HTML tutorial
HTML tutorial

आज बालिका दिवस पर हरिद्वार की सृष्टि बनेगी एक दिन की मुख्यमंत्री ।

Pahado Ki Goonj

आज बालिका दिवस पर हरिद्वार की सृष्टि बनेगी एक दिन की मुख्यमंत्री ।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने एक हैरान करने वाला फैसला लिया.  आज बालिका दिवस पर सीएम ने हरिद्वार की सृष्टि गोस्वामी को एक दिन का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया है. इस दौरान विधानसभा के कक्ष नंबर 120 में बाल विधानसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें एक दर्जन विभाग अपनी प्रस्तुति देंगे. विभागों के अधिकारी योजनाओं को लेकर पांच-पांच मिनट की प्रेजेंटशन देंगे. कार्यक्रम में अफसर मौजूद रहें, इसके लिए उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है.

उन्होंने बताया कि बालिका दिवस  पर बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए आयोग ने एक होनहार छात्रा को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है. यही नहीं बतौर मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी उत्तराखंड के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगी. इसके लिए नामित विभाग के अधिकारी बाल विधानसभा में पांच-पांच मिनट अपनी प्रस्तुति देंगे. बाल विधानसभा दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक आयोजित होगी.

परिवार में खुशी
वहीं, श्रष्टि गोस्वामी के परिजनों में भी काफी खुशी देखने को मिल रही है. सृष्टि गोस्वामी के माता पिता का कहना है कि आज हमें काफी गर्व की अनुभूति प्राप्त हो रही है. हर बेटी एक मुकाम हासिल कर सकती है, बस उनका साथ देने की जरूरत है. क्योंकि बेटी किसी से कम नहीं होती. मैं सरकार का भी बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहती हूं, कि उन्होंने मेरी बेटी को इस लायक समझा. किसी के भी कहने पर अपनी बेटियों का साथ ना छोड़े क्योंकि बेटियां आज के वक्त में सब कुछ कर सकती हैं और बेटी हर मुकाम को हासिल कर सकती है.

सृष्टि गोस्वामी के पिता का कहना है कि यह उदाहरण है, सभी लोग इस बात से प्रेरणा लें कि जब एक बेटी इस मुकाम को हासिल कर सकती है तो और कोई क्यों नहीं. हम मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने मेरी बेटी को इस लायक समझा.

बीएससी कर रही हैं सृष्टि
आपको बता दें कि, सृष्टि गोस्वामी रूड़की के बीएसएम पीजी कॉलेज से बीएससी एग्रीकल्चर कर रही हैं. मई 2018 में बाल विधानसभा में बाल विधायकों की ओर से उनका चयन मुख्यमंत्री के रूप में किया गया था. बाल विधानसभा में हर तीन वर्ष में बाल मुख्यमंत्री का चयन किया जाता है ।

Next Post

सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उनको शत शत नमन

लड़ाई लड़ी, आज़ादी की लड़ाई लड़ी, कॉन्ग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई लड़ी। कौन से हथियार थे उनके पास? कितने सैनिक थे? हथियार कहाँ रखा हुआ था? गोले-बारूद कहाँ से आते थे? उनके सैन्य कमांडर कौन लोग थे? लड़ाई में उन्होंने भारत में खून बहाने वाले कितने अंग्रेजों को मार गिराया? […]

You May Like