
विधानसभा चुनाव से पहले बड़कोट में बड़ा झटका, हजार से ज्यादा वोटर पहुंचे अपने मूल गांव ।
1,190 मतदाताओं ने कटवाया नाम; अब 2,197 मतदाता ही करेंगे मतदान ।
बड़कोट (उत्तरकाशी)। विधानसभा निर्वाचन की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान बड़कोट नगर पालिका क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पुनरीक्षण अभियान के तहत नगर क्षेत्र के पांचों मतदान केंद्रों से बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने नाम नगर की मतदाता सूची से हटवाकर अपने मूल गांव की मतदाता सूची में दर्ज कराए हैं। इसके बाद अब बड़कोट नगर पालिका क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के लिए केवल 2,197 मतदाता ही मतदान कर सकेंगे।
जानकारी के अनुसार, बड़कोट नगर पालिका क्षेत्र में पहले विधानसभा निर्वाचन के लिए 3,387 मतदाता पंजीकृत थे। विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान 1,190 मतदाताओं ने अपने स्थायी निवास के आधार पर नाम स्थानांतरित कराने के लिए आवेदन किया। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उनके नाम नगर की सूची से हटाकर संबंधित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची में दर्ज कर दिए गए।
यह बदलाव इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि नगर पालिका चुनाव के समय बड़कोट नगर की मतदाता संख्या 10 हजार से अधिक पहुंच जाती है, जबकि विधानसभा चुनाव के लिए अब नगर क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या घटकर महज 2,197 रह गई है। इससे स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची और निर्वाचन व्यवस्था को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
तहसीलदार रेनू सैनी ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं को उनके स्थायी निवास के अनुसार मतदाता सूची में नाम स्थानांतरित करने का अवसर दिया गया था। बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार यह परिवर्तन किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे 7 जुलाई तक अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए तहसील कार्यालय और नगर पालिका कार्यालय में आवेदन की व्यवस्था की गई है तथा संबंधित अधिकारी नागरिकों की सहायता के लिए उपलब्ध हैं।
प्रशासन ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में दर्ज नहीं है तो निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर अपना नाम शामिल कराएं, ताकि लोकतंत्र के महापर्व में कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
इस अवसर पर तहसीलदार रेनू सैनी, अधिशासी अधिकारी उमेश सुयाल, सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो संतोष चौधरी, आईटी सहायक प्रवीन राणा, बीएलओ प्रकाश चौहान, दीपेंद्र कुँवर, जगदेव चौहान, कृष्णा राणा, ममता टम्टा, कृष्णा नौटियाल, सरिता टम्टा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


