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चारधाम के दूसरे चरण से नशे के खिलाफ मोर्चे तक, एसपी कमलेश उपाध्याय के सख्त निर्देश 26 पुलिसकर्मी “मैन ऑफ द मंथ” से सम्मानित, लंबित विवेचनाओं और साइबर मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर ।

Pahado Ki Goonj

चारधाम के दूसरे चरण से नशे के खिलाफ मोर्चे तक, एसपी कमलेश उपाध्याय के सख्त निर्देश
26 पुलिसकर्मी “मैन ऑफ द मंथ” से सम्मानित, लंबित विवेचनाओं और साइबर मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर
उत्तरकाशी।

पुलिस लाइन उत्तरकाशी में बुधवार को मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, चारधाम यात्रा के द्वितीय चरण और नशा उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए एसपी ने यात्रा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
नशे के खिलाफ और कड़ा होगा अभियान
एसपी ने युवाओं में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताते हुए नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों और माफिया पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। संवेदनशील और संदिग्ध स्थानों पर पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने तथा नशा उन्मूलन अभियान को परिणामोन्मुखी बनाने पर भी जोर दिया गया।
26 पुलिसकर्मी बने “मैन ऑफ द मंथ”
अगस्त माह में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले 26 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को “मैन ऑफ द मंथ” घोषित कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में पुलिस कार्यालय, मोरी, उत्तरकाशी, बड़कोट, हर्षिल, यातायात, पुलिस दूरसंचार, अभिसूचना, होमगार्ड और पीआरडी के जवान शामिल रहे।
सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की विभागीय एवं व्यक्तिगत समस्याएं भी सुनी गईं। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
लंबित विवेचनाओं और साइबर अपराध पर फोकस
अपराध समीक्षा के दौरान थाना प्रभारियों को लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने, लंबित समन-वारंट की तामील, ऑनलाइन पोर्टलों को नियमित अपडेट करने तथा गुमशुदा बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया। साइबर धोखाधड़ी के मामलों में भी संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षु एफएसएसओ को मिला फील्ड अनुभव का मार्गदर्शन
एसपी ने प्रशिक्षु एफएसएसओ हारुन अहमद और अमन से संवाद कर पुलिस एवं फायर सेवाओं से जुड़े कार्यों तथा फील्ड की चुनौतियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अनुशासन और लगन के साथ प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया।
CCTNS-2.0 और प्रहार-सीटी पॉलिसी पर प्रशिक्षण
सम्मेलन में पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को CCTNS-2.0 एवं प्रहार-सीटी पॉलिसी के विभिन्न पहलुओं पर पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद रोधी गतिविधियों, जनसुरक्षा, प्रभावी प्रतिक्रिया, पुनर्वास और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
वहीं, सहायक निदेशक अभियोजन अरुण गौड़, डीजीसी प्रवीन और एडीजीसी पूनम ने विवेचकों को अभियोजन प्रक्रिया और विवेचना की गुणवत्ता को लेकर मार्गदर्शन दिया। दहेज हत्या से जुड़े मामलों में साक्ष्यों के संकलन, दस्तावेजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के पालन पर विशेष जानकारी दी गई।
सम्मेलन में सीओ उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार, समस्त थाना प्रभारी, निरीक्षक अभिसूचना विकास नौटियाल, प्रभारी डीसीआरबी अजय सिंह, निरीक्षक यातायात सुनील कुमार, एसओजी प्रभारी निखिल देव चौधरी समेत पुलिस, फायर और एसडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं सीओ बड़कोट चंचल शर्मा, थानाध्यक्ष बड़कोट सुभाष चंद्र, थानाध्यक्ष पुरोला दीपक कठैत सहित यमुना वैली के अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में जुड़े।

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