उत्तरकाशी पुलिस में उत्कृष्ट कार्य पर 16 कर्मियों को ‘मैन ऑफ द मंथ’ सम्मान, चारधाम यात्रा को लेकर सख्त निर्देश
उत्तरकाशी,
जनपद उत्तरकाशी में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आगामी चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, कमलेश उपाध्याय द्वारा पुलिस लाइन ज्ञानसू स्थित भागीरथी कॉन्फ्रेंस हॉल में मासिक क्राइम मीटिंग एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया।
बैठक में जनपद के सभी थाना, कोतवाली एवं इकाई प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने नशा उन्मूलन, अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कर्मियों की समस्याएं सुनकर दिए समाधान के निर्देश
सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों की विभागीय और व्यक्तिगत समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इससे पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
16 पुलिस कर्मियों को ‘मैन ऑफ द मंथ’ सम्मान
विगत माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को “मैन ऑफ द मंथ” घोषित करते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
‘मैन ऑफ द मंथ’ के रूप में सम्मानित पुलिस कर्मियों के नाम:
मुख्य आरक्षी मोहित (पुलिस दूरसंचार)
मुख्य आरक्षी शुरवार सिंह (यातायात पुरोला)
आरक्षी कपिल कुमार (कोतवाली उत्तरकाशी)
आरक्षी सत्यपाल (थाना मोरी)
आरक्षी संजय सिंह (पुलिस लाइन)
आरक्षी अमित (पुलिस लाइन)
आरक्षी राजेश कुमार (अभिसूचना)
आरक्षी प्रवेश कुमार (पुलिस कार्यालय)
आरक्षी अनिल रावत (थाना बड़कोट)
आरक्षी संगती (पुलिस कार्यालय उत्तरकाशी)
महिला आरक्षी कविता जोशी (कोतवाली उत्तरकाशी)
महिला आरक्षी आरती जोशी (कोतवाली उत्तरकाशी)
महिला आरक्षी नीलम जगूड़ी (पुलिस कार्यालय)
फायरमैन जयदीप (फायर स्टेशन उत्तरकाशी)
महिला फायरकर्मी सीता
होमगार्ड प्रदीप थापा (यातायात कार्यालय उत्तरकाशी)
चारधाम यात्रा को लेकर विशेष फोकस
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सभी पुलिसकर्मी यात्रियों के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार करें।
यात्रा मार्ग पर तैनात थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं प्वाइंट-टू-प्वाइंट निरीक्षण करें, ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को नियमित रूप से ब्रीफ करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर
मासिक अपराध समीक्षा के दौरान लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे लंबित मामलों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
विशेष रूप से एनडीपीएस एक्ट और महिला संबंधी गंभीर मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
शिकायतों और वारंटों का समयबद्ध निस्तारण
थानों में लंबित समन, वारंट, शिकायती प्रार्थना पत्रों तथा ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जनजागरूकता और सुरक्षा अभियानों को तेज करने के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध, नशा उन्मूलन, यातायात नियमों के पालन और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
“अभया” अभियान के तहत महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर जनजागरूकता कार्यक्रम और आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने को कहा गया।
सड़क सुरक्षा और सोशल मीडिया निगरानी
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में रहे मौजूद
इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार, पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा, प्रतिसार निरीक्षक शिव कुमार, निरीक्षक अभिसूचना विकास नौटियाल, प्रभारी एसओजी निखिल देव चौधरी सहित सभी थाना/कोतवाली एवं इकाई प्रभारी तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह बैठक न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने बल्कि आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


