
तुल्याड़ा के ग्रामीण बोले— पुल नहीं तो विधानसभा चुनाव का होगा बहिष्कार” ।
डेंजर जोन से परेशान तुल्याड़ा के ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार की दी चेतावनी।
उत्तरकाशी । चिन्याली सौड । धरासू-जोगत मोटर मार्ग पर तुल्याड़ा गांव के समीप पिराड़ा क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय भूस्खलन एवं डेंजर जोन ग्रामीणों के लिए लगातार जानलेवा बना हुआ है। पहाड़ी से हर दिन पत्थर गिरने के कारण स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीणों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस डेंजर जोन में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
ग्रामीण हरीश थपलियाल,अनिल पंवार, विजयपाल परमार राहुल रजवार,सुभम रावत का कहना है कि वे वर्षों से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तुल्याड़ा के समीप मोटर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि इस खतरनाक क्षेत्र से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। बावजूद इसके, उनकी मांग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। लगातार भूस्खलन और पत्थर गिरने से लोगों में हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना और रोजमर्रा के कार्यों के लिए इस मार्ग से गुजरना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है।
तुल्याड़ा वार्ड की क्षेत्र पंचायत सदस्य व कनिष्ठ उप प्रमुख भानुप्रिया थपलियाल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तुल्याड़ा में मोटर पुल निर्माण की स्वीकृति और कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिले हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब सुरक्षित आवागमन उनका अधिकार है और यदि सरकार उनकी इस मूलभूत मांग की अनदेखी करती रही तो वे लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव बहिष्कार का निर्णय लेने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने सरकार से डेंजर जोन का स्थायी उपचार कराने तथा तुल्याड़ा के समीप शीघ्र मोटर पुल निर्माण की मांग करते हुए कहा कि यह केवल विकास का नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा का सवाल है।

