है। यांत्रिकी खंड द्वारा किये गए कई कार्य केवल कागजों में ही दर्ज हैं। जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए जिससे दोषियों को सजा मिल सके।
इसके अतिरिक्त महाप्रबंधक तकनीकी का पद शासन से स्वीकृति न होने पर भी एक अधिकारी जिसने प्रदेश के गठन के समय उत्तरप्रदेश का विकल्प भरा था उनके द्वारा इस पद के अधिकारों का अतिक्रमण किये हुए हैं। इस उतरप्रदेश के विकल्प धारी अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी को तीन विभागों के पांच पांच पदों का कार्यभार दिया गया है।
(1) उपमहाप्रबन्धक तकनीकी मण्डी परिषद रुद्रपुर।
(2) उपमहाप्रबन्धक तकनीकी मण्डी परिषद हल्द्वानी।
(3) महाप्रबंधक तकनीकी मण्डी परिषद।
(4) महाप्रबंधक तकनीकी कुमाऊँ मण्डल विकास निगम।
(5) महाप्रबंधक तकनीकी गढ़वाल मण्डल विकास निगम।
इस प्रकार एक अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी को इतने चार्ज देना सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स पर प्रश्न चिन्ह है। इनके द्वारा देखे जा रहे सभी पदों के कार्यों की जाँच सीबीआई द्वारा होनी चाहिए । जिससे इनके द्वारा राज्य गठन के बाद किये जा रहे निविदा घोटाले तथा मात्र आउट सोर्स के जेई तथा शून्य एई के कराये जा रहे निर्माण कार्यों जिसमें करोड़ों के घोटाले हो रहे हैं इन सब से पर्दा उठ सकेगा।
सूचना के अधिकार कानून में मिली निविदाऔ से सम्बंधित जानकारी से पूर्ण स्पष्ट हो रहा है कि पिछले 17 सालों से उत्तराखंड मंडी परिषद् द्वारा निविदा प्रक्रियाओं में मिली भगत करके भारी भ्रष्टाचार किया जाता है । उक्रांद पिछले 17 सालों की समस्त निविदाओं की जाँच की सीबीआई द्वारा करने की मांग करता है । उतराखण्ड क्रांति दल युवा मोर्चा ने मण्डी परिषद से 5000 से अधिक पृष्ठों की सूचना प्राप्त की है जिससे विभाग में लम्बे समय से चल रहे भ्रष्टाचार का खेल उजागर हुआ है। इसलिए उतराखण्ड क्रांति दल आपकी भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स की सरकार से इस विभाग की सीबीआई जांच कराने की मांग करता है। अन्यथा की स्थिति में उतराखण्ड क्रांति दल युवा मोर्चा को खैट पर्वत पर आमरण अनशन में बैठाने के लिए मजबूर होना पडेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी उतराखण्ड मण्डी परिषद तथा सरकार की होगी

सुशील कुमार केंद्रीय महामंत्री

युवा उक्रांद

 

अपनी मांगों के लिये उत्तराखंड क्रान्ति दल के लियेखैट पर्वत एक संजीवनी का कार्य करता है सायद आछरी सरकार की बुद्धि को उत्तराखंड में व्याप्त भ्र्ष्टाचार करने वालों को सजा दे सके।

 

 

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