तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर
*राहत-बचाव से लेकर कनेक्टिविटी बहाली तक हर मोर्चे पर त्वरित कार्रवाई*


*CM धामी लगातार कर रहे मॉनिटरिंग, अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश*
*प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रखने और वैकल्पिक मार्ग तलाशने के निर्देश*
*निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता, लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता*
*SEOC से 24×7 निगरानी, राहत-बचाव तंत्र अलर्ट मोड पर*
देहरादून। चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में बेली ब्रिज बहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंगलवार को भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त से स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत-बचाव, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कनेक्टिविटी बहाली को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों से ग्रामीणों तक जरूरी सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति एवं नुकसान का स्वयं आकलन करने को कहा, ताकि राहत और पुनर्व्यवस्था से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
बदलते मौसम और बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निचले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी जाए।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से भी चमोली सहित प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर 24×7 नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा सके।
सोमवार को चमोली जनपद के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमकनाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह बढ़ने के कारण 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज बह गया था। तेज बहाव की चपेट में एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना भी प्राप्त हुई थी।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।
संकट के बीच सरकार का फोकस—सुरक्षा, राहत और कनेक्टिविटी
तमकनाला की घटना के बाद सरकार की प्राथमिकता केवल राहत एवं बचाव कार्यों तक सीमित नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति, वैकल्पिक कनेक्टिविटी और आवाजाही की शीघ्र बहाली पर भी समान रूप से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी की लगातार मॉनिटरिंग और अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश राज्य सरकार की प्रो-एक्टिव आपदा प्रबंधन नीति को दर्शाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर सतर्कता, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से उनके प्रभाव को कम किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कठिन परिस्थितियों में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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*मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट*
*मुख्यमंत्री ने संगठनों की समस्याओं एवं मांगों के परीक्षण कर उचित समाधान के दिए निर्देश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडलों ने अपने-अपने विभागों एवं संवर्गों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधिमंडलों की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुनते हुए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर यथोचित कार्यवाही एवं समस्याओं के उचित समाधान के निर्देश दिए।
शिक्षा अधिकारी प्रशासनिक संवर्ग एसोसिएशन, उत्तराखंड के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने श्री गोविंद राम जायसवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भेंट की।प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक एवं खंड शिक्षा अधिकारियों के रिक्त पदों पर विभागीय पदोन्नति किए जाने तथा कार्मिकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के उपरांत स्वतः स्थायीकरण की व्यवस्था सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, जल संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। वहीं, उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्मिकों के रिक्त पदों को भरे जाने, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षण कार्मिकों के पदों के पुनर्गठन तथा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों के समान वेतनमान प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।
उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 25 अक्टूबर 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना में सम्मिलित किए जाने तथा वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा में शिथिलता प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड, उत्तराखंड एएनएम संवर्ग संगठन, लैब टेक्निशियन संगठन, राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ उत्तराखंड, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ उत्तराखंड, अंशकालिक शिक्षक संघ तथा उत्तराखंड राज्य आबकारी निरीक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडलों ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर अपने-अपने संवर्गों से संबंधित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु को निर्देश दिए कि विभिन्न संगठनों द्वारा रखी गई मांगों एवं समस्याओं का संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार परीक्षण कराते हुए उचित समाधान की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री जे.सी. काण्डपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आगे पढ़ें मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं*
*जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को एक-एक कर सुना और संबंधित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार के बीच आमजन का सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाता है। जनसुनवाई के माध्यम से लोगों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है और विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों के समाधान का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
मुख्यमंत्री के समक्ष लोगों ने सड़क एवं संपर्क मार्ग, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, सिंचाई, रोजगार, स्थानांतरण तथा स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न मामले रखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए पात्रता एवं नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई संभव है, उनमें अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा जिन प्रकरणों में शासन स्तर पर निर्णय अपेक्षित है, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया के साथ प्रस्तुत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुशासन का लाभ पहुंचाना है। सरकार की योजनाओं और नीतियों का प्रभाव तभी सार्थक होगा, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को भेजकर इन पर यथाशीघ्र कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि आमजन से जुड़े मामलों में मानवीय दृष्टिकोण के साथ नियमों के अनुरूप समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री जे.सी. काण्डपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 74 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति’*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अवस्थाना सुविधाओं के विकास, प्रारम्भिक व माध्यमिक विद्यालयों की आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों की मरम्मत, शासकीय आवासीय भवनों के निर्माण, विभिन्न गांवों तथा कार्यालयों के बाढ़ सुरक्षा उपायों, क्षतिग्रस्त मार्गों के पुर्ननिर्माण, आपदा से बचाव व हेलीपैड निर्माण आदि कार्यों के लिए ₹ 74 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर के बेडा-मझड़ा (करीमपुर) हैलीपैड निर्माण किये जाने हेतु ₹ 8.91 करोड, गंगोत्री धाम में सीवर लाईन एवं छुटे हुए घरों/सार्वजनिक शौचालयों से सम्बंधित कार्यों हेतु ₹ 4.99 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही अभियोजन कार्यालय में अभियोजन अधिष्ठान के अन्तर्गत अवशेष धनराशि ₹ 8.89 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा आपदा के मध्येनजर विद्यालयों परिसरों में विद्यार्थियों एवं कार्मिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत क्षतिग्रस्त आधारभूत सुविधाओं की त्वरित मरम्मत एवं शिक्षण कार्यों की निरन्तरता बनाये रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत संचालित विद्यालयों हेतु ₹ 15.00 करोड एवं प्रारम्भिक शिक्षा के अन्तर्गत संचालित विद्यालयों हेतु ₹ 15.00 करोड़ कुल धनराशि ₹ 30.00 करोड़ राज्य आपदा मोचन निधि के पुर्नप्राप्ति एवं पुर्ननिर्माण हेतु स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उत्तरकाशी, बागेश्वर, अल्मोडा, चमोली, चम्पावत, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ एवं देहरादून जनपदों को राज्य आपदा मोचन निधि के विभिन्न मदों यथा राहत एवं बचाव, पुर्नप्राप्ति एवं पुर्ननिर्माण तथा तैयारी एवं क्षमता निर्माण हेतु ₹ 1.08 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विकासखण्ड खटीमा के 07 ग्रामों में आवासीय भवनों की नदी/नालों की बाढ़ से सुरक्षा हेतु ₹ 4.01 करोड़ तथा भारत-नेपाल सीमा पर जगबूढा नदी के दांये पार्श्व पर स्थित ग्राम-सिसैया, मेलाघाट एवं एस.एस.बी. कैंप कार्यालय की बाढ़ सुरक्षा हेतु ₹ 4.62 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2021 से पूर्व ओपन कम्यूनिकेशन के तहत आपदा क्षतिग्रस्त मागों को खोले जाने तथा मार्गों से मलबा हटाये जाने हेतु उपयोग में लाई गई जे.सी.बी./पॉकलैण्ड के बीजकों का भुगतान ₹ 3.18 करोड की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के राहत एवं बचाव मद से स्वीकृत किये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर क्षेत्रान्तर्गत ठोस अपशिष्ट परियोजना हेतु ₹ 3.27 करोड का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली यंत्रों के रख-रखाव हेतु ₹ 2.00 करोड, सैटेलाईट फोनों के रिचार्ज हेतु ₹ 1.90 करोड़, विश्व बैंक सहायतित परियोजना के सहयोग से जनपदों में स्थापित उपकरणों के रख-रखाव एवं मानदेय तथा जोशीमठ भूस्खलन कन्ट्रोल रूम में तैनात विशेषज्ञों के मानदेय हेतु ₹ 40 लाख, विभिन्न मॉक अभ्यासों के आयोजन हेतु ₹ 60 लाख तथा प्राधिकरण में तैनात ई.ई.आर.एस. कार्मिकों के मानदेय हेतु ₹ 18 लाख की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास से अवमुक्त किये का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
*’मुख्यमंत्री ने चलकुडिया-मसमोली-नौखोली मोटर मार्ग का नाम शहीद मंदीप सिंह नेगी के नाम किये जाने का किया अनुमोदन’*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के अन्तर्गत चलकुडिया-मसमोली- नौखोली मोटर मार्ग नाम शहीद मंदीप सिंह नेगी मोटर मार्ग रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
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टिहरी गढ़वाल, 11 अगस्त 2026
*जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित*
टिहरी गढ़वाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत चल रही नोटिस एवं सुनवाई की कार्रवाई के संबंध में आज जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी द्वारा एसआईआर के अंतर्गत नोटिस, सुनवाई एवं निस्तारण की प्रगति की जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि एसआईआर के तहत सभी पात्र मतदाताओं को सुनवाई का अवसर सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रकरणों का निस्तारण करने की प्रकिया जारी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी प्रक्रिया में सहयोग करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को जागरूक करने की अपील की।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में प्रारूप निर्वाचक नामावली से हटाए गए कुल 43,625 मतदाताओं के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। वहीं विसंगति एवं अनमैप श्रेणी के कुल 1,17,501 मतदाताओं को निर्वाचन विभाग की ओर से नोटिस प्रेषित किए जा चुके हैं। संबंधित मामलों में सभी विधानसभा क्षेत्रों में सुनवाई की कार्रवाई गतिमान है तथा 31 अगस्त 2026 सुनवाई की अंतिम तिथि निर्धारित है। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी प्रकरणों का निस्तारण किया जाना है।
जनपद में अब तक कुल 34,406 प्रकरणों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। विधानसभा क्षेत्रवार सुनवाई की स्थिति में घनसाली में 2,697, देवप्रयाग में 8,423, नरेंद्रनगर में 6,462, प्रतापनगर में 3,675, टिहरी में 5,053 तथा धनोल्टी में 8,096 प्रकरणों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
बैठक में अवगत कराया कि फॉर्म-6, फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 से संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश सभी संबंधित लोगों को दिए गए है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा सुनवाई प्रक्रिया में पात्र एवं संबंधित व्यक्तियों की सहभागिता सुनिश्चित कराने में सहयोग करने की अपील की गई।
एडीओ पंचायत निर्वाचन विजय तिवारी ने बताया कि फॉर्म-6 के माध्यम से नए पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में जोड़ने की प्रक्रिया के संबंध में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में फॉर्म-6 के संबंध में व्यापक जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
इस अवसर पर कांग्रेस प्रतिनिधि गब्बर सिंह, भाजपा मीडिया प्रभारी राजेंद्र डोभाल, बीजेपी से जयेंद्र पंवार, एडीओ पंचायत निर्वाचन विजय तिवारी, डीडीओ मो. असलम, प्रशासनिक अधिकारी जवाहर सिंह सहित संबंधित लोग उपस्थित रहे।
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*विसंगति एवं अनमैप नोटिसों पर जनपद टिहरी में सुनवाई जारी*
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल में मतदाता सूची से संबंधित विसंगति एवं अनमैप मामलों में नोटिसों की सुनवाई का कार्य लगातार जारी है।
इसी क्रम में कल तहसील बालगंगा के अन्तर्गत विभिन्न मतदेय स्थलों पर नोटिसों की सुनवाई की गई। तहसील बालगंगा के भाग संख्या 42, आंगनवाड़ी केंद्र खोला में सुनवाई आयोजित की गई। एईआरओ मानवेंद्र सिंह रावत, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत चमियाला, एएओ -3 संजय राणा कृषि विभाग, अल्पेश एवं प्रियांशु, नगर पंचायत चमियाला कार्यालय कार्मिक उपस्थित रहे। मतदेय स्थल पर बीएलओ उर्मिला बिष्ट, अन्य सहयोगी सदस्य समिता देवी, आंगनवाड़ी सहायिका, कैलाश ममगाई, प्रधान खोला, तथा बीएलए राम लाल (कांग्रेस) और बीएलए सब्बल सिंह (भाजपा) उपस्थित रहे। निर्धारित मतदेय स्थल पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में नोटिसों पर सुनवाई की गई।
इसी प्रकार तहसील बालगंगा के भाग संख्या 43, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोठगा (रियूंटी) में भी विसंगति मामलों की सुनवाई की गई। यहां एइआरओ मानवेंद्र सिंह रावत, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत चमियाला, एएओ -3 संजय राणा कृषि विभाग, अल्पेश एवं प्रियांशु, नगर पंचायत चमियाला कार्यालय कार्मिक उपस्थित रहे। मतदेय स्थल पर बीएलओ दीपा देवी एवं अन्य सदस्य सपना, आंगनवाड़ी सहायिका उपस्थित रहे तथा संबंधित नोटिसों पर सुनवाई की गई।
इसके अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र प्रतापनगर के बूथ संख्या 74 राजकीय इण्टर कॉलेज मिश्रवाण गांव एवं बूथ संख्या 96 गालूधार, तथा विधानसभा क्षेत्र टिहरी के बूथ संख्या 130 कोटी खास में भी नोटिसों पर सुनवाई की गई।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में निर्धारित तिथि पर किसी कारणवश सुनवाई नहीं हो पाई है, उनमें तत्काल पुनः सुनवाई कार्यक्रम निर्धारित किया जाए। साथ ही जिन प्रकरणों में सुनवाई पूर्ण हो चुकी है, उनमें आवश्यक दस्तावेज संबंधित पोर्टल पर अपलोड करते हुए प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ ही समयबद्ध करने के निर्देश दिए।
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*स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने दिए समयबद्ध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश*
*सूचना/टिहरी/11 अगस्त, 2026* स्वतंत्रता दिवस समारोह को भव्य एवं गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को स्वतंत्रता दिवस से संबंधित तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा आयोजन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी प्रमुख स्थानों पर 12 अगस्त को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान के लिए स्थल चयनित करने के निर्देश दिए। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के साथ ही स्थानीय निवासियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चयनित स्थलों की स्वच्छता अभियान से पूर्व एवं अभियान के बाद की फोटो अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 13 अगस्त को तिरंगा रैली डाइजर से प्रारंभ होकर हनुमान चौक, मुख्य बाजार होते हुए साईं चौक से बौराड़ी तक निकाली जाएगी। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर रूट पर सुचारू यातायात व्यवस्था, एंबुलेंस तथा मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रैली के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग से आवश्यक समन्वय करने को कहा।
उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस गरिमापूर्ण एवं जनसहभागिता के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी, दो मिनट का मौन, वृत्तचित्र प्रदर्शन, श्रद्धांजलि एवं कैंडल मार्च आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भाषण, निबंध, वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं होंगी। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने नगर पालिका को शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही शहीद स्मारक की साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहर में स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाएं बेहतर एवं व्यवस्थित नजर आनी चाहिए। तिरंगा रैली के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस एवं चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप भी आयोजित किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि 14 एवं 15 अगस्त को सरकारी एवं गैर-सरकारी भवनों को एलईडी लाइटों से प्रकाशमान किया जाए। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को सभी राजकीय कार्यालयों में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा, जबकि मुख्य कार्यक्रम स्थल प्रताप इंटर कॉलेज में मुख्य अतिथि द्वारा प्रातः 9:30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चयनित स्थलों तथा अमृत सरोवरों में पौधरोपण कराने के साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्य कार्यक्रम स्थल एवं तहसीलों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी मो. असलम, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार, जिला युवा कल्याण अधिकारी रवींद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

