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उत्तराखंड में 44 हजार गैस उपभोक्ताओं पर असर, एक साथ LPG–PNG कनेक्शन रखने पर रोक

Pahado Ki Goonj

उत्तराखंड में 44 हजार गैस उपभोक्ताओं पर असर, एक साथ LPG–PNG कनेक्शन रखने पर रोक

देहरादून। उत्तराखंड में गैस उपभोक्ताओं को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित गजट अधिसूचना के अनुसार अब कोई भी उपभोक्ता एक साथ एलपीजी (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन नहीं रख सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत जिन घरों में पहले से पीएनजी कनेक्शन मौजूद है, वहां एलपीजी सिलेंडर रखना, नया कनेक्शन लेना या रिफिल कराना संभव नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इस संबंध में तेल कंपनियों को भी स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

📊 प्रदेश में कितने उपभोक्ता प्रभावित

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार उत्तराखंड में कुल 44,488 घरेलू पीएनजी उपभोक्ता हैं। इनमें हरिद्वार में 25,600, उधम सिंह नगर में 16,088, देहरादून में 2,200 और नैनीताल में 600 उपभोक्ता शामिल हैं। हालांकि, नियम का प्रभाव केवल उन्हीं पर पड़ेगा जिनके पास दोनों प्रकार के कनेक्शन हैं।

🌍 वैश्विक हालात का भी असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान–इजरायल तनाव के चलते ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने यह कदम एहतियातन उठाया है, ताकि भविष्य में एलपीजी की कमी की स्थिति से बचा जा सके।

🧾 क्या है सरकार का उद्देश्य

सरकार का उद्देश्य गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित करना, डुप्लीकेट कनेक्शन खत्म करना और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

⚠️ उपभोक्ताओं के लिए सलाह

यदि किसी उपभोक्ता के पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं, तो उन्हें एक विकल्प चुनना होगा। केवल एक ही कनेक्शन को जारी रखा जा सकेगा।

निष्कर्ष: यह आदेश सभी उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा, बल्कि केवल उन लोगों पर प्रभावी होगा जिनके पास दोहरे गैस कनेक्शन हैं। इसे गैस आपूर्ति प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

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