
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को साक्षात देवी स्वरूप माना गया है। शास्त्रों में भी कन्याओं को अत्यंत सम्मानजनक स्थान दिया गया है। बेटियां अपने संस्कार, स्नेह और त्याग से समाज को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं तथा हमारी संस्कृति और परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन के इस पावन अवसर पर समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार बेटियों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा और प्रोत्साहन के लिए छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण, 12वीं उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि, तथा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह हेतु 61 हजार रुपये तथा व्यक्तिगत विवाह हेतु 55 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह सहायता के रूप में 50 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, पोषाहार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर स्तर पर उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिवस केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मशुद्धि, सेवा, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। कन्या पूजन हमारी परंपरा के साथ-साथ सेवा, करुणा और विनम्रता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे हर बेटी की रक्षा, शिक्षा और प्रगति का संकल्प लें, जिससे कन्या पूजन की भावना वास्तविक रूप से सार्थक हो सके।
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सीएम धामी ने गुरूद्वारे में मत्था टेका
देहरादून। मंगलवार कोमुख्यमंत्री ने प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका। इस दौरान उनके साथ विधायक श्रीमती सविता कपूर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, उपाध्यक्ष छावनी परिषद देहरादून श्री विनोद पंवार, भाजपा नेता विनय गोयल एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
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जिला प्रशासन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “आधुनिक इंटेंसिवकेयर सेंटर” का सीएम धामी ने किया लोकार्पण

देहरादून। जनपद देहरादून में जिला प्रशासन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर” का राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विधिवत लोकार्पण किया गया। साधुराम इन्टर कालेज राजा रोड देहरादून में लगभग 157.60 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह केंद्र राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर है, जिसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम में संलिप्त बच्चों का पुनर्वास कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
जिला प्रशासन के आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में रेस्क्यू किए गए बच्चों के समग्र विकास हेतु योग, संगीत, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके मानसिक एवं व्यवहारिक सुधार (माइंड रिफॉर्म) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर एक गेम चेंजर संस्थान के रूप में उभर कर सामने आया है जहां जिला प्रशासन की टीम द्वारा अब तक 325 से अधिक बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम से रेस्क्यू किया गया है। तथा आधुनिक इंटेसिव केंद्र के माध्यम से अब तक 200 से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जा चुका है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष अंतरविभागीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग तथा विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं को शामिल किया गया है। यह टीम निरंतर समन्वय स्थापित कर रेस्क्यू अभियान को प्रभावी रूप से संचालित कर रही है।
शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों की पहचान एवं त्वरित रेस्क्यू हेतु 3 विशेष रेस्क्यू वाहनों को तैनात किये गए हैं, जो नियमित पेट्रोलिंग कर अभियान को गति दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थलों पर 16 होमगार्ड कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर लाया जा सके।
जिलाधिकारी ने जिले का कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्रता से इसकी नींव रखी तथा मुख्यमंत्री ने दिसम्बर 2024 में आधुनिक इंटेंसिवकेयर सेंटर का शिलान्यास किया। जिला प्रशासन ने इस सेंटर का संचालन प्रारंभ कराया। वर्तमान में यह केंद्र अपने सुसज्जित भवन एवं आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है, जहां बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा एवं पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिला प्रशासन का यह अभिनव प्रयास न केवल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को एक नई दिशा और बेहतर भविष्य प्रदान करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।
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उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएंः सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री आवास परिसर में मंगलवार को शहद निष्कासन कार्य किया गया। पहले चरण में 60 किलोग्राम शहद निकाला किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री आवास परिसर एवं आस-पास के क्षेत्र में 3-बी गार्डन (बी- फ्रेंडली गार्डन, बटर – फ्लाई फ्रेंडली गार्डन एवं बर्ड फ्रेंडली गार्डन) विकसित करने की दिशा में कार्य किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में फूलों की प्रजातियां हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में सहायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।
इस अवसर पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित और चेयरमैन देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान हरबर्टपुर श्री अजय कुमार सैनी मौजूद थे।
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पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने किया जल संस्थान पर प्रदर्शन
रुद्रप्रयाग। जिला मुख्यालय से सटे खेड़धार क्षेत्र में इन दिनों जल संकट ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। हालात ये हैं कि पिछले कई दिनों से घरों के नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंच रही है।. ऐसे में मजबूर होकर ग्रामीणों ने जल संस्थान विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से सटे खेड़धार क्षेत्र में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। सूखे नल और खाली बर्तन लोगों की बेबसी की कहानी बयां कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी जमीनों पर कलेक्ट्रेट और विकास भवन का निर्माण किया गया था, तब प्रशासन ने नियमित पेयजल आपूर्ति का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति ये है कि न केवल वो वादा अधूरा रह गया है, बल्कि जल संस्थान की लापरवाही से समस्या और भी विकराल होती जा रही है। विभाग हर बार लाइन ठीक होने का आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता। जल पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान विभागीय कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की आपूर्ति न होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। दूर से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है. जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
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चारधाम यात्रा के लिए पौड़ी पुलिस ने कमर कसी
पौडी। चारधाम यात्रा के लिए पौड़ी जनपद में पुलिस महकमा सक्रिय हो गया है। 19 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पौड़ी जनपद में कीर्तिनगर पुल से सिरोबगड़ तक करीब 22 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर विशेष फोकस किया जा रहा है।इस मार्ग में श्रीनगर, श्रीकोट व कलियासौड़ के साथ ही लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गरुड़ चट्टी से आसन बैराज व भीमगोड़ा बैराज तक के हिस्से को भी यात्रा प्रबंधन में शामिल किया गया है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को एक जोन और पांच सेक्टर में विभाजित किया है, जहां अधिकारियों और जवानों की तैनाती की जाएगी। यातायात को सुचारु रखने के साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए श्रीनगर और श्रीकोट में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी दी जाएगी।पुलिस का चारधाम यात्रा में पार्किंग व्यवस्था पर विशेष जोर है। पुलिस ने श्रीनगर के एनआईटी खेल मैदान, आवास विकास की खाली भूमि, फरासू के पास पार्किंग जोन तैयार किए हैं। यहां 500 वाहन एक समय में पार्क हो सकते हैं। इसके अलावा पानी, बिजली, शौचालय की व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है।
एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने बताया कि यात्रा के दौरान सहायता और सुरक्षा के लिए श्रीनगर गढ़वाल में बाजार चौकी के साथ पर्यटन पुलिस चौकी स्थापित की गई है। इसके अलावा बदरीनाथ हाईवे पर फरासू, सिरोबगड़ और गरुड़ चट्टी में सीजनल चौकियां भी बनाई गई हैं, ताकि यात्रियों को त्वरित सहायता मिल सके।चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सीओ को प्रशासन व लोनिवि के साथ मुख्य व वैकल्पिक मोटर मार्गों के संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीम को यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता न हो, इसकी कड़ी हिदायत दी गई है।
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गैस सिलिंडर की होगी होम डिलीवरी, आदेश जारी
उधमसिंह नगर। जिले में गैस उपभोक्ताओं के लिए प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही की जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले गैस एजेंसी संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिले में गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय और कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड, नैनीताल से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर यह फैसला लिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 24 मार्च से जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों को घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही सुनिश्चित करनी होगी।
आदेश के अनुसार, सभी उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के बाद इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम या हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के अधिकृत सिस्टम के जरिए ही डोर-टू-डोर गैस डिलीवरी की सुविधा दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा को कम करना और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर रोक लगाना है।
जिला अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने घरेलू गैस की संकटों से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी गैस एजेंसी संचालक द्वारा गोदाम या अन्य स्थानों से सीधे गैस वितरण किया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है।
इसके साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शिकायत दर्ज कराने हेतु हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों, जैसे क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक और गैस एजेंसी संचालकों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिससे जिले के हजारों गैस उपभोक्ताओं को सीधे उनके घर तक गैस सिलेंडर की सुविधा मिल सकेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और गैस वितरण प्रणाली में सुधार आएगा।
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भीषण अग्निकांड में छह भवन सहित अन्न भंडार जलकर राख
उत्तरकाशी। सोमवार देर रात मोरी विकासखंड के फिताड़ी गांव में हुए भीषण अग्निकांड में छह आवासीय भवन व छह अन्न भंडार जलकर खाक हो गए। सूचना मिलने पर दमकल टीम व पुलिस, राजस्व विभाग व एसडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। किन्तु तब तक मकानों में रखा सामान जलकर खाक हो चुका था। इस अग्निकांड में तीन पशुओं की भी जलने से मौत हो गई। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोरी बाजार से करीब 35 किमी दूर पंचगांई पट्टी के फिताड़ी गांव में सोमवार रात करीब 12.30 बजे एक आवासीय मकान में सबसे पहले आग भड़की।इस आग ने धीरे-धीरे आसपास के अन्य भवनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। सावणी गांव के प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत ने फोन से सबसे पहले अग्निकांड की सूचना दी।
वहीं, क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल ने भी रात को ही प्रशासन को घटना की सूचना दी। साथ ही स्वयं भी एसडीआरएफ टीम के साथ घटनास्थल फिताड़ी के लिए रवाना हुए।
सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी टीमों ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
लेकिन आग इतनी विकराल थी कि मध्यरात्रि में लगी आग पर तड़के चार-पांच बजे बाद ही काबू पाया जा सका। अग्निकांड की चपेट में आए छह में से चार आवासीय मकान करीब पांच मंजिला थे, जिसमें 8 परिवार रहते थे। इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन तीन गायों की आग की चपेट में आकर जिंदा जलने से मौत हो गई।
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छात्रों के दो गुटों में मारपीट,एक छात्र की मौत,तीन गिरफ्तार
देहरादून। कॉलेज में आपसी चल रही पुरानी रंजिश के चलते बीटेक के छात्रों के दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। इस घटना में एक छात्र की मौत हो गयी। इस मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने तीन छात्रों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए छात्र प्रेमनगर स्थित निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक छात्र के शव का पंचनामा भरकर पीएम के लिए भेजा गया है।
सोमवार देर रात थाना प्रेमनगर पुलिस को सूचना मिली कि केहरी गांव, प्रेमनगर में कुछ युवकों के बीच आपसी मारपीट में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे उसके साथियों द्वारा इलाज के लिए प्रेमनगर अस्पताल ले गए हैं। सूचना के बाद थाना प्रेमनगर पुलिस सीएससी प्रेमनगर पहुंची थी। घायल युवक 22 वर्षीय दिव्यांशु जाटराना की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल रेफर कर दिया था। अस्पताल में एम्बुलेंस खराब होने पर पुलिस ने घायल युवक को अपने सरकारी वाहन से इलाज के लिए दून अस्पताल लेकर गई। साथ ही घायल युवक के परिजनों को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद परिजन भी दून अस्पताल पहुंचे। दून अस्पताल में घायल युवक की इलाज के दौरान देर रात में मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के संबंध में परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। मृतक छात्र उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का निवासी था।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया है कि घटना के संबंध में जानकारी करने पर पता चला कि दोनों पक्षों के युवक प्रेमनगर स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हैं और कॉलेज में आपसी वर्चस्व को लेकर उनके बीच पुरानी रंजिश थी। इसी के चलते 23 मार्च की रात को दोनों पक्षों के बीच आपस में विवाद और मारपीट की घटना हुई थी। जिसके बाद मुकदमे में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।
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पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत
हरिद्वार। अदालत की सुरक्षा और पुलिस हिरासत के बीच मंगलवार को एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। पुलिस ने आरोपी के शव का पंचनामा भरकर पीएम के लिए भेज दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में कुछ आरोपियों की जमानत के लिए चार व्यक्ति पहुंचे थे। न्यायालय को संदेह होने पर जब उनकी जांच कराई गई, तो खुलासा हुआ कि चारों पेशेवर जमानती हैं और लंबे समय से फर्जी तरीके से जमानत दिलाने का काम कर रहे थे।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इसी दौरान, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, नरेश (निवासी हरिद्वार) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।पुलिस के आला अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर मामले की विस्तृत जानकारी ली है। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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अक्षय तृतीय पर्व पर 19 अप्रैल को खोले जायेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट
उत्तरकाशी। मंगलवार को यमुना जयंती के अवसर पर चारधाम में प्रथम यमुनोत्री धाम के कपाट उद्घाटन का मुहूर्त भी घोषित हो गया है।
यमुना जयंती के शुभ अवसर पर श्री यमुनोत्री मंदिर समिति के तीर्थपुरोहितों ने पंचांग गणना कर कपाट उद्घाटन का मुहूर्त तय किया, जिसके अनुसार अक्षय तृतीया पर्व पर 19 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर कृर्तिका नक्षत्र कर्क लग्न आयुष्मान योग में यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
श्री यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम के कपाट उद्घाटन के लिए 19 अप्रैल को ही मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली स्थित यमुनोत्री मंदिर से मां यमुना की उत्सव डोली सुबह 8.45 बजे यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी।इस अवसर पर यमुना के भाई शनि समेश्वर देवता की डोली भी मां यमुना की डोली को धाम तक छोड़ने के लिए साथ जायेगी। बताया कि रविवार को 19 अप्रैल अक्षय तृतीया पर्व पर विधिवत पूजा अर्चना व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले जाएंगे।इस अवसर पर मुख्य पुजारी पंकज उनियाल, सह पुजारी वेदप्रकाश उनियाल, प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, सह सचिव गौरव उनियाल व कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल आदि मौजूद रहे।

