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संवैधानिक अधिकार देने हेतु देश के पत्रकार साथियों से अनुरोध है कि 30 अगस्त प्रेस क्लब दिल्ली में अवश्य बैठक में शामिल होवें

Pahado Ki Goonj

परम श्रद्धेय साथियों को सादर प्रणाम ,अभिनंदन ,बंदन आपके जीवन में काम करते हुए लंबा अनुभव आपके पास है उस अनुभव की पूंजी का सदुपयोग हम प्रेस को संवैधानिक अधिकार देने के लिए पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र देहरादून उत्तराखंड की खबर का संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने लेकर राष्ट्रपति सचिवालय को भेजा है। अपने अपने संगठनों में सभी लोगों ने पत्रकारों के हित की बातें उठाकर लागू कराई होगी। परन्तु हम पेड़ की टहनियों की तरह बीमारी ठीक करने में लगे रहे । अब जड़ से तना ठीक कर स्वस्थ पत्रकारिता करने में अग्रसर होंगे।

हम गांधी वादी तरीके से काम करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करेंगे।  आपके बैठक में शामिल होने से हमें आपके द्वारा अच्छे काम करने की जान कारी घोषित किया समझ सकते हैं। इस लिए आप लोगों का बड़ा सम्मान करते हैं।इसके लिए अपने संगठन में किए गए कार्य का बैठक बखान करने से समय जाया होगा।§

मेरा सबसे अनुरोध है कि गाड़ी में पीछे देखने का आइना छोटा रखा जाता है। और आगे बढ़ने का पारदर्शी बड़ा रखा जाता है । इस लिए आप लोगों ने संगठन में रह कर पत्रकारों के हित में जितने काम किए हैं उनकी बुकलेट प्रकाशित कीजिए। या हमें क़िस्त में प्रकाशित करने के लिए दीजिए।

मै आपकी जानकारी में पुनः कहना चाहता हूं कि हमारे पास इन बातों के करने में। समय खराब न करते हुए सीधे अपने संगठन के चुनाव करने की बात 30 अगस्त की बैठक में रखे।

हमारी घायल आत्मा कोरोना काल में 350 पत्रकारों ने अपने प्राण त्याग दिया और सरकार ने कोई अनुग्रह राशि नहीं दी थी। हमने आपातकाल में अपने निवास स्थान लिखवार गांव भदूरा प्रतापनगर टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्र गंगोत्री केदारनाथ मोटर मार्ग पर 29 मई से 5 जून तक धरना प्रदर्शन मौन व्रत प्रेस को संवैधानिक अधिकार देने के लिए किया।

देहरादून से प्रकाशित होने वाले पहाड़ों की गूंज हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने लेकर राष्ट्रपति सचिवालय में कार्यवाही करने हेतु भेजा है।

प्रेस को संवैधानिक अधिकार देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति सचिवालय को भेज दिया है उसमें कुछ जोड़ने की जरूरत कोर्ट ने नहीं समझी है।
इस लिए हमने  फरवरी 2025 महा कुंभ प्रयाग राज में देश के पत्रकारों का सम्मेलन किया ।

उसमें IFSMN के सीनियर साथी वहां मौजूद होते हुए भी नहीं आए तो काम किसका रुका।

बीच में अडंगा डालने से प्रतिष्ठा की गरिमा का ध्यान  हमको रखना चाहिए।

उत्तराखंड से आने वाली गंगा जल की धारा को रोक ने की आवश्यकता भूल से भी नहीं करनी चाहिए।

गंगा जी की कृपा और गुरुभगवान शंकराचार्य स्वामी के आशीर्वाद से हमारे वचन हमेशा पूरे हुए हैं।
इस लिए सभी को हम छत्तीसगढ़। भारत के मध्य में स्थित शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जी के चातुर्मास में बुलाकर एक प्रस्ताव बना कर पास करेंगे।

उसकी संस्तुति सभी सांसदों से कराकर सदन में पास कराने का अनुरोध करेंगे या प्रधानमंत्री जी सीधे अपनी घोषणा को पूरा करेंगे।

इस कार्य में अपने राज्य के सांसदों की संस्तुति लेते समय आप एक दो लोग साथ साथ रहने की कृपा कीजिएगा।

 

इस पर गंभीरता से IFSMN के सदस्यों एवं अन्य संगठनों को विचार करना चाहिए कि प्रयाग राज सम्मेलन में हमारा सम्मान प्रोफेसर श्याम विहारी गुप्ता पद्म श्री जी ने और हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रेड्डी साहब द्वारा हमारा सम्मान किया गया। इस कार्य को पूरा करना भीड़ में कितना असंभव था कि श्री अंकित तिवारी नेजा प्रयाग राज और  हैदराबाद, तिलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष रेड्डी का सहयोग रहा है।

सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि विश्व के सबसे बड़े धर्माचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जी ने स्थान देकर हमें सम्मानित कर मान्यता देदी।

इससे पूर्व हम हरिद्वार में सभी कोरोना काल में दिवंगतों का तर्पण श्राद्ध किया। और रामलीला मैदान में सम्मेलन किया।

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