चमोली। जनपद चमोली में भी पिछले 4 दिनों से भारी बर्फबारी हो रही थी, लेकिन रविवार को धूप निकलने से मौसम साफ हो गया। जिसकी वजह से कड़ाके की ठंड झेल रहे लोगों को कुछ राहत मिली है। वहीं, बर्फबारी की वजह से गांवों के घर बर्फ से ढक गए हैं। जिससे क्षेत्र का नजारा बड़ा अद्भूत दिख रहा है। चमोली में तमाम ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछ चुकी है। हर तरफ बर्फ ही बर्फ के नजारे इस समय चमोली के ऊंचाई वाली जगहों पर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, चमोली के लोगों और पर्यटकों को बर्फबारी और बारिश रुकने से कुछ राहत जरूर मिल गयी लेकिन, अभी सड़कों पर जमे पाला लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। जोशीमठ में 2 से 4 इंच तक बर्फबारी भी हुई है। जिससे पानी पाइपलाइनों के अंदर ही जम गया है। अब जोशीमठ सहित अन्य ऊंचाई वाले गांवों के रास्तों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। हर तरफ सड़कों पर बर्फ होने से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चमोली प्रभारी जिलाधिकारी मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि बीते 4 दिनों हुई बर्फबारी से अभी तक चमोली के 56 गांव प्रभावित और साथ ही करीब 8 मोटरमार्ग बाधित हुए हैं। जिनको खोलने के लिए ऑलवेदर सड़क निर्माण कर रही कंपनियों की मशीनों को काम में लगाया गया है। जोशीमठ-औली मोटरमार्ग को खोले जाने का कार्य जारी है। संभावना जताई जा रही है कि आज शाम तक मार्ग खुल जाएगा।
अपहरण के बाद कांग्रेसी पार्षद को गाजियाबाद में छोड़कर फरार हुए बदमाश
Sun Jan 19 , 2020
रूद्रपुर। रुद्रपुर से हाल ही में कांग्रेस पार्षद के अपहरण का मामला सामने आया था। पुलिस ने रविवार को पार्षद अमित मिश्रा को गाजियाबाद से बरामद किया है। एसएसपी बरिंदर सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अपहरणकर्ता पार्षद को गाजियाबाद में सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो […]

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चिन्यालीसौड़ पुल बनकर तैयार, धनुष जैसा आकार है आकर्षण केन्द्र टिहरी, उत्तरकाशी जिले के सीमा पर टिहरी झील के ऊपर बनाए जा रहे चिन्यालीसौड़ पुल का काम पूरा हो चुका है। अब 20 दिन बाद इस पुल को जनता को समर्पित किया जाएगा। फिलहाल पुल न होने की वजह से ग्रामीणों को 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। चिन्यालीसौड़ पुल। पुनर्वास विभाग देवीसौड़ में 162 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया गया है। साल 2007 में टिहरी झील बनने के कारण देवीसौड़ मोटर पुल डूब गया था। जिसके कारण चिन्यालीसौड़ के करीब 42 गांव माली, बादान, जोगत, तुल्याड़ा, भड़कोट, आदि का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया था। अब इस पुल के निर्माण के बाद अलग-थलग पड़े इन सभी 42 गांवों की राह आसान होगी। इन गांव के लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पढ़ें-ड्यूटी ज्वॉइन करने निकला था कुमाऊं रेजिमेंट का जवान, दो दिन बाद भी नहीं पहुंचा यूनिट बता दें कि देवीसौड़ में बन रहा पुल स्टील आर्च ब्रिज होगा जो दिचली-गमरी व टिहरी जनपद को जोड़ने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा आर्च है
Pahado Ki Goonj June 29, 2018

