रुड़की। चंद्रपुरी में बुधवार दोपहर भूसे से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली से बाइक की भिड़ंत हो गई। टक्कर लगने पर बाइक सवार छात्र की मौके पर मौत हो गयी।
हादसे के बाद आरोपित चालक ट्रैक्टर टॉली को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पश्चिमी अंबर तालाब निवासी वैभव जुनेजा (20) हरिद्वार रोड स्थित कोर कॉलेज का छात्र था। बुधवार की दोपहर वह बाइक से दुर्गा चौक की तरफ से बीएसएम तिराहे की तरफ आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक की रफ्तार अधिक थी। इसके चलते ही चंद्रपुरी में रिक्शा स्टैंड के पास बीएसएम तिराहे की तरफ से आ रही भूसे लदी ट्रैक्टर ट्रॉली से वह टकरा गया। टक्कर लगने के बाद छात्र बाइक समेत सड़क पर गिर गया।सड़क पर गिरने से छात्र के सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद आरोपित ट्रैक्टर ट्रॉली चालक वाहन को छोड़कर मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। हादसा होते देख मौके पर लोगों की भीड़़ लग गई।
हादसे की सूचना मिलने पर गंगनहर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस उसे एक चिकित्सक के यहां पर ले गई। जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। हादसे की सूचना मिलने पर मृतक के स्वजन भी मौके पर पहुंचे थे। स्वजन का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है।गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को अभी तक मामले की तहरीर नहीं मिली है। पुलिस आरोपित ट्रैक्टर-टॉली चालक की तलाश कर रही है।आगे पढ़ें
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट
हरिद्वार। चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू होते ही पुलिस और प्रशासन ने सतर्क बढ़ा दी है। पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक पर्यटन के नाम पर बढ़ी ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा इंतजाम पहले से और मजबूत किए जा रहे हैं।
साइबर सेल की टीम को संदिग्ध वेबसाइट पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, एसओजी और खुफिया विभाग को भी चौकस किया गया है। इसके अलावा आमजन व खासतौर पर श्रद्धालुओं को सजग किया जा रहा है कि अधिकृत वेबसाइट पर ही ऑनलाइन बुकिंग कराएं। कम खर्च के लालच में किसी के झांसे में न आएं।चारधाम यात्रा के दौरान देश भर से हर साल औसतन 50 से 55 लाख से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में 51 लाख से अधिक और 2023 में 56 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन किए। जिसमें केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। जबकि इस साल 2026 में यात्रा के लिए अभी तक आठ लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जिससे नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है। हर साल कई श्रद्धालु होटल, धर्मशाला, हेली व टैक्सी बुकिंग के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते हैं। फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सऐप मैसेज, एसएमएस और इंटरनेट मीडिया विज्ञापनों के जरिए श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा रहा है। ये गिरोह आकर्षक ऑफर और सस्ती बुकिंग का लालच देकर श्रद्धालुओं से एडवांस पेमेंट करा लेते हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने पर बुकिंग फर्जी निकलती है। पिछले वर्ष उत्तराखंड पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने अभियान चलाकर कई फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध मोबाइल नंबर और बैंक खातों को ब्लॉक किया था। इसके बावजूद ठग नए-नए तरीकों से सक्रिय हो रहे हैं।
इसी को देखते हुए इस साल भी साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से निगरानी तेज कर दी है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि श्रद्धालु किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदेश के जरिए बुकिंग न करें। केवल अधिकृत और सत्यापित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही होटल, हेलीकॉप्टर या टैक्सी की बुकिंग करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।
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बिजली विभाग और विजिलेंस ने बिजली चोरी के काटे कनेक्शन
उधम सिंह नगर। गदरपुर क्षेत्र में बिजली विभाग और विजिलेंस टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए बकायेदारों और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ छापेमारी की। इस दौरान कई अवैध कनेक्शन काटे गए. उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने व स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए गए।
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर कई घरों की जांच की। इस दौरान पाया गया कि कई उपभोक्ता लंबे समय से बिजली का बिल जमा नहीं कर रहे थे, जबकि कुछ लोग अवैध तरीके से ‘कुंडी’ डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। टीम ने ऐसे मामलों में सख्ती दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की। बिजली चोरी करते पाए गए घरों के कनेक्शन काट दिए।
अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लंबाखेड़ा क्षेत्र में बिजली चोरी की जा रही है। कई उपभोक्ता बकाया भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसी के आधार पर गुरूवार को विजिलेंस टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो उपभोक्ता लंबे समय से बिल जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छापेमारी के दौरान विभाग ने बकायेदार उपभोक्ताओं को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द विद्युत विभाग कार्यालय में जाकर अपना बकाया जमा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन उपभोक्ताओं को भी चेतावनी दी गई जिन्होंने अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगवाए हैं।
अधिशासी अभियंता ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैली अफवाहों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी प्रणाली है। जिसमें उपभोक्ताओं को सामान्य तरीके से ही रीडिंग और बिल प्राप्त होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और विभाग के निर्देशों का पालन करें।
इस अभियान में विजिलेंस टीम की भी अहम भूमिका रही, जिन्हें पहले से ही क्षेत्र में बिजली चोरी की सूचना मिली थी. संयुक्त कार्रवाई के चलते कई अनियमितताएं उजागर हुईं। मौके पर ही सख्त कदम उठाए गए।
बिजली विभाग ने साफ कर दिया है कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। जिससे बिजली चोरी पर रोक लगाई जा सके और राजस्व नुकसान को कम किया जा सके। विभाग ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि ईमानदारी से बिल का भुगतान करें और वैध कनेक्शन का ही उपयोग करें।
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शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी करने वाले छात्रों पर कसा जायेगा शिकंजा
देहरादून। प्रेमनगर में छात्रों में गैंगवार और एक छात्र की हत्या के बाद एसएसपी सख्त हो गए हैं। जिसके तहत अब शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी करने वाले छात्र चिह्नित किए जाएंगे। छात्र गुटों के बीच हुए झगड़े और मारपीट पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर संबंधित शिक्षण संस्थान की जवाबदेही भी तय की जाएगी। यह निर्देश देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए हैं।
इतना ही नहीं अब रात में अनावश्यक रूप से घूमने वाले छात्रों और संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है। शिक्षण संस्थान, हॉस्टल और पीजी में छात्रों के बीच हुए विवाद की जानकारी छिपाने पर संबंधित संस्थान या प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बैठक के दौरान एसएसपी डोबाल ने सभी थाना प्रभारियों से उनके थाना क्षेत्रों में स्थित शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल, पीजी के संबंध में जानकारी ली। साथ ही सख्त निर्देशि दिए कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित सभी शिक्षण संस्थानों में जाकर ऐसे सभी छात्रों को जो गुटबाजी करते हुए माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हों या किसी संदिग्ध/आपराधिक गतिविधि में लिप्त हों, उन्हें चिह्नित करें।
उन्होंने कहा कि उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही संबंधित शिक्षण संस्थान को रिपोर्ट भेंजे और ऐसे छात्रों के निष्कासन की कार्रवाई करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच हुए किसी भी विवाद की सूचना मिलने पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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नशे में उत्पात मचा रहे पांच लोगों का पुलिस ने किया चालान
अल्मोड़ा। सोमवार को देर रात नशे में धुत करीब पांच लोगों ने अल्मोड़ा-कसारदेवी सड़क पर पपरशैली के पास जमकर उत्पात मचाया। नशेड़ियों के उत्पात से आसपास के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जबकि नशे में उत्पात मचा रहे आरोपितों ने सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहनों में भी तोड़-फोड़ कर दी।
बाद में स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना 112 में दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उत्पात मचा रहे लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की।
पपरशैली निवासी बालम सिंह मेहरा ने बताया कि दो पहिया वाहनों में तोड़फोड़ से नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई कर आरोपितों से मुआवजा दिलाने की मांग की है। चौकी प्रभारी एनटीडी दिनेश परिहार ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची आरोपितों को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि आरोपित नेपाल निवासी हैं, यहां मजदूरी का काम करते हैं।
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पिकअप नदी में समाई,चालक की मौत

देहरादून। हरिपुर-कोटी-इच्छाड़ी-त्यूनी मोटर मार्ग पर लालढांग के पास पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नदी में समा गई। इस हादसे में वाहन चालक की मौके पर मौत हो गई। एसडीआरएफ की टीम ने शव का रेस्क्यू कर आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, बीती देर शाम एक पिकअप वाहन विकासनगर से परचून का सामान लेकर त्यूनी के लिए निकला था। तभी विकासनगर-हरिपुर-कोटी-इच्छाड़ी-
हादसे में वाहन चालक की मौके पर मौत हो गई, लेकिन हादसे की सूचना बुधवार को मिली। हादसे की सूचना मिलते ही कालसी थाना पुलिस और डाकपत्थर से एसडीआरएफ अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर रेस्क्यू उपकरणों के घटनास्थल के लिए रवाना हुए। जहां टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया। जिसके तहत टीम रस्सियों के सहारे खाई में उतरी। जहां नीचे जाकर वाहन में फंसे चालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई चुकी थी। इसके बाद उसके शव को खाई से बाहर निकाला गया। फिर पोस्टमार्टम समेत अन्य कार्रवाई के लिए शव पुलिस को सौंप दिया गया।कालसी थानाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने बताया कि एक पिकअप वाहन मंगलवार को शाम के समय विकासनगर से त्यूनी जा रहा था। देर रात हरिपुर-कोटी-इच्छाड़ी मोटर मार्ग पर लालढांग के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसकी सूचना बुधवार को कालसी थाने को मिली। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू चलाकर घटनास्थल से एक व्यक्ति का शव निकाला। अब शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।
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कैबिनेट बैठक में 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को पहली बार धामी कैबिनेट की पहली फुल बैठक हुई। आयोजित बैठक में धामी कैबिनेट ने 16 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। इन फैसलों में न्यायिक अधिकारियों को ई-व्हीकल पर ब्याज छूट देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही फ्री बिजली योजना में सब्सिडी-वसूली एक्ट को भी मंजूरी दे गई है।
कैबिनेट में 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर में लोक निर्माण विभाग में 1 करोड़ से ऊपर की कंसल्टेंसी को पास किया गया।
न्याय विभाग में न्याय कर्मचारियों को नॉमिनल इंटरेस्ट रेट पर 10 लाख रुपए का सॉफ्ट लोन ले सकेंगे।
वन विभाग ने मुख्य प्रशासनिक पद हेतु न्यूनतम सेवा 25 वर्ष का प्रावधान था कार्मिक विभाग में 22 वर्ष, अब कार्मिक विभाग की तर्ज पर प्रशासनिक पद के लिए न्यूनतम सेवा 22वर्ष की गई।
ऊर्जा विभाग में सब्सिडी का लाभ 31 मार्च 2025 तक ही मिलेगा लाभ।
उच्च शिक्षा विभाग स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के प्रीमियम को लेकर प्रस्तुति दी गई।
इसके अलावा धामी कैबिनेट ने गृह विभाग 2025 में बनी नियमावली को लागू करने की अनुमति दे दी है। साथ ही गृह विभाग में उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नियमावली बनाई गई है। इसे भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने गृह विभाग भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद, प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञ को रखने की अनुमति दे दी है।
कैबिनेट बैठक में कार्मिकों को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है। कार्मिक विभाग में सिपाही और उप निरीक्षक पदों के लिए नियमावली बनाई गई थी। जिसके हिसाब से अब घटी हुई सीमा के बाद उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा। जिसमें पुलिस पीएसी, अग्निशमन, प्लाटून आदि मौजूद हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग में एडेड स्कूलों के लिए स्टडी के लिए उप समिति बनाने का निर्णय लिया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग में राज्य से 2.2लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया। गेहूं और धान खरीद पर जितना भारत सरकार मंडी शुल्क दे रही है, उतना ही राज्य सरकार देगी।
उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लक्ष्य को 10ः टारगेट और पूर्व सैनिक और पूर्व अग्निवीर के लिए रिजर्व रखा जाएगा। 5ः सब्सिडी भी अतिरिक्त रूप से दी जाएगी।
नियोजन विभाग के तहत सेतु आयोग में बनाएगी टच को लेकर मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति दी गई।
पंचम विधानसभा सत्रावसान को भी मंजूरी मिल गयी है।।आगे पढ़ें
अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी

उधम सिंह नगर। ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में वीरजी होटल के पास गली में एक युवक का शव नाली में पड़ा मिला। जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे है।
गुरूवार की सुबह उधम सिंह नगर रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिडकुल ढाल के पास वीरजी होटल वाली गली में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गयी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और जांच शुरू की। प्रभारी निरीक्षक मोहन चंद पांडे ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि मृतक के पास से कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिससे उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। मृतक की उम्र लगभग 30-32 वर्ष के बीच बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। पुलिस ने शव के फिंगरप्रिंट भी लिए हैं और पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही आसपास के थानों को भी सूचना दे दी गई है, ताकि गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान किया जा सके।चारा पत्ति लेने जंगल गयी महिला पर भालू ने किया हमला,महिला की स्थिति नाजूक
चमोली। चारा पत्ति लेने जंगल गयी महिला पर भालू ने हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। घायल महिला का प्राथमिक उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में किए जाने के बाद एम्स रेफर कर दिया है। घटना के बाद ग्रामीण दहशत में हैं।
बुधवार की सुबह 10 बजे थराली तहसील के बूंगा गांव में भालू ने घात लगाकर एक युवती को गंभीर रूप से घायल कर दिया है। युवती गोविंदी देवी 26 वर्ष अपने मायके आई हुई थी। घर के पास ही खेतों से चारा पत्ती लाने गई थी। भालू के हमले से महिला के सिर, गर्दन और चेहरे पर जख्म है।
युवती को 108 की सहायता से सीएचसी थराली लाया गया है। वन विभाग ने फौरी सहायता की तौर पर तीस हजार रूपये परिजनों को दिए है। युवती का ससुराल हरमनी है। युवती का पति पंकज सिंह गांव मे ही दुकान चलाते है।प्रभागीय वनाधिकारी बदरीनाथ सर्वेश दूबे ने बताया कि घायल महिला को उपचार के लिए चिकित्सालय लाया गया हैं भालू प्रभावित क्षेत्र में गश्त की जा रही है।
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विजिलेंस ने आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा
हरिद्वार। रुड़की में विजिलेंस की टीम ने गुरूवार को आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा है। बताया जा रहा है कि सुपरवाइजर ने आंगनबाड़ी सहायिका से प्रमोशन कराने के एवज में यह घूस मांगी थी, लेकिन धरी गई. वहीं, अब विजिलेंस की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई.
बता दें कि देहरादून से आई विजिलेंस की टीम ने रुड़की के बाल विकास अधिकारी कार्यालय में छापा मारा. ग्रामीण द्वितीय में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी को 50 हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथ मौके पर ही दबोच लिया। इस मामले में आंगनबाड़ी सहायिका की शिकायत पर सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा पंजीकृत किया गया था. जिसके बात यह कार्रवाई की गई।
बाल विकास अधिकारी कार्यालय रुड़की ग्रामीण द्वितीय में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी ने आंगनबाड़ी सहायिका से उसके प्रमोशन के लिए 50 हजार रुपए की मांग की थी। जिसकी शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने मामले की पुष्टि कर जाल बिछाया। तय योजना के तहत बुधवार यानी 25 मार्च को जैसे ही सहायिका ने रिश्वत की रकम ली, वैसे ही टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस की छापेमारी से मचा हड़कंपरू वहीं, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज इस मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस छापेमारी के बाद विभागीय महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य कर्मचारियों में भी खौफ का माहौल देखा जा रहा है।
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बीकेटीसी के प्रस्तावों पर उठे गंभीर सवाल, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी की आरटीआई से हुआ खुलासा
सीईओ पद के लिए प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी की अनिवार्यता हटाने और 11 लाख की विशेष पूजा प्रस्ताव पर आपत्ति
बीकेटीसी में सीईओ पद पर आईएएस/वरिष्ठ पीसीएस की नियुक्ति हो अनिवार्य, अधिवक्ता विकेश नेगी ने सरकार से की मांग
देहरादून। अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के हालिया प्रस्तावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाया है कि बीकेटीसी के वर्तमान बोर्ड द्वारा लिए गए कुछ निर्णय न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करने वाले हैं, बल्कि धार्मिक स्थलों में व्यावसायिकता को भी बढ़ावा देने वाले प्रतीत होते हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए विकेश सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत बीकेटीसी से वर्तमान बोर्ड के गठन के बाद आयोजित बैठकों का विस्तृत ब्योरा मांगा था। इसके जवाब में बीकेटीसी के लोक सूचना अधिकारी द्वारा 09 जुलाई 2025 को आयोजित बोर्ड बैठक के प्रस्तावों की छायाप्रति एवं शासन को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि उपलब्ध कराई गई। इन दस्तावेजों के अध्ययन के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिन पर सार्वजनिक बहस और समीक्षा की आवश्यकता है।
सीईओ पद की अर्हता में बदलाव पर सवाल
विकेश सिंह नेगी ने कहा कि बोर्ड बैठक में मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) पद की अर्हताओं में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 1985 की सेवा नियमावली में सीईओ पद के लिए मात्र स्नातक डिग्री की अर्हता निर्धारित थी, जबकि वर्ष 2023 में लागू नई सेवा नियमावली में इसे संशोधित करते हुए प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी होना अनिवार्य किया गया था।
हालांकि, वर्तमान बोर्ड ने इस प्रावधान को “एकांगी” और “परिवर्तनशील व्यवस्था के अनुकूल नहीं” बताते हुए इसे हटाने की सिफारिश की है। विकेश सिंह नेगी ने इस तर्क को पूरी तरह अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि देश के अधिकांश प्रमुख श्राइन बोर्डों—जैसे वैष्णो देवी, तिरुपति बालाजी आदि—में सीईओ पद पर अनुभवी आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि बीकेटीसी जैसा विश्व प्रतिष्ठित संस्थान, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, वहां प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की ढिलाई गंभीर परिणाम ला सकती है। विकेश सिंह नेगी ने कहा “यदि मात्र स्नातक डिग्री के आधार पर सीईओ की नियुक्ति की जाती है, तो इससे प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और पारदर्शिता पर भी सवाल उठ सकते हैं ।
प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
विकेश सिंह नेगी ने आगे कहा कि वर्ष 2023 में बनाई गई सेवा नियमावली का उद्देश्य बीकेटीसी के प्रशासन को अधिक पेशेवर और जवाबदेह बनाना था। इसमें स्पष्ट रूप से यह प्रावधान किया गया था कि सीईओ पद पर नियुक्ति के लिए प्रशासनिक अनुभव के साथ प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी होना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इस नियम के तहत ही वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों या आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित होती है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया मजबूत होती है। ऐसे में इस प्रावधान को हटाने का प्रयास संस्था की साख और कार्यप्रणाली दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
11 लाख रुपये की विशेष पूजा का प्रस्ताव
आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी सामने आया है, जिसमें बीकेटीसी ने विशेष पूजा के लिए न्यूनतम 11 लाख रुपये शुल्क निर्धारित करने की बात कही है। प्रस्ताव के अनुसार, देश के कुछ उद्योगपति एवं बड़े दानदाता अपने परिवार या प्रतिष्ठान के नाम से विशेष पूजा कराने की इच्छा जताते हैं, जिसे देखते हुए यह व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विकेश सिंह नेगी ने कहा कि मंदिरों में श्रद्धा और आस्था सर्वोपरि होनी चाहिए, न कि आर्थिक स्थिति के आधार पर विशेष सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। “ऐसे प्रस्ताव धार्मिक स्थलों में वर्गभेद और व्यावसायिकता को बढ़ावा देते हैं, जो हमारी परंपराओं और मूल्यों के खिलाफ है,”।
धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने की अपील
विकेश सिंह नेगी ने राज्य सरकार से मांग की है कि बीकेटीसी द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाए और ऐसे किसी भी निर्णय को मंजूरी न दी जाए, जिससे धामों की गरिमा, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं। यहां की व्यवस्थाएं उच्चतम स्तर की पारदर्शिता, निष्पक्षता और पेशेवर दक्षता के साथ संचालित होनी चाहिए। अंत में विकेश सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि यदि इन प्रस्तावों को वापस नहीं लिया गया तो वह जनहित में इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएंगे और आवश्यक होने पर न्यायालय की शरण भी लेंगे।

