
कैबिनेट के बड़े फैसले: चकबंदी नीति से लेकर होमस्टे नियमों में बदलाव तक
उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी नीति लागू करने, मेडिकल कॉलेजों में पद बढ़ाने, पंचायत भवन निर्माण राशि दोगुनी करने और होमस्टे नियमों में बदलाव जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।
प्रमुख फैसले एक नजर में
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी। प्रत्येक पर्वतीय जिले में 10 गांवों का लक्ष्य तय। 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति पर चकबंदी समिति बनेगी और डिजिटल नक्शों के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी।
राजस्व परिषद में समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी पदों के लिए अब 8000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा टाइपिंग स्पीड अनिवार्य होगी। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, विंडोज और इंटरनेट का ज्ञान भी जरूरी किया गया।
सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र (कैप) का नाम बदलकर परफ्यूमरी एंड एरोमैटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट किया गया।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में न्याय विभाग में रजिस्ट्रार न्यायालय और केस प्रबंधक के पद सृजित करने को मंजूरी।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संविदा संकाय सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया को सरल बनाया गया। अब चयन सचिव स्तर पर हो सकेगा।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय का पुनर्गठन करते हुए 29 से बढ़ाकर 40 पद स्वीकृत किए गए।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कार्यरत 277 संविदा और दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का निर्णय।
लैब तकनीशियन संवर्ग का आईपीएचएस मानकों के अनुसार पुनर्गठन। कुल 345 पदों को मंजूरी।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के संचालन के लिए प्रधानाचार्य सहित 16 नए पद सृजित होंगे।
लघु जलविद्युत परियोजना विकास नीति-2015 में संशोधन करते हुए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी समाप्त करने का निर्णय।
ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में निदेशक नियुक्ति नियमों में संशोधन को मंजूरी।
अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता, नवीनीकरण और समाप्ति प्रक्रिया को ऑनलाइन करने हेतु नई नियमावली को मंजूरी।
पंचायत भवन निर्माण की राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये प्रति पंचायत भवन की गई।
पंचम विधानसभा के विशेष सत्र का तत्काल प्रभाव से सत्रावसान किए जाने को मंजूरी।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला विभाग में 15 नए पदों के सृजन को स्वीकृति।
पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन करते हुए होमस्टे में कमरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई। ऑनलाइन फीस जमा होने पर रिन्यूअल स्वतः मान्य माना जाएगा।

