हल्द्वानी । चुनावी साल में घर वापसी करने वाले यशपाल आर्य को अपनाने में पुराने अपनों को अभी वक्त लगेगा। खासकर बाजपुर व नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में। नैनीताल से विधायक रह चुकी व वर्तमान में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य के एक बयान ने पार्टी के अंदर हलचल बढ़ा दी है। सरिता ने साफ कहा कि टिकट नहीं मिलने पर वह पार्टी छोड़ देंगी। बाजपुर विधानसभा में भी दिक्कत आ सकती है। हालांकि, अभी वहां के नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कांग्रेस के टिकट पर विधायक रही सरिता आर्य को पिछले चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर संजीव आर्य ने मात दी थी। उसके बाद से सरिता लगातार तैयारियों में जुटी थीं। सरिता ने कहा कि यशपाल व संजीव के दोबारा कांगेस में शामिल होने से कांग्रेस और मजबूत होगी। किन बिंदुओं को लेकर वापसी हुई है यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन नैनीताल सीट से टिकट को लेकर वह कोई समझौता नहीं करेंगी। यदि शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो वह पार्टी छोड़ देंगी। वहीं, बाजपुर में पिछले चुनाव में सुनीता बाजवा टम्टा ने कांग्रेस की तरफ से यशपाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। किसान आंदोलन में सुनीता के पति जगतार बाजवा अग्रणी नेताओं में माने जाते हैं। ऐसे में बाजपुर के कांग्रेसियों को मनाने में भी आर्य को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।
भाजपा सरकार के कार्यकाल में जनता त्रस्तःप्रीतम सिंह
Tue Oct 12 , 2021
देहरादून। उत्तराखंड में दल-बदल की राजनीति क बीच नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने देहरादून में कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को उठाया। साढ़े चार साल के कार्यकाल में […]

You May Like
-
पहाड़ी क्षेत्रों में फर्जी किन्नरों का गुट सक्रिय
Pahado Ki Goonj February 4, 2020
-
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व और शारदा घोटाले में
Pahado Ki Goonj November 5, 2017
-
क्या दल-बदलुओं के लिए 2022 का चुनाव होगा कब्रगाह!
Pahado Ki Goonj December 30, 2020

