देहरादून,मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री श्रीमती शीला दीक्षित के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अपने शोक संदेश में श्रीमती दीक्षित को कुशल राजनीतिज्ञ एवं समाज सेवी बताते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहकर समाज को नई दिशा दी। उन्होंने उनके निधन को देश की राजनीति को अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यवक्त की।
बड़ा परिवर्तन:राज्यों के लाट साहब इधर से उधर
Sat Jul 20 , 2019
देहरादून, दिल्ली,मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का तबादला और नियुक्ति उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में, बिहार के राज्यपाल लाल जी टंडन को मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में स्थानांतरित और नियुक्त किया गया. जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल, त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में रमेश […]

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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

