नवरात्रि पर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
नवरात्रों को लेकर मंदिरों में की गई है विशेष सजावट
देहरादून। नवरात्रि की शुरुआत से मंदिरों में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ गया है। द्रोणनगरी में नवरात्रि पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इसके साथ ही घरों में भी लोगों ने मां दुर्गा का दरबार सजाया है।
मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जा रही है, जो मां भगवती दुर्गा का पहला स्वरूप हैं। दूनघाटी के मंदिरों में नवरात्रि के दिनों में यहां विशेष पूजाकृअर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और माता को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जा रह हैं। श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से पूजा कर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन में सुख-शांति व समृद्ध की कामना कर रहे हैं।
बता दें कि चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर यह तिथि समाप्त हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है।19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जायेंगे गंगोत्री के कपाट
उत्तरकाशी। आगामी 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर 6 माह के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि गंगा जी की विग्रह डोली 18 अप्रैल को मुखबा से रवाना होगी। 19 अप्रैल को सुबह गंगोत्री पहुंचने पर धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
बृहस्पतिवार को नवरात्र के अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से गंगोत्री धाम के कपाट छह माह श्रद्धालुओं के लिए खोलने की तिथि और समय का हिन्दू पंचाग अनुसार घोषणा कर दी गई है। समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल ने बताया कि अक्षया तृतीया पर 19 अप्रैल को शुभ लाभ बेला पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 18 अप्रैल को गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा से गंगा जी भोगमूर्ति विग्रह डोली में सेना बैंड और ढ़ोल दमाऊ के साथ दोपहर 12 बजकर 15 मिनिट पर गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी.रात्रि विश्राम भैरव घाटी के भैरव मंदिर में करेंगी। उसके बाद 19 अप्रैल सुबह सात बजे गंगोत्री धाम के लिए पैदल रवाना होगी। उसके बाद अक्षय तृतीया पर विधि विधान के साथ धाम के कपाट छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे। 19 अप्रैल को मां यमुना के कपाट देश विदेश के श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
कपाट खोलने की तिथि पर समिति के उपाध्यक्ष अरुण सेमवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान इस वर्ष मंदिर परिसर में गैर सनातनी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर समेत गंगा घाट पर भी गैर सनातनी लोगों का प्रवेश वर्जित किया जाएगा।
नवरात्रों को लेकर मंदिरों में की गई है विशेष सजावट
देहरादून। नवरात्रि की शुरुआत से मंदिरों में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ गया है। द्रोणनगरी में नवरात्रि पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इसके साथ ही घरों में भी लोगों ने मां दुर्गा का दरबार सजाया है।

मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जा रही है, जो मां भगवती दुर्गा का पहला स्वरूप हैं। दूनघाटी के मंदिरों में नवरात्रि के दिनों में यहां विशेष पूजाकृअर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन और माता को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जा रह हैं। श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से पूजा कर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन में सुख-शांति व समृद्ध की कामना कर रहे हैं।
बता दें कि चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होगी और 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर यह तिथि समाप्त हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है।19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जायेंगे गंगोत्री के कपाट
उत्तरकाशी। आगामी 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर 6 माह के लिए श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि गंगा जी की विग्रह डोली 18 अप्रैल को मुखबा से रवाना होगी। 19 अप्रैल को सुबह गंगोत्री पहुंचने पर धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
बृहस्पतिवार को नवरात्र के अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से गंगोत्री धाम के कपाट छह माह श्रद्धालुओं के लिए खोलने की तिथि और समय का हिन्दू पंचाग अनुसार घोषणा कर दी गई है। समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल ने बताया कि अक्षया तृतीया पर 19 अप्रैल को शुभ लाभ बेला पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 18 अप्रैल को गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा से गंगा जी भोगमूर्ति विग्रह डोली में सेना बैंड और ढ़ोल दमाऊ के साथ दोपहर 12 बजकर 15 मिनिट पर गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी.रात्रि विश्राम भैरव घाटी के भैरव मंदिर में करेंगी। उसके बाद 19 अप्रैल सुबह सात बजे गंगोत्री धाम के लिए पैदल रवाना होगी। उसके बाद अक्षय तृतीया पर विधि विधान के साथ धाम के कपाट छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे। 19 अप्रैल को मां यमुना के कपाट देश विदेश के श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
कपाट खोलने की तिथि पर समिति के उपाध्यक्ष अरुण सेमवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान इस वर्ष मंदिर परिसर में गैर सनातनी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर समेत गंगा घाट पर भी गैर सनातनी लोगों का प्रवेश वर्जित किया जाएगा।
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