शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती द्वारा प्रातः पूजा कर गुरुपादुका स्तोत्र का पाठ सम्पन्न हुआ ।
21 अप्रैल 2026
ज्योतिर्मठ, चमोली, उत्तराखंड
आज आदि शंकराचार्य भगवान के प्रकट्योत्सव के अवसर पर ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः
अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज ने आज प्रातः ज्योतिर्मठ में २५०० वर्ष पूर्व जिस गुफा में बैठकर भगवत्पाद आदिशंकराचार्य जी महाराज ने ‘प्रस्थानत्रयी’ ग्रन्थ पर भाष्य की रचना की थी वहाँ पर प्रातः पूजा कर गुरुपादुका स्तोत्र का पाठ सम्पन्न हुआ ।
फिर उसके बाद नृसिंह मठाङ्गण मूल ज्योतिर्मठ में विराजमान सभी देवविग्रह के दर्शन /पूजन के अनन्तर आदि शंकराचार्य भगवान की अष्टोत्तर शतनाम से अर्चन कर आरती की , कल्पवृक्ष, ज्योतिरीश्वर और माता पूर्णागिरि देवी के दर्शन पूजन ।
लक्ष्मी-नृसिंह भगवान के दर्शन पूजन के अनन्तर आदि शंकराचार्य भगवान की पालकी पर पुष्पार्पण किया कुछ देर बाद पूजन के अनन्तर पालकी आज पांडुकेश्वर में ओर कल बदरीनाथ धाम पहुँचेगी । परसों वैशाख शुक्ल सप्तमी को प्रातः शुभमुहूर्त में भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलेंगे । इस अवसर पर उपस्थित रहे सर्वश्री स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती , स्वामी शिवानन्द सरस्वती, स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरिः, स्वामी श्रीनिधिरव्यानन्द सागर, स्वामी अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्द गिरिः, ब्रह्मचारी विष्णुप्रियानन्द, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयम्बर सेमवाल, देवपुजाई समिति अध्यक्ष अनिल नम्बूरी, रवीन्द्र भट्ट, वेदपाठी वाणीविलास डिमरी, वेदपाठी अमित बन्दोलिया, शिवानन्द उनियाल, जगदीश उनियाल, महिमानन्द उनियाल, अभिषेक बहुगुणा आदि ।
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