देहरादून। महाराष्ट्र की राजनीति में भारी उठापटक चल रही है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर बोलते हुए केंद्र पर सत्ता का अपहरण करने का आरोप लगाया है। उत्तराखंड में सत्ता का संघर्ष साल 2016 में जिस तरह हाईकोर्ट तक पहुंचा था। कुछ ऐसा ही घटनाक्रम इन दिनों महाराष्ट्र में भी जारी है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। उत्तराखंड के उन्हीं पलों को याद करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र के राज्यपाल पर करारा प्रहार किया है।
हरीश रावत ने कहा कि आज न्याय संविधान सभी की परीक्षा है और यह लोकतंत्र की एक कठिन घड़ी है। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह उत्तराखंड में न्यायपालिका ने लोकतंत्र की रक्षा की, कुछ इसी तरह महाराष्ट्र में भी न्याय पालिका के माध्यम से लोकतंत्र की रक्षा होगी। हरीश रावत ने महाराष्ट्र के गवर्नर पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने गवर्नर के पद का दुरुपयोग करवाते हुए सत्ता का अपहरण किया है और इसके लिए उन्हें न्याय पालिका से प्रताड़ना मिलेगी। हरीश रावत ने जल्द ही महाराष्ट्र में कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने की भी उम्मीद जताई।
महाराष्ट्र प्रकरण पर रीता बहुगुणा जोशी ने शिवसेना को लिया आड़े हाथ
Mon Nov 25 , 2019
देहरादून। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अब तक के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने शिवसेना को आड़े हाथ लिया। उन्होंने शिवसेना पर जनता से धोखा करने का आरोप लगाया है। यही नहीं उप मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले अजीत पंवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों […]

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चिन्यालीसौड़ पुल बनकर तैयार, धनुष जैसा आकार है आकर्षण केन्द्र टिहरी, उत्तरकाशी जिले के सीमा पर टिहरी झील के ऊपर बनाए जा रहे चिन्यालीसौड़ पुल का काम पूरा हो चुका है। अब 20 दिन बाद इस पुल को जनता को समर्पित किया जाएगा। फिलहाल पुल न होने की वजह से ग्रामीणों को 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। चिन्यालीसौड़ पुल। पुनर्वास विभाग देवीसौड़ में 162 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया गया है। साल 2007 में टिहरी झील बनने के कारण देवीसौड़ मोटर पुल डूब गया था। जिसके कारण चिन्यालीसौड़ के करीब 42 गांव माली, बादान, जोगत, तुल्याड़ा, भड़कोट, आदि का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया था। अब इस पुल के निर्माण के बाद अलग-थलग पड़े इन सभी 42 गांवों की राह आसान होगी। इन गांव के लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पढ़ें-ड्यूटी ज्वॉइन करने निकला था कुमाऊं रेजिमेंट का जवान, दो दिन बाद भी नहीं पहुंचा यूनिट बता दें कि देवीसौड़ में बन रहा पुल स्टील आर्च ब्रिज होगा जो दिचली-गमरी व टिहरी जनपद को जोड़ने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा आर्च है
Pahado Ki Goonj June 29, 2018

