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विकसित भारत के संकल्प के साथ उत्तरकाशी में निकली सेवा ज्योति यात्रा। विश्वनाथ-शक्ति कॉरिडोर बनेगा, धामी ने की घोषणा ।

Pahado Ki Goonj

विकसित भारत के संकल्प के साथ उत्तरकाशी में निकली सेवा ज्योति यात्रा।

विश्वनाथ-शक्ति कॉरिडोर बनेगा, धामी ने की घोषणा ।
उत्तरकाशी।

सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भव्य सेवा ज्योति सभा एवं सेवा ज्योति कलश यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर उनके सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर बनाने की घोषणा करते हुए धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की बात कही।


कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ एवं शक्ति मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद ऐतिहासिक रामलीला मैदान से सेवा ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा रामलीला मैदान से शुरू होकर विश्वनाथ-शक्ति मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों और स्थानीय लोगों ने सहभागिता की। यात्रा के माध्यम से सेवा, समर्पण, जनकल्याण और राष्ट्रभाव का संदेश दिया गया।


रामलीला मैदान में आयोजित सेवा ज्योति सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रामलीला मैदान उत्तरकाशी की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है और आज इसी ऐतिहासिक स्थल से सेवा, राष्ट्रभाव और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होना देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री ने पिछले ढाई दशक में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को अपने जीवन का मिशन बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार की योजनाएं अब सरकारी कार्यालयों और फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के घर तक पहुंच रही हैं। जनधन योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास सरकार का मूलमंत्र है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केदारनाथ की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने का संकल्प लिया था। इसी विजन के अनुरूप राज्य सरकार पहाड़ों में रेल, उद्योग, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पलायन रोकने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुने से अधिक बढ़ी है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। होटल क्षेत्र में 25 प्रतिशत तथा होमस्टे में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की मांग उत्तराखंड के साथ देशभर में बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है और लगातार चार वर्षों से राज्य को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली अवॉर्ड मिल रहा है। उन्होंने पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि को भी महत्वपूर्ण बताया।
चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अब तक 56 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं और यात्रा ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उत्तरकाशी में भी विकास कार्यों को गति दी जा रही है। जिले में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 50 योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, जिनमें 26 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 24 योजनाओं पर कार्य गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना है। इसके साथ ही धर्मांतरण कानून, दंगा रोधी कानून और भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरी मिली है।
विश्वनाथ-शक्ति कॉरिडोर की घोषणा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के धार्मिक महत्व को देखते हुए विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह बाबा विश्वनाथ और मां शक्ति का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने गाजणा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी के उच्चीकरण का परीक्षण कराने की बात कही। भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर भारत सरकार को पत्र भेजे जाने और जल्द स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रयास किए जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने डोडीताल, अवाना बुग्याल और हरिमहाराज सौड़ बुग्याल को मानचित्र पर निर्धारित करने तथा इनके सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही धौंतरी स्वास्थ्य केंद्र का नाम पूर्व विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत के नाम पर किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के सेवा भाव और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने उपस्थित लोगों से विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार, रामसुंदर नौटियाल, जगत सिंह चौहान, श्याम डोभाल, जनानंद नौटियाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, केदार सिंह रावत, सूरत राम नौटियाल, मालचंद, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, किशोर भट्ट, शारदा राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय और मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित जिला प्रशासन के अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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