
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
खाड़ी, टिहरी गढ़वाल, 12 अगस्त।
राजकीय महाविद्यालय खाड़ी, टिहरी गढ़वाल में रेडक्रॉस समिति एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर “युवा शक्ति, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व” विषय पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का हाइब्रिड मोड में आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में उत्तराखंड रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन ओंकार बहुगुणा ने कहा कि आज का नौनिहाल ही देश का भविष्य है। युवाओं को अपने अंदर समाहित शक्ति और क्षमता को पहचानना होगा तथा उसे सकारात्मक सोच के साथ देश के भविष्य के निर्माण में लगाना होगा। उन्होंने कहा कि युवा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षा के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने जीवन में उतारें और समाज तथा राष्ट्र के लिए उपयोगी बनने का प्रयास करें।
ओंकार बहुगुणा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ युवाओं का आत्मनिर्भर और कौशलयुक्त बनना भी आवश्यक है। युवाओं को समय के महत्व को समझते हुए अपने व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस युवा शक्ति के पास ऊर्जा, प्रतिभा और सोचने की क्षमता है, यदि उसका सही दिशा में उपयोग किया जाए तो वही शक्ति देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
उन्होंने युवाओं को रेडक्रॉस की गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस केवल आपदा के समय राहत पहुंचाने वाली संस्था नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम भी है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में युवाओं को प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, रक्तदान, राहत एवं बचाव तथा जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक महाविद्यालय का युवा सेवा और मानवता के कार्यों से जुड़े तो समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं अतिथि परिचय के साथ हुआ। मुख्य वक्ता पर्यावरणीय पुरातत्व विशेषज्ञ एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर के प्रो. योगाम्बर सिंह फर्सवाण ने युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका तथा सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर विचार रखे।
विशिष्ट वक्ता राज्य निदेशक, मेरा भारत, उत्तराखंड राहुल डबराल ने युवाओं को सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. जानकी पंवार ने नैतिक मूल्यों, शिक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की संयोजक एवं इतिहास विभाग की सहायक प्राध्यापक तथा रेडक्रॉस समिति की संयोजक डॉ. ईरा सिंह ने अतिथियों, प्रतिभागियों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाजोपयोगी कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि युवा जागरूकता, सामाजिक संवेदनशीलता एवं राष्ट्रीय चरित्र निर्माण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। इस अवसर पर निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अंत में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों से जोड़ना ही ऐसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता है।

