मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार श्री सुदेश इष्टवाल के निधन पर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति और शोकाकुल परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की है।
महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार श्री सुदेश इष्टवाल के निधन पर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
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देहरादून
*मुख्य सचिव ने ली फॉरेस्ट फायर की रोकथाम को लेकर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक*
*वनाग्नि रोकथाम से सम्बन्धित समितियों और स्टेकहोल्डर्स की बैठक जनवरी माह में कर ली जाएं: मुख्य सचिव*
*फॉरेस्ट फायर के लिए हो प्रिडिक्शन मॉडल तैयार*
*पिरूल के निस्तारण और पिरुल ब्रिकेट के उत्पादन को दिया जाए बढ़ावा*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में वनाग्नि की रोकथाम को लेकर सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक कर महत्त्वपूर्ण दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से सम्बन्धित सभी समितियों एवं स्टेकहोल्डर्स के साथ सभी आवश्यक बैठकें जनवरी माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर सभी व्यवस्थाएं, फायर सीजन से पहले सुनिश्चित करवा ली जाएँ। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लगे फायर हाइड्रेंट्स के लिए डेडिकेटेड प्रेशर पाइपलाइन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पेयजल विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने वन विभाग को ड्राइव चला कर सभी प्रकार के वनाग्नि की रोकथाम से सम्बन्धित व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों एवं उपकरणों का रखरखाव सुनिश्चित कर लिया जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी लीसा डिपो में प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने वन, मौसम एवं वन सर्वेक्षण संस्थान को फारेस्ट फायर के लिए भी आपदा की तर्ज पर प्रिडिक्शन मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे फारेस्ट फायर की संभावनाओं का पहले से अनुमान लगाया जा सकेगा जिससे जानमाल के नुकसान को रोकने और कम करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य सचिव ने जंगलों से पिरूल के निस्तारण और पिरुल ब्रिकेट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाने पर जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पिरुल ब्रिकेट को ईंधन के विकल्प के तौर पर स्थापित करने के लिए प्रदेश में अधिक से अधिक यूनिट लगाए जाने पर ज़ोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक ओर वनाग्नि को रोकने में सहायता मिलेगी वहीं दूसरी ओर वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक को भी सुधारने में मदद मिलेगी साथ ही इसे कार्बन क्रेडिट से भी जोड़ा जा सकता है।
इस अवसर पर सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सीसीएफ श्री सुशांत कुमार पटनायक, डॉ. पराग मधुकर धकाते, श्री सी. रविशंकर, श्री विनोद कुमार सुमन एवं श्री रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।
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देहरादून 15 अप्रैल, 2026
*राज्य के हर स्कूल में बजेगी वॉटर बेल*
*ग्रीष्म ऋतु की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने दिए निर्देश*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्राएं गर्मियों के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित हो। मुख्य सचिव ने बुधवार को ग्रीष्मकाल में हीटवेव की तैयारियों को लेकर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने विद्यालय के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने, कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव सम्बन्धी व्यवहारिक जानकारी देना सुनिश्चित किया जाए। राज्य में बढ़ते तापमान एवं संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को गर्मियों के मौसम में जिन भी क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो, वहां सभी निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बसों, स्टेशन, बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हीट वेव की चुनौती से निपटने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभाग समन्वित एवं सक्रिय रूप से कार्य करें। प्रत्येक जनपद में हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करते हुए संवेदनशील (हॉटस्पॉट) क्षेत्रों की पहचान की जाए तथा वहां विशेष निगरानी एवं राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम संचालित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए।
मुख्य सचिव ने पेयजल की उपलब्धता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंड, पंचायत भवनों आदि पर स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में जल संकट की संभावना है, वहां अग्रिम कार्ययोजना बनाकर टैंकरों की व्यवस्था, नलकूपों एवं पंपिंग सिस्टम की नियमित निगरानी तथा वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्था तैयार रखी जाए। उच्च मांग की स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में निर्देशित किया कि सभी चिकित्सालयों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त बेड, समर्पित वार्ड, आवश्यक दवाइयां, ओआरएस एवं आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ रखते हुए उनमें आइस पैक तथा ओआरएस अनिवार्य रूप से रखा जाए तथा चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ को हीट वेव प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। आमजन को हीट वेव के लक्षण, बचाव एवं प्राथमिक उपचार के सम्बन्ध में व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सालयों में मरीजों के बैठने के स्थान पर शेड और पंखे हों।
मुख्य सचिव ने हीटवेव के दौरान श्रमिकों एवं खुले में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि कार्य समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाए, विशेषकर दोपहर के समय भारी कार्य से बचा जाए। कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, आइस पैक, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस तथा प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रमिकों को हीट वेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी आश्रय (कूलिंग स्पेस), पानी के प्याऊ/वॉटर कियोस्क स्थापित किए जाएं तथा जरूरतमंद लोगों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पार्कों को अधिक समय तक खोलने, गरीब एवं संवेदनशील वर्गों तक राहत पहुंचाने तथा पशुओं के लिए भी पानी एवं शेल्टर की समुचित व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव महोदय ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रांसफार्मर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गैस आपूर्ति प्रभावित होने के चलते किचन में विद्युत उपकरणों के प्रयोग में वृद्धि हुई है। सामान्यतौर पर गर्मियों में एसी, पंखे, कूलर के कारण विद्युत मांग में वृद्धि रहती है। इसलिए बिजली की मांग इस सीजन बढ़ सकती है, लिहाजा उच्च मांग के समय वैकल्पिक योजना तैयार रखते हुए आवश्यक सेवाओं पर प्रभाव न पड़ने दिया जाए।
इस अवसर पर सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सीसीएफ श्री सुशांत कुमार पटनायक, डॉ. पराग मधुकर धकाते, श्री सी. रविशंकर, श्री विनोद कुमार सुमन एवं श्री रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को परेड ग्राउंड, देहरादून स्थित बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल में 87वें इंटर स्टेट जूनियर एवं यूथ नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टेबल टेनिस खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि राज्य को पहली बार इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इसके लिए भारतीय टेबल टेनिस महासंघ का भी आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त आधार है। खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और लक्ष्य के प्रति समर्पण जैसे जीवन-मूल्य विकसित होते हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे न केवल अपने-अपने राज्यों का बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और संकल्प ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेबल टेनिस ऐसा खेल है जिसमें गति, संतुलन, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का समन्वय आवश्यक होता है। यह खेल खिलाड़ियों को त्वरित निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिली है। ‘खेलो इंडिया’ एवं ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश वैश्विक मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों एवं कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता प्रधानमंत्री के खिलाड़ियों के प्रति विश्वास, प्रोत्साहन और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित किया गया है, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हार और जीत महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और आत्मविश्वास ही उन्हें सच्चा विजेता बनाता है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, अध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद श्री कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद श्री हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा और उत्तराखंड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री चेतन गुरुंग मौजूद थे।
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युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत” — सीएम धामी*
*फ्यूचर रेडी बने युवा, नेशन फर्स्ट को ध्यान रखें हमेशा – मुख्यमंत्री*
*ओहो रेडियो के मंच से राष्ट्र निर्माण का मजबूत संकल्प*
*तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ, संचार के क्षेत्र में नई क्रांति*
“ *युवा बनें जॉब क्रिएटर” — मुख्यमंत्री का संदेश*
*स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर आगे बढ़ने का आह्वान*
*2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की निर्णायक भूमिका*

*उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत और युवाशक्ति पर सरकार का फोकस*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में ओहो रेडियो एवं ड्रीमर्स एड्यु हब के सौजन्य से आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस प्रेरणादायी आयोजन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं युवा साथियों का स्वागत और अभिनंदन करते हैं तथा ओहो रेडियो के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब रेडियो घरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था और इसकी उपस्थिति से अधिक उस पर प्रसारित होने वाली सूचनाएं महत्वपूर्ण होती थीं। गांवों में सीमित घरों में रेडियो होने के बावजूद लोग एकत्र होकर समाचार सुनते और गीतों का आनंद लेते थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पास भी एक छोटा रेडियो था, जो उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ तकनीक में परिवर्तन आया है, लेकिन रेडियो की आत्मीयता और विश्वसनीयता आज भी बनी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से रेडियो को पुनः मुख्यधारा में स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ओहो रेडियो भी उत्तराखंड में इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ देवभूमि उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे और उनका आह्वान था कि लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी अनेक युवा उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और सृजनात्मकता को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्र के प्रति निष्ठा और समर्पण की भावना को सशक्त करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समाज के सभी वर्गों—युवा, किसान, महिलाएं, श्रमिक, उद्यमी और बुद्धिजीवी—की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करता है, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा मिले, तो भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, कौशल विकास को प्राथमिकता देने और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव आ रहा है, इसलिए युवाओं को फ्यूचर-रेडी बनाना आवश्यक है। इसी दिशा में राज्य सरकार डिमांड-बेस्ड स्किल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि का राष्ट्र निर्माण में योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” के निर्माण और दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना को इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें राष्ट्र का भावी प्रहरी बताया और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि युवाशक्ति के समर्पण, नवाचार और संकल्प से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता राकेश बेदी , मेजर प्राजुक्ता देसाई, आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही हमारे समाज और देश की प्रगति का आधार है*
*नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम – मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, देश की मातृशक्ति के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही हमारे समाज और देश की प्रगति का आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दूरदर्शी सोच के साथ नारी शक्ति को लोकतंत्र के सर्वाेच्च मंचों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है शिव भी तभी समर्थ हैं जब वे शक्ति से युक्त हों, शक्ति के बिना कोई भी सृजन या सामर्थ्य संभव नहीं हो सकता है, इसलिए नारीशक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र और समाज की वास्तविक उन्नति की कल्पना असंभव है। उन्होंने कहा कि आज की महिला खेत में अन्न उगाने वाली किसान भी है, तो स्टार्टअप खड़ा करने वाली एंटरप्रेन्योर भी है। वो गाँव की पंचायत में विकास की योजनाएँ बनाने वाली जनप्रतिनिधि भी है, तो देश की संसद में नीति निर्धारण करने की क्षमता रखने वाली सशक्त नेतृत्वकर्ता भी है।
उन्होंने कहा कि आज तक हमारे देश की आधी आबादी को वो सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसकी वो वास्तव में हक़दार है। परन्तु अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक नए युग का शुभारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में शपथ लेने के बाद “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री जन-धन योजना”, “मातृत्व वंदना योजना”, “स्वच्छ भारत मिशन” और “लखपति दीदी योजना” जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।
*महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है प्रदेश सरकार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में शिक्षा, रोजगार उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, ’सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम भी किया है। राज्य सरकार ‘‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की पहल के अंतर्गत, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “हाउस ऑफ हिमालयाज’’ नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक लखपति दीदियों की सालाना आय एक लाख से अधिक हो चुकी। प्रदेश सरकार ने जहां एक और महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए “समान नागरिक संहिता” लागू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र प्रस्तावित है। कई दशकों से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित भी किया।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है। महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में आरक्षण की व्यवस्था से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार मिलेगा। अब महिलाएं भी हर बड़े फसलों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से महिलाओं का सम्मान, अधिकार और विश्वास में बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री जी ने हमेशा महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी है और उनका सशक्तिकरण किया है। उन्होंने कहा महिलाओं की यात्रा केवल अधिकारों की नहीं अपितु आत्म सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी तय करने की भी है।
महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस कानून की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यह महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं देता, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया का केंद्र बनाता है। अब महिलाएं स्वयं नीतियां बनाएंगी, अपने अनुभवों के आधार पर समाज को दिशा देंगी। यही वास्तविक सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों की महिलाओं को अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए अक्सर पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्हें अवसर सीमित मिले, मंच सीमित मिले, और निर्णय लेने के अधिकार भी सीमित रहे। लेकिन आज की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, पद्मश्री श्रीमती माधुरी बर्थवाल, भाजपा नेत्री सुश्री दीप्ति रावत, रूचि भट्ट सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।
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अपर सचिव, कार्मिक एवं सर्तकता श्री गिरधारी सिंह रावत ने उपनल के माध्यम से कार्ययोजित किये जाने वाले कर्मियों के सापेक्ष सीधी भर्ती के रिक्त पदों हेतु अधियाचन भेजे जाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।
उन्होंने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, मण्डलायुक्तों, विभागाध्यक्षों एवं जिलाकारियों को सम्बोधित पत्र में स्पष्ट किया है कि विभागों के अन्तर्गत सीधी भर्ती के ऐसे पद, जिनके सापेक्ष सैनिक कल्याण अनुभाग के शासनादेश दिनांक 03 फरवरी, 2026 में जारी दिशा-निर्देशांे एवं प्रावधानों के आलोक मंे उपनल कर्मियों को रखा जायेगा, उन पदों के सापेक्ष सीधी भर्ती के रिक्त पदों के समस्त अधियाचन/प्रस्ताव चयन संस्था/आयोग को भेजने से पूर्व संबंधित विभाग द्वारा कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, न्याय विभाग तथा वित्त विभाग से पूर्वानुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाय।
उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की है कि उक्त व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा बिना आवश्यक पूर्वानुमति के किसी भी प्रकार का भर्ती प्रस्ताव अग्रसारित न किया जाए।
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चारधाम यात्रा से पहले गैस आपूर्ति पर फोकस*
*सचिव खाद्य ने की समीक्षा बैठक, जनपदों से फीडबैक लिया*
*तेल कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश*
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन तथा शादी विवाह के सीजन को ध्यान में रखते हुए सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति की अध्यक्षता में बुधवार घरेलू व कामर्शियल गैस की सप्लाई के साथ ही डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति की समीक्षा की गई। बैठक में राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल कंपनियों के प्रतिनिधि तथा सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। सचिव खाद्य ने कहा कि सभी जिला पूर्ति अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को गैस को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में सचिव, खाद्य श्री आनंद स्वरूप द्वारा प्रदेश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी चारधाम यात्रा को दृष्टिगत रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा अवधि में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन व शादी विवाह के सीजन को देखते हुए आपूर्ति को बेहतर बनाया जाएगा।
समीक्षा के दौरान सचिव द्वारा सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित कर फीडबैक लिया गया। जनपदों द्वारा विभिन्न परिचालन संबंधी समस्याओं जैसे गैस की मांग में मौसमी वृद्धि, शादी-विवाह सीजन के कारण वाणिज्यिक सिलेंडरों की अधिक खपत, परिवहन एवं वितरण संबंधी चुनौतियां तथा कुछ स्थानों पर एजेंसियों के स्तर पर समन्वय की आवश्यकता आदि बिंदु उठाए गए। सचिव खाद्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों द्वारा उठाए गए सभी विषयों पर तत्काल कार्यवाही की जाए।
तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि वे सभी एजेंसियों के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा जनपदों से प्राप्त समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, यह भी बताया गया कि एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर आपूर्ति प्रणाली को सुचारू बनाए रखा जाएगा।
सचिव, खाद्य द्वारा तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे सभी जनपदों में गैस एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखें तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, सचिव द्वारा चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए संबंधित सभी विभागों एवं तेल कंपनियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि यात्रा मार्गों एवं प्रमुख पड़ावों पर ईंधन एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में अपर आयुक्त खाद्य श्री पीएस पांगती, श्री कृष्ण कुमार गुप्ता, श्री स्वर्ण सिंह, श्री पंकज अंबलढगे, श्री जेएल प्रसन्ना आदि उपस्थित रहे।
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राज्य आन्दोलनकारियों की जिला स्तरीय चयन समिति की द्वितीय बैठक में 21 आवेदनों में से 07 को स्वीकृति
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों की जिला स्तरीय चयन समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य आन्दोलनकारी के रूप में चयन के लिए प्रस्तुत प्रकरणों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान 21 प्रकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 07 प्रकरणों पर समिति के पदाधिकारी की पुष्टि एवं प्रशासन ,एलआईयू के अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेते हुए संबंधित व्यक्तियों को राज्य आन्दोलनकारी सूची में सम्मिलित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। *सुरेन्द्र सिंह,ग्राम कसौन, नैनबाग,कौशल्या देवी ढालवाला,स्वर्गीय बाचस्पति कुडियाल डालवाला,*
*विचित्र सिंह ग्राम सिरसेड़, कीर्तिनगर,लक्ष्मी डंगवाल नई टिडरी,एकता डागवाल नई टिहरी,हुकम सिंह कण्डारी नैलचामी, घनसाली,* शामिल हैं।इसके अतिरिक्त, कुछ प्रकरण ऐसे भी पाए गए जिनमें अभिलेख पूर्णतः स्पष्ट नहीं थे तथा चयन समिति द्वारा भी उनकी पुष्टि नहीं की गई, इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन मामलों की विस्तृत जांच करते हुए आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि आगामी बैठक में इन प्रकरणों पर ठोस निर्णय लिया जा सके। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण की गहनता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ समीक्षा सुनिश्चित की जाए, जिससे वास्तविक राज्य आन्दोलनकारियों को उनका अधिकार मिल सके।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता टिहरी, नीलू चावला धनोल्टी, कीर्तिनगर मंजू राजपूत,कीर्तिनगर अंकित राज प्रतापनगर, एसीएमओ बृजेश,राज्य आंदोलन चयन समिति के सदस्य पुरुषोत्तम बिष्ट, मुरारी लाल खंडेलवाल, कुंवर सिंह चौहान, लोकेंद्र दत्त जोशी, दिनेश डोभाल के अलावा राज्य आंदोलन चिन्हीकरण पटल के सहायक उपस्थित थे।
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*जनपद टिहरी गढ़वाल में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पूर्णतः सामान्य बनी हुई है।*
जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार डोभाल ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिवस जनपद में स्थित एवं सेवा प्रदान करने वाली गैस एजेंसियों को कुल 1572 घरेलू एलपीजी सिलेण्डर प्राप्त हुए, जिनमें से 1417 सिलेण्डर उपभोक्ताओं को वितरित किए गए। वितरण के उपरांत एजेंसियों के पास 3073 सिलेण्डरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
उन्होंने यह भी बताया कि व्यावसायिक एलपीजी सिलेण्डरों हेतु जनपद को प्रतिदिन 212 सिलेण्डरों का आवंटन प्राप्त हो रहा है, जिसके अनुसार एजेंसीवार एवं श्रेणीवार वितरण सुनिश्चित किया गया है। विगत दिवस 19 किलोग्राम श्रेणी के 102 व्यावसायिक सिलेण्डर प्राप्त हुए, जिनमें से 68 सिलेण्डर वितरित किए गए।
एलपीजी आपूर्ति एवं वितरण की प्रभावी निगरानी हेतु गठित त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) द्वारा निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक कुल 499 निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें गैस गोदाम, पेट्रोल पम्प, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं होटल शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान 14 घरेलू गैस सिलेण्डर जब्त किए गए, जिनमें से 05 सिलेण्डरों पर निर्धारित जुर्माना (₹7250) जमा कराने के पश्चात उन्हें मुक्त किया गया।शिकायतों के निस्तारण हेतु जनपद मुख्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम में अब तक 87 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका निरंतर समाधान किया जा रहा है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल आवश्यकतानुसार ही गैस बुकिंग करें तथा होम डिलीवरी अथवा प्वाइंट डिलीवरी के माध्यम से सिलेण्डर प्राप्त करें। किसी भी स्थिति में एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
साथ ही जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं कराई है, वे शीघ्र अपनी संबंधित एजेंसी से संपर्क कर यह प्रक्रिया पूर्ण करें। विगत दिवस मसूरी गैस एजेंसी द्वारा मरोड़ापुल एवं सत्यों क्षेत्रों में केवाईसी कैंप आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 300 उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया गया।
उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों के अनुपालन में विवाह समारोह हेतु अधिकतम 02 व्यावसायिक सिलेण्डरों की अनुमति प्रदान की जा रही है। इसके लिए आवेदक को विवाह कार्ड सहित आवेदन पत्र जिला पूर्ति कार्यालय अथवा संबंधित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में जमा करना होगा। अब तक 140 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 120 आवेदकों को अनुमति प्रदान की जा चुकी है।
यदि किसी उपभोक्ता को घरेलू गैस की कालाबाजारी, दुरुपयोग, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग से संबंधित शिकायत दर्ज करनी हो, तो वे जनपद कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01376-234793, 01376-233433 अथवा मोबाइल नंबर 9456533332 पर संपर्क कर सकते हैं।

