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ढाबों और रेस्टोरेंट संचालकों ने की गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग

Pahado Ki Goonj

ढाबों और रेस्टोरेंट संचालकों ने की गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग
पौड़ी। श्रीनगर क्षेत्र में होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट से जुड़े व्यवसायियों ने आज प्रशासन से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है। मामले में उन्होने एक ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया है।
ज्ञापन के माध्यम से व्यवसायियों का कहना है कि नगरीय क्षेत्र और चारधाम यात्रा मार्गों पर होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट का व्यवसाय पूरी तरह गैस सिलेंडर पर निर्भर है। इस क्षेत्र से हजारों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं और कई श्रमिक अपने परिवार का भरण-पोषण इसी व्यवसाय के जरिए करते हैं। ज्ञापन में बताया गया कि गैस की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों के कारण होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। यदि समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुए तो हजारों लोगों के रोजगार पर संकट आ सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को व्यवसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही इन प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों के लिए घरेलू गैस सिलेंडर की भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा गया है कि यदि गैस सिलेंडर की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो होटल और रेस्टोरेंट में काम करने वाले कई श्रमिक बेरोजगार हो सकते हैं। इसलिए प्रशासन से जल्द उचित कार्रवाई करने की अपील की गई है। यह ज्ञापन सामाजिक कार्यकर्ता इरफान अली द्वारा प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें होटल-ढाबा और रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान की मांग की गई है।

 

टेªन की चपेट में आकर युवक की मौत
रूद्रपुर। बीती रात रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आकर टेंपो स्टैंड के मुंशी की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, भूरारानी खुशी इनक्लेव वार्ड 31 निवासी 26 वर्षीय करन खेड़ा पुत्र ललित खेड़ा रुद्रपुर टेंपो स्टैंड में मुंशी था।
बताया जा रहा है कि रविवार रात वह किसी काम से कहीं गया हुआ था। रात 12 बजे के आसपास रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के पास वह ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसके दोनों पैर कट गए और गंभीर रूप से घायल हो गया।यह देख वहां से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना भारत सेवा टीम के सदस्यों को दी। मौके पर पहुंचे सदस्यों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जानकारी ली और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। इधर, सोमवार सुबह घटना की जानकारी स्वजन को हुई तो वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।

23 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट
ऋषिकेश। गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन से आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की।
विचार-विमर्श के बाद तथा वर्तमान मौसम स्थितियों का आकलन करने के पश्चात दोनों पक्षों ने गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब के कपाट शनिवार 23 मई 2026 को खोलने पर आपसी सहमति व्यक्त की है।
ट्रस्ट राज्य सरकार के समन्वय में इस यात्रा का संचालन करता है तथा तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रतूड़ा, जोशीमठ, गोविंदघाट और घांघरिया में अपनी धर्मशालाओं में मुफ्त ठहरने और भोजन की व्यवस्था करता है।श्री हेमकुंट साहिब पर भी लंगर परोसा जाता है, लेकिन उच्च ऊंचाई और सीमित सुविधाओं के कारण तीर्थयात्रियों को रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं है।
यह निर्णय पिछले वर्षों की तुलना में कम बर्फबारी होने के कारण संभव हुआ है, जिससे जलवायु परिस्थितियां यात्रा के शीघ्र आरंभ के लिए अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। हालांकि, जलवायु परिवर्तन के कारण इस वर्ष कम बर्फ पड़ी है, लेकिन मौसम अप्रत्याशित रहता है।
पिछले वर्षों के रुझान को ध्यान में रखते हुए, यात्रा को इस वर्ष थोड़ा पहले आरंभ करने का निर्णय ट्रस्ट द्वारा लिया गया है। इस वर्ष चारधाम के पवित्र मंदिरों के कपाट अप्रैल माह में खोले जाने का कार्यक्रम निर्धारित है।

 

 

मुख्यमंत्री धामी ने 63 चयनित सफाई निरीक्षकांे को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
चार वर्षों में लगभग 30 हजार युवाओं को प्रदान की गई सरकारी नौकरीः मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत, उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में उत्तराखण्ड के चार युवकों की दर्दनाक मौत
देहरादून। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सोमवार सुबह दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर हुई सड़क दुर्घटना में उत्तराखंड के नैनीताल और हल्द्वानी के चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। एक युवक गंभीर रूप से घायल है। घायल को मुरादाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की वजह ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार की टक्कर बतायी जा रही है। पुलिस ने मृतकों के शव का पंचनामा भरकर पीएम के लिए भेज दिया है।
मुरादाबाद के थाना मूंढापांडे एसएचओ मोहित कुमार ने बताया कि क्षेत्र के मनकरा मोड़ के पास दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर कार और ईंट लदी ट्रैक्टर ट्रॉली के भिड़ंत की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। हादसा इतना भीषण था कि चार युवक अचेत थे, एक युवक गंभीर रूप से घायल था। आनन फानन में सभी को सामुदायिक केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टर ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप रूप से घायल युवक को मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। उसकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। सीएचसी मूंढापांडे की मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईशा सिंह ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण हुआ। चलते वाहन में चालक को झपकी आने के कारण कार अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार कार आगे चल रही ईंट लदी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकरा गई। ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराते ही कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पांच युवकों को यहां लाया गया था। सभी को मल्टीपल इंजरी थीं. चार युवक ब्रॉड डेड थे, जबकि एक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

चूना भट्टा क्षेत्र में पुराने खंडहर में मिला महिला का शव,नशे की ओवर डोज हो सकता है मौत का कारण
देहरादून। राजधानी दून में चूना भट्टा के पास एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मृतका के शरीर पर घाव के निशान पाए गए है। मौके पर पहंुची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार महिला नशे की आदि थी। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि नशे की ओवर डोज लेना मौत का कारण हो सकता है।
राजधानी देहरादून में चूना भट्टा क्षेत्र के पुराने खंडर में एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतका के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। जिससे उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने महिला की शिनाख्त का प्रयास किया। मृतका की पहचान 28 वर्षीय शिवानी के रूप में हुई। मृतक महिला के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि महिला शादी से पहले से ही नशे की लती थी।
मौके पर एसपी देहात जया बलूनी, एसपी सिटी प्रमोद कुमार और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल पहुंचे। पुलिस के अनुसार महिला की उम्र 28 साल है. महिला नशे की आदी बताई जाती है। डालनवाला सूरज बस्ती निवासी भागीरथ रावत ने बताया है कि 28 वर्षीय युवती की तीन साल पहले लव मैरिज एक शख्स के साथ हुई थी। शादी से पहले दोनों नशा करते थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और शादी हो गई। मृतक महिला शिवानी का दो साल बेटा है. अभी भी महिला नशे की लत में थी।
परिजन कई बार महिला को हरिद्वार नशा मुक्ति केंद्र भेज चुके थे। इसके बावजूद उसकी नशे की आदत नहीं छूटी। महिला का पति भी नशे का लती है। वर्तमान में गाजियाबाद के एक नशा मुक्ति केंद्र में उसका इलाज चल रहा है। जानकारी मिली है कि 15 दिन पहले भी महिला नशा मुक्ति केंद्र से आई थी। उसके बाद तीन दिन से घर से लापता थी। देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया है कि घटना के संबंध में अग्रिम कार्रवाई जारी है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की जानकारी मिल पाएगी। प्रथम दृष्ट्या में महिला की मौत नशे के ओवरडोज से होनी लग रही है। घर से एक-दो दिन गायब होने के बाद वापस आ जाती थी। महिला की एक छोटी बहन है, जो उसके बच्चे का पालन पोषण कर रही है। पिता स्कूल का ऑटो चलाता है।

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