
श्रावणी मेले में जीवंत हुई लोक संस्कृति, देव डोलियों के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब ।
श्रावणी मेले में उमड़ी आस्था, देव डोलियों और पांडव नृत्य ने बांधा समां ।
उत्तरकाशी। बड़कोट । मदन पैन्यूली
श्रावणी मेले में इस वर्ष आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का भव्य संगम देखने को मिला। मेले का मुख्य आकर्षण देव डोली पूजा, सोमेश्वर देवता द्वारा डांगरी आसन, पारंपरिक पांडव नृत्य तथा लोक संस्कृति से जुड़े रासो-तांदी कार्यक्रम रहे। इन आयोजनों ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य किया।
मेले में गंगोत्री क्षेत्र के जखोल, सोरा, सारी और बारसू सहित विभिन्न गांवों से देव डोलियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पहुंचे। ग्राम पंचायत वासियों ने सभी अतिथियों एवं देव डोलियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य एवं दिव्य स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं मंदिर समिति अध्यक्ष संदीप राणा ने कहा कि मेले केवल मनोरंजन या व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक विरासत और ऋतु परिवर्तन के उत्सवों का अद्भुत संगम हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि “हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है।”
इस अवसर पर विधायक संजय डोभाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाणा, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, पूर्व प्रमुख विनीता रावत, वरिष्ठ भाजपा नेता जगमोहन रावत, प्रमुख प्रतिनिधि अजवीन पंवार, जयराज बिष्ट, बृजमोहन राणा, अनिल चौहान, प्रवीण राणा, जसपाल परमार, मुकेश चौहान, ग्राम प्रधान मनीशा चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्णा राणा, नवीन चौहान, प्रमोद चौहान, आनंद राणा, मदन चौहान, आशीष, अजय चौहान, नरेंद्र थपलियाल, अनिल नौटियाल, पंकज उनियाल, रणवीर परमार, सुभाष, उदम लाल, सजलिया लाल, प्यारे लाल, मनी लाल, मोहन राधेश्याम एवं बृजलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

