
देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस प्रकरण को लेकर गुरूवार को कांग्रेस ने प्रदेश भर में प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।
दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बीते आठ अगस्त को उत्तराखंड के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला ग्राउंड में जनसभा को संबोधित किया था। खड़गे ने जिस मंच से जनसभा को संबोधित किया है, उसी मंच का 11 अगस्त श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन ने शुद्धिकरण किया, जिसे बाद से ही प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने न सिर्फ इस घटना को निंदनीय बताया। इसी मामले पर कांग्रेस के पूर्व विधायक जीत राम टम्टा ने मंच के शुद्धिकरण को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। जीत राम टम्टा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस तरह की राजनीति और इस प्रकार के कृत्यों में महारत हासिल कर ली है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाना न केवल कांग्रेस का अपमान है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर धर्म और जाति की राजनीति किए जाने का आरोप भी लगाया है।
वहीं कांग्रेस के एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल ने कहा कि बीजेपी नेता जेपी नड्डा के माफी मांगने से मामला खत्म नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नैनीताल के पुलिस कप्तान इस मामले में आंखें और कान बंद किए बैठे हैं। इस घटना से भाजपा और उसके संगठनों की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है।
उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे या नेता प्रतिपक्ष का मामला नहीं है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के सम्मान और अधिकार का सवाल है, जो लंबे समय से हाशिए पर खड़े समाज से आते हैं। मदनलाल ने कहा कि लंबे समय से भेदभाव और अपमानजनक व्यवहार को सामान्य मानकर नजरअंदाज किया जाता रहा है, लेकिन अब ऐसे मामलों को चुपचाप स्वीकार करने का समय खत्म हो चुका है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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शिक्षण संस्थानों में दिलाई जाएगी ‘कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा’

देहरादून। जिला अधिकारी डा. आशीष चैहान ने कहा कि बाल लिंगानुपात में सुधार एवं बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त 2026 को ‘कन्या भू्रण संरक्षण प्रतिज्ञा ’ दिलाई जाएगी।
गुरूवार को यहां बाल लिंगानुपात में सुधार एवं बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त 2026 को ‘कन्या भू्रण संरक्षण प्रतिज्ञा ’ दिलाई जाएगी। जिला समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी/जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के क्रम में जनपद के समस्त डिग्री कॉलेजों, विघालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त को अपने-अपने स्तर पर कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। प्रतिज्ञा के माध्यम से विघार्थियों एवं शिक्षकों को लिंग भेद, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने, बेटियों को बेटों के समान प्यार, पोषण, सुरक्षा एवं आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने तथा बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के लिए सदैव प्रयासरत रहने का संकल्प दिलाया जाएगा। प्रतिज्ञा में यह भी संकल्प लिया जाएगा कि घर, समाज एवं आसपास ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां प्रत्येक बेटी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे तथा गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जी सके। जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विघार्थियों, शिक्षकों एवं कार्मिकों को कन्या भ्रूण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।
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तीन लाख उपर उत्तराखण्ड में बन गयी लखपति दीदी
महिला सशक्तिकरण की दिशा में देवभूमि ने रचा नया इतिहास
देहरादून। सरकार के भगीरथ प्रयासों से प्रदेश में लखपति दीदियों की संख्या 03 लाख 03 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है।
गुरूवार यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है। सरकार के भगीरथ प्रयासों से प्रदेश में लखपति दीदियों की संख्या 03 लाख 03 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। अब वित्तीय वर्ष 2026कृ27 में एक लाख 12 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को निर्धारित अवधि से पहले ही हासिल करने के लिए जिम्मेदार विभाग जुट गए हैं। धामी सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नारी सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। इसी के तहत नवंबर 2022 से लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। धामी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत इरादों से यह योजना साल दर साल नया रिकॉर्ड कायम कर रही है। जो भी सालाना लक्ष्य रखा गया, निर्धारित अवधि से पहले ही हासिल कर लिया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 03 लाख 03 हजार 696 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने अपनी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक पहुंचाकर आत्मनिर्भरता की शानदार मिसाल पेश की है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं प्रदेश सरकार की अनुदानित एवं ऋण योजनाओं के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से अपनी आर्थिकी को मजबूती दे रही हैं। खास तौर पर जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग, मसाला निर्माण, हस्तशिल्प, डेरीकृपशुपालन, मौन पालन, मशरूम उत्पादन, होमस्टे संचालन जैसे व्यवसायों को महिलाओं ने अपनाया है। मिलेट से तैयार बेकरी उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए महिलाएं यह उत्पाद भी तैयार कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रोसेसिंग, बिक्री और बाजारों तक आसान पहुंच के लिए प्रदेश सरकार ने विशेष व्यवस्था बनाई है। इसके लिए 24 ग्रोथ सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट और 17 सरस सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर सरस मेलों का आयोजन किया जा रहा है। धामी सरकार की पहल पर ट्टहाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड ने महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है। स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और गुणवत्ता में सुधार होने से महानगरों और प्रमुख शहरों में इन उत्पादों की मांग बढ़ी है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूहों की महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य लगातार जारी है। प्रदेश के सभी 13 जनपदों के 95 ब्लाकों में कुल 5,19,943 महिलाओं को संगठित कर 70,767 समूह, 8179 ग्राम संगठन और 615 कलस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में उठाए गए कदम मिसाल बने हैं। महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और सहकारी समितियों में 33 फीसदी आरक्षण इस दिशा में सरकार के ऐतिहासिक फैसले हैं। इसके अलावा विभिन्न योजनाएं भी सरकार ने शुरू की हैं। इनमें मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना, ड्रोन दीदी योजना, सोलर सखी योजना, मुख्यमंत्री सतत आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री उघमशाला योजना आदि उल्लेखनीय हैं। मातृशक्ति उत्तराखण्ड की आर्थिक और सामाजिक क्रांति की सबसे बड़ी संवाहक है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि राज्य के विकास में भी अग्रणीय भूमिका निभा रही हैं। इन समूहों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी आय के नए स्रोत विकसित हो सकें। हमारी सरकार हर स्तर पर मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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दो प्रधान आबकारी निरीक्षकों का तबादला
रुद्रपुर। जिले के आबकारी विभाग के दो प्रधान आबकारी निरीक्षकों का तबादला पिथौरागढ़ जनपद में कर दिया गया है। आबकारी आयुक्त कार्यालय देहरादून से जारी आदेश के तहत दीपक कुमार दुबे को रुद्रपुर से धारचूला और संतोष कुमार लोहनी को मुनस्यारी भेजा गया है। दोनों अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई तैनाती पर योगदान नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग में प्रशासनिक एवं प्रवर्तन कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड आबकारी आयुक्त कार्यालय देहरादून ने उधम सिंह नगर के रुद्रपुर क्षेत्र में तैनात दो प्रधान आबकारी निरीक्षकों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए है। दोनों अधिकारियों को पिथौरागढ़ जनपद के सीमांत क्षेत्रों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश जारी होने के बाद विभागीय स्तर पर रुद्रपुर में नई तैनाती को लेकर भी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। आबकारी आयुक्त कार्यालय से 12 अगस्त 2026 को जारी आदेश संख्या 10378 के अनुसार प्रधान आबकारी निरीक्षक दीपक कुमार दुबे का स्थानांतरण क्षेत्र , जनपद उधम सिंह नगर से क्षेत्र-3 धारचूला, जनपद पिथौरागढ़ किया गया है। आदेश में कहा गया है कि स्थानांतरित अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसी क्रम में जारी दूसरे आदेश संख्या 10388 के तहत प्रधान आबकारी निरीक्षक संतोष कुमार लोहनी को क्षेत्र- जनपद ऊधम सिंह नगर से क्षेत्र-4 मुनस्यारी, जनपद पिथौरागढ़ स्थानांतरित किया गया है। दोनों अधिकारियों को वर्तमान तैनाती स्थल से कार्यमुक्त होकर बिना विलंब नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
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रुद्रप्रयाग में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगा पूरा शहर
रुद्रप्रयाग। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। आर्मी कैंट से शुरू होकर गुलाबराय मैदान तक पहुंची तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे बच्चों और नागरिकों से शहर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा।
तिरंगा यात्रा में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक भरत सिंह चैधरी ने भी प्रतिभाग किया। उन्होंने यात्रा में शामिल लोगों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। विशेष रूप से स्कूली बच्चों में तिरंगा यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर पूरे जोश और उमंग के साथ यात्रा में शामिल हुए और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस यात्रा ने नागरिकों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया। यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारों से शहर का वातावरण देर तक गूंजता रहा। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चैधरी ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव, सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा जैसे आयोजन विशेषकर युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यात्रा में शामिल सभी स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की प्रगति और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करना ही सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने तिरंगा यात्रा में स्कूली बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जिस उत्साह और उमंग के साथ तिरंगा यात्रा में प्रतिभाग किया, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। बच्चों से हमें देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति समर्पण की भावना सीखने की आवश्यकता है।
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सड़क हादसे में महिला की मौके पर दर्दनाक मौत,पति की हालत गंभीर
मिली जानकारी के अनुसार गदरपुर के वार्ड नंबर नौ इस्लामनगर निवासी फरीद अपनी पत्नी गुलाफसा (28) और करीब पांच वर्षीय बच्चे के साथ बाइक से रुद्रपुर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि जब वह एमेनिटी पब्लिक स्कूल के पास रिंग रोड अंडरपास पर पहुंचे, तभी पीछे से आ रहे डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर जा गिरी। हादसे में गुलाफसा गंभीर रूप से घायल हो गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं बाइक चला रहे उसके पति फरीद को भी गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल फरीद को संभाला और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। बच्चे के सुरक्षित बच जाने से लोगों ने राहत की सांस ली।
हादसे की सूचना मिलते ही दिनेशपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने हादसे में शामिल डंपर को भी कब्जे में ले लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय डंपर की गति कितनी थी और चालक की लापरवाही से दुर्घटना हुई या नहीं।
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स्पेयर पार्ट्स की दुकान में लगी आग, लाखों का सामान जलकर राख

हरिद्वार। गुरूवार सवेरे शहर में स्पेयर पार्ट्स की एक दुकान में अचानक आग लग गयी। दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे आसपास की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक आग फैलने से बच गई। किन्तु तब तक दुकान में रखा लाखों का सामान जलकर राख हो गया था।
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह के समय स्पेयर पार्ट्स की दुकान में अचानक धुंआ उठने लगा और देखते ही देखते आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने दुकान के भीतर रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। दुकान से निकल रहे धुएं के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए पानी की बौछार शुरू की। काफी मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया। आग की चपेट में आने से दुकान के भीतर रखी तीन पुरानी बाइक जलकर राख हो गई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामान भी आग में जल गया। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से आसपास के क्षेत्र में बड़ा नुकसान होने से बच गया। हालांकि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन नुकसान का आकलन और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एफएसओ बीरबल सिंह ने बताया कि, सुबह आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और एक घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है। प्रारंभिक जानकारी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी है। फिर भी आग लगने के कारणों की जांच के साथ ही नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
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कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की रैली के बाद मैदान में गंगा जल छिड़कने व हवन कराने का मामला बना राजनीतिक बहस का विषय
इसे प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश की सामाजिक एकता के लिए बताया दुर्भाग्यपूर्ण
देहरादून। पिछले शनिवार आठ अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली का आयोजन किया गया था। रामलीला मैदान में आयोजित उक्त रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित कई नेता शामिल थे। वहीं भाजपा ने भी आरोप लगाया कि खरगे की रैली के दौरान मुस्लिम धर्म के समर्थन में नारे लगाए थे। रैली के दो दिन बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के संगठन ने रामलीला मैदान पहुंच हवन करने के साथ गंगाजल भी छिड़क डाला। संगठन का कहना था कि रामलीला मैदान सनातन से जुड़े कार्यक्रमों का स्थल है। इसकी पवित्रता को खंडित किया गया है। जिसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य शामिल थे जो दलित वर्ग से आते हैं। इसलिए रामलीला मैदान में शुद्धीकरण हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी रामलीला मैदान हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित रूप से शुद्धिकरण हवन कराए जाने की घटना ने लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मर्यादाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यशपाल आर्य ने कहा है कि उत्तराखंड की धरती सामाजिक समरसता, भाईचारे और लोकतांत्रिक चेतना की भूमि रही है। हल्द्वानी जैसे शहर में इस प्रकार की घटना का सामने आना प्रदेश की सामाजिक एकता के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा नेताओं को यह समझना चाहिए कि समाज को जोड़ने का समय है, जाति और ऊंच-नीच की दीवारें खड़ी करने का नहीं।
मल्लिकार्जुन खड़गे केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि देश के वरिष्ठतम जननेताओं में से एक हैं। उनका सार्वजनिक जीवन संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष को समर्पित रहा है। ऐसे नेता की जनसभा के बाद मैदान का शुद्धिकरण करना सामाजिक बराबरी की उस भावना का अपमान है, जिसकी स्थापना के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित अनेक महापुरुषों ने जीवनभर संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थान की पवित्रता किसी व्यक्ति की जाति, वर्ग या राजनीतिक विचारधारा से निर्धारित नहीं होती। लोकतंत्र में सार्वजनिक मैदान जनता के होते हैं और वहां अलग-अलग राजनीतिक दलों की सभाएं होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है। किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद उस स्थान को ‘शुद्ध’ करने की कोशिश समाज में छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी पुरानी कुरीतियों को बढ़ावा देने वाली मानसिकता को प्रदर्शित करती है।
आर्य ने कहा कि भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार दिया है। संविधान की मूल भावना सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देने की है। ऐसे में सार्वजनिक रूप से किए गए इस प्रकार के प्रतीकात्मक कृत्य समाज में गलत संदेश देते हैं और सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं।
उनका भाजपा से सवाल है यदि किसी सार्वजनिक मैदान में किसी दलित नेता की सभा होने के बाद उसे शुद्ध करने की आवश्यकता महसूस की जाती है, तो क्या भाजपा नेतृत्व इस मानसिकता का समर्थन करता है? यदि नहीं, तो भाजपा को इस घटना पर अपना स्पष्ट पक्ष जनता के सामने रखना चाहिए।
विचारधारा का मुकाबला विचारधारा से होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर उसके प्रति अपमानजनक व्यवहार करके। लोकतंत्र में किसी व्यक्ति की जाति नहीं, बल्कि उसके विचार, कर्म और संवैधानिक अधिकार महत्वपूर्ण हैं।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश का शातिर गैंगस्टर पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार
गौकशी की घटना में विगत दो वर्षों से चल रहा था वांछित’
देहरादून। आगामी स्वन्त्रता दिवस को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर दून पुलिस संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पूरे जनपद में मुस्तैदी से तलाशी अभियान चला रही है। इसी कड़ी में देर रात प्रेमनगर थाना क्षेत्र में तलाशी अभियान के दौरान पश्चिमी उत्तरप्रदेश का शातिर गैंगस्टर पुलिस मुठभेड में घायल होने के बाद पुलिस के हत्थे चढ गया। गैंगस्टर पिछले दो सालों से गौकशी के मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
बीती देर रात प्रेमनगर पुलिस द्वारा दरू चैक के पास तलाश अभियान के दौरान गोरखपुर चैक की तरफ से आती हुई बिना नंबर की एक काले रंग की मोटरसाइकिल में सवार दो व्यक्तियों को संदिग्धता के आधार पर रुकने का इशारा किया गया तो मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति अपने वाहन को तेजी से चलाते हुये मौके से चाय बागान की ओर फरार हो गये, मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों द्वारा तत्काल कंट्रोल रूम के माध्यम से उक्त संदिग्ध वाहन सवारों की तलाश हेतु आसपास के थानों को अवगत कराते हुए उनका पीछा किया गया, पुलिस टीम को पीछा करता देख संदिग्ध बाइक सवार बदमाश पितांबरपुर बनियावाला मार्ग पर मोटरसाइकिल को सड़क किनारे छोड़कर चाय बागान की ओर भाग गये, पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर उक्त व्यक्तियों द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग की गई, जिसमें पुलिस का सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस द्वारा अपने बचाव में किये गये जबाबी फायर में एक बदमाश के दोनों पैरों पर गोली लग गई, जिसे पुलिस द्वारा तत्काल उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया, जबकी उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
मुठभेड़ में घायल बदमाश की पहचान रईस पुत्र नसीम निवासी मोहल्ला खाताखेड़ी, थाना मंडी, जिला सहारनपुर, हाल निवासी – आजाद कॉलोनी, अलावलपुर रोड, कस्बा छुटमलपुर, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, उम्र 26 वर्ष तथा फरार बदमाश की पहचान नवाब निवासी सहारनपुर के रूप में हुई। मौके से पुलिस टीम को अभियुक्त के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, 02 खोखा कारतूस तथा सड़क किनारे छोड़ी गई बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से गौकशी हेतु लायी गई 01 कुल्हाड़ी, 01 चापड़, 02 छुरी व 01 नाइलोन की रस्सी बरामद हुई। पुलिस पर किए गए जानलेवा हमले के संबंध में आरोपी के खिलाफ कोतवाली प्रेम नगर संबधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मुठभेड़ में घायल बदमाश सहारनपुर का गैंगस्टर है, जो विगत दो वर्षों से प्रेम नगर क्षेत्र में हुई गोकशी की घटना में वांछित चल रहा था।
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बदरीनाथ चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपी नौटियाल की मां ने आरटीआई के जरिए मांगी 11 बिंदुओं पर सूचना
चमोली। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी प्रमोद नौटियाल की मां हेमलता नौटियाल ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से 11 बिंदुओं पर सूचना मांगी है। उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत यह आरटीआई दाखिल की है। इससे बीकेटीसी में हलचल बढ़ गई है।
आरटीआई में वैयक्तिक सहायक (पीए) की गणना और प्रोटोकॉल ड्यूटी पर सवाल उठाए गए हैं। पूछा गया है कि पीए की ड्यूटी किस अधिकारी के आदेश पर लगाई गई। यह कार्य उसके निर्धारित पदीय दायित्वों में शामिल नहीं है। संबंधित आदेश और ड्यूटी से जुड़े अभिलेखों की जानकारी भी मांगी गई है।बीकेटीसी में संविदा पर कार्यरत विधि अधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल किए गए हैं। पूछा गया है कि उनकी नियुक्ति किस नियम के तहत हुई और शासन से अनुमति ली गई या नहीं। विधि अधिकारी की भूमिका से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए हैं।आरटीआई में गणना, प्रोटोकॉल और अन्य जिम्मेदारियों को लेकर अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करने वाले अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की गई है। सूत्रों के अनुसार, लेखा और प्रोटोकॉल कार्य वैयक्तिक सहायक के निर्धारित दायित्व में वैधानिक रूप से शामिल नहीं हैं। बीकेटीसी के सूचना अधिकारी राजन नैथानी ने आरटीआई मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मांगी गई सूचनाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएंगी।

