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तमकनाला में बेली ब्रिज बहा, CM धामी ने लिया संज्ञान एक व्यक्ति और कैंपर वाहन के बहने की सूचना, SDRF-NDRF टीमें रवाना; मलारी मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद

Pahado Ki Goonj

तमकनाला में बेली ब्रिज बहा, CM धामी ने लिया संज्ञान
एक व्यक्ति और कैंपर वाहन के बहने की सूचना, SDRF-NDRF टीमें रवाना; मलारी मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद
देहरादून।

देहरादून। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अत्यधिक जलप्रवाह के चलते 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज पूरी तरह बह गया। घटना का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, तमकनाला में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना है। सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग भी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
⚠️ निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने नदी-नालों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
🚧 मलारी की ओर आवाजाही पूरी तरह बंद
सुरक्षा के दृष्टिगत ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने तथा मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।
🛰️ SEOC से 24×7 निगरानी
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की 24×7 निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लगातार बदल रहे मौसम और नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए निचले और नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन को लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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