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शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी की शीतकालीन चारधाम तीर्थ दर्शन यात्रा के निमित्त हरिद्वार के चण्डीघाट पर भगवती भागीरथी गंगा जी की महापूजा एवं महाआरती सम्पन्न हुई जानिए सभी समाचार

Pahado Ki Goonj

 

गंगा गंगेति यो ब्रूयात् यो जनानां शतैरपि ।
मुच्यते सर्वपापेभ्यो विष्णुलोकं स गच्छति ।।

आज शीतकालीन चारधाम तीर्थ दर्शन यात्रा के निमित्त हरिद्वार के चण्डीघाट पर भगवती भागीरथी गंगा जी की महापूजा / महाआरती सम्पन्न हुई ।
गंगा पूजा करके यात्रा की निर्विघ्न यात्रा हेतु संकल्प लिया गया ।

कल प्रातः 7 बजे भगवती यमुना जी की शीतकालीन पूजा स्थली (सुखीमठ) खरसाली के लिए प्रस्थान करेंगे वाया बडकोट होते हुए पहुंचेंगे ।

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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में भूमि के इष्टतम उपयोग के लिए गठित अनुशंसा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को सभी लैंड पार्सल में शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि के इष्टतम उपयोग के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी लैंड पार्सल में प्रोजेक्ट्स शुरू करने से पहले जिलाधिकारी के अंतर्गत साईट सिलेक्शन कमेटी द्वारा लैंड पार्सल की अवस्थिति के अनुरूप सर्वोत्तम उपयुक्त प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि बड़े लैंड पार्सल में विभिन्न उपयुक्त प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा सकते हैं। ऐसे में हॉलिस्टिक प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति द्वारा विभिन्न लैंड पार्सल के लिए पूर्व में लिए गए निर्णय एवं कृत कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के अधीन बहुत से ऐसे लैंड पार्सल हैं जिनका किसी भी प्रकार से प्रयोग नहीं हो रहा है अथवा बहुत कम उपयोग हो रहा है, परन्तु वह लैंड पार्सल किसी अन्य विभाग के किसी परियोजना के लिए अत्यधिक उपयुक्त भूमि हो तो विभागों भूमि हस्तांतरित की जा सकती है। उन्होंने इसके लिए विभागों को हॉलिस्टिक प्लान तैयार करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री युगल किशोर पंत, स्थानिक आयुक्त श्री अजय मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं हरिद्वार और टिहरी के जिलाधिकारी उपस्थित थे।
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गन्ना समर्थन मूल्य बढ़ाने पर किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया आभार*

*राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य में की ₹30 प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक बढ़ोतरी*

*उत्तराखंड बना पड़ोसी राज्यों से अधिक गन्ना मूल्य देने वाला राज्य*

*निर्णय से करीब तीन लाख गन्ना किसानों को मिलेगा सीधा लाभ*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को खटीमा दौरे पर रहे। इस दौरान क्षेत्र के किसानों ने गन्ना समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके निर्णय के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री श्री धामी को गन्ना, तथा पर्वतीय क्षेत्रों की पारंपरिक कृषि उपज—गडेरी, माल्टा, अदरक और शहद से भरी विशेष टोकरी—भेंट की।

महेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गन्ने के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि से प्रदेश के लगभग तीन लाख गन्ना किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने इस फैसले को किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। अब शीघ्र प्रजाति वाले गन्ने का समर्थन मूल्य
₹375 से बढ़कर ₹405 प्रति क्विंटल हो गया है। सामान्य प्रजाति वाले गन्ने का समर्थन मूल्य ₹365 से बढ़कर ₹395 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद उत्तराखंड अब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी अधिक गन्ना समर्थन मूल्य देने वाला राज्य बन गया है, जो गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने वालों में राज्य किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट, संदीप कुकसाल, हरीश सुनाल, नरेंद्र मेहरा, सोबन सिंह, भैरव खोलिया, रवीन्द्र रैकुनी, आनंदमणि भट्ट सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।

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पंतनगर विश्वविद्यालय की कृषि प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ*

*किसान अन्नदाता—सरकार हर कदम पर उनके साथ: मुख्यमंत्री धामी*

*कृषि, पशुपालन, मत्स्य और शहद उत्पादन बढ़ाने की अपील*

*रीप परियोजना के तहत महिलाओं को ई-रिक्शा और किसानों को अनुदान वितरित*

 

उत्तराखंड राज्य स्थापना रजत जयंती के अवसर पर गोविन्द वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर द्वारा लोहिया हेड मैदान में आयोजित कृषि गोष्ठी एवं कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय, कृषि विभाग तथा विभिन्न संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और इसे किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

कृषि गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है, और किसान मजबूत होगा तो देश और प्रदेश दोनों प्रगतिशील एवं सम्पन्न बनेंगे। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय को हरित क्रांति की जन्मस्थली बताते हुए कहा कि यहां निरंतर शोध और नवाचार किए जा रहे हैं, जिनका लाभ किसानों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों से उन्नत बीजों, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने तथा अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और सैनिकों की सरकार है, और किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। किसानों की आय दोगुनी करने और आर्थिकी को मजबूत करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं का किसानों को अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई। उन्होंने कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, रेशम, शहद उत्पादन जैसे सहायक व्यवसाय अपनाने को भी प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार गन्ना किसानों को राहत देते हुए गन्ने के समर्थन मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। उन्होंने किसानों से गन्ने का रकबा बढ़ाने और अधिक उत्पादन करने की अपील की, ताकि उन्हें बेहतर आय मिल सके। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेशभर में निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे सीमांत क्षेत्रों के किसानों को नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रीप परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को छह ई-रिक्शा प्रदान किए। इसके साथ ही कृषि विभाग के दो प्रगतिशील किसानों को ₹49,750/- की अनुदान राशि के चेक और कुल 1000 किसानों के लिए निर्धारित कृषक किटों में से पाँच किट सांकेतिक रूप से वितरित की गईं। किसानों ने गन्ना मूल्य बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री का जोरदार नारे लगाकर स्वागत किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में महापौर दीपक बाली, खटीमा नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, नानकमत्ता के प्रतिनिधि प्रेम सिंह टूरना, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, दान सिंह रावत, राजपाल सिंह, कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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पंडित राम सुमेर शुक्ल की 47वीं पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि दी*

*रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज परिसर में पंडित शुक्ला जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और शिलापट्ट का अनावरण*

*विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 व्यक्तियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया*

*तराई क्षेत्र के विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, उद्योग और आधारभूत संरचना की दर्जनों घोषणाएँ*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं तराई क्षेत्र के संस्थापक पंडित राम सुमेर शुक्ल की 47वीं पुण्यतिथि पर रुद्रपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रांगण में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम स्वर्गीय पंडित राम सुमेर शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके जीवन परिचय पर आधारित शिलापट्ट का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित राम सुमेर शुक्ल राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण के प्रतीक थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश, समाज और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बताया कि छात्र जीवन से ही पंडित जी की राष्ट्र सेवा की भावना अतुलनीय थी। वर्ष 1936 में मात्र 21 वर्ष की आयु में उन्होंने लाहौर अधिवेशन में मोहम्मद अली जिन्ना के द्विराष्ट्रवाद सिद्धांत का मुखर विरोध कर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। बाद में गांधी जी के आदर्शों से प्रेरित होकर उन्होंने कानून की प्रैक्टिस छोड़ स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया। अनेक बार जेल जाने और यातनाएँ झेलने के बावजूद उनका साहस कभी नहीं डिगा। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान युवाओं को संगठित कर उन्होंने आंदोलन को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी पंडित शुक्ल ने किसानों, स्वतंत्रता सेनानियों और तराई क्षेत्र के विकास को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। तराई कॉलोनाइजेशन योजना के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने तराई क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव रखी। आज रुद्रपुर और तराई का जो स्वरूप दिखाई देता है, वह उनकी दूरदृष्टि का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पंडित जी की इसी विरासत को आगे बढ़ाने में उनके पुत्र तथा मेरे मित्र राजेश शुक्ल निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऊधमसिंह नगर और रुद्रपुर क्षेत्र में सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएँ संचालित की जा रही हैं। श्रद्धेय पं. राम सुमेर शुक्ल के नाम पर रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी जारी है। लगभग 590 करोड़ रुपये की लागत से रुद्रपुर बाईपास का निर्माण, खटीमा–टनकपुर और गदरपुर–जसपुर को जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण तथा 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर–गदरपुर–दिनेशपुर–हल्द्वानी मोटरमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है।

उन्होंने बताया कि रुद्रपुर रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, नई सिग्नल लाइनें, दो रेल ओवरब्रिज, मास्टर ड्रेनेज प्लान की मंजूरी, महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण, 15 करोड़ की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट और 17 करोड़ की लागत से एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा कि किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर बन रहा है और पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। गदरपुर और खटीमा में बाईपास, खटीमा व किच्छा में आधुनिक बस अड्डे तथा रुद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना क्षेत्र की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। खुरपिया में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी भी इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे तराई क्षेत्र को पेयजल और सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। साथ ही, हाल ही में गन्ना किसानों के हित में समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का “विकल्प रहित संकल्प” तराई क्षेत्र को एक आधुनिक, विकसित और समृद्ध क्षेत्र बनाना है। पंडित राम सुमेर शुक्ल का यह स्वप्न सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है और इसे साकार करने के लिए सभी प्रयास जारी रहेंगे।

कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत के नेतृत्व में पंडित राम सुमेर शुक्ल ने तराई को बसाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज एम्स, मेडिकल कॉलेज, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल स्मार्ट पार्क जैसी परियोजनाएँ तराई के सुनहरे भविष्य का संकेत देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि “धामी है तो हामी है”—धामी सरकार ने यूसीसी और नकलविरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लेकर एक मिसाल कायम की है।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पूर्व विधायक राजेश शुक्ल के आवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने उनकी माताजी से आशीर्वाद लिया और भोजन ग्रहण किया।

कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, खातिब मलिक, मंजीत सिंह, उत्तम दत्ता, मुकेश कुमार, गदरपुर नगरपालिका अध्यक्ष मिंटू गुम्बर, सचिन शुक्ला, नगर पंचायत दिनेशपुर की अध्यक्ष मंजीत कौर, पंडित राम सुमेर शुक्ल मेमोरियल फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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डीएम के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में शिक्षिका की तैनाती

इठारना में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में डीएम के संज्ञान में आया था प्रकरण; डीएम ने शिक्षा अधिकारी को दिए थे शिक्षक की तैनाती के निर्देश

देहरादून दिनांक 04 दिसंबर 2025,  जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आते ही 24 घंटे के भीतर रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में शिक्षिका की तैनाती कर दी गई है। इसके बाबत जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका के तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं।
ग्राम इठारना में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में ग्राम प्रधान लिस्ट्राबाद ग्रांट ने अपनी शिकायत में अवगत कराया की विकासखण्ड डोईवाला ने अवगत कराया कि रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में 34 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं किन्तु उक्त विद्यालय में एक ही अध्यापिका कार्यरत हैं जिससे छात्र-छात्राओं का पठन पाठन में सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है, उन्होंने विद्यालय में एक और अध्यापक की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने
मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय में शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिए। जिसके क्रम में विद्यालय में एक अन्य शिक्षक की तैनाती कर दी गई है।

शिक्षा विभाग ने उप शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड डोईवाला द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के आधार पर औवन्धिक स.अ. को तत्काल रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में कार्ययोजित कर दिया गया है । उप शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड डोईवाला को आदेश का अनुपालन करना सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है।

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भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने संसद मे आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा संर्वधन का विषय उठाया।डा. नरेश बंसल ने विषेश उल्लेख मे यह जनहित एवं देशहित का विषय उठाया।

डा नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि मैं आपका ध्यान भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। हमारे देश की आयुष सिस्टम से जुड़ी स्वदेशी स्वास्थ्य पद्धतियाँ – आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा – केवल इलाज नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम पर भी प्रभावशाली हैं।

यह पद्धतियाँ हमारे देश के यशस्वी प्रधान सेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के हृदय के भी अत्यंत निकट हैं। इसके बावजूद भी, इन्हें आज भी विदेशी चिकित्सा प्रणाली के समान दर्जा और संसाधन नहीं मिलते।

उदाहरण के लिए, भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट ₹1,00,000 करोड़ है, जबकि आयुष मंत्रालय का बजट मात्र ₹4,000 करोड़ के आसपास है। यह भारी अंतर आयुर्वेद और अन्य पद्धतियों के विकास में बाधा है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि मैं इस सदन के माध्यम से सरकार से निम्नलिखित सात आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध करता हूँ:

1. आयुष्मान भारत योजना में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को भी शामिल किया जाए।
2. ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 और ड्रग एंड मैजिक एक्ट 1954 को निरस्त कर यूनिफॉर्म हेल्थकेयर कोड लागू किया जाए।
3. आयुर्वेदिक उद्योग, स्टार्टअप्स और रिसर्च को विशेष सरकारी प्रोत्साहन मिले।
4. आयुष पद्धतियों का बजट वर्तमान आवश्यकता के अनुसार कम से कम 5 गुना बढ़ाया जाए।
5. सभी मेडिकल कोर्स का पहला वर्ष समान हो, जिससे सभी पद्धतियों का मूल ज्ञान छात्रों को मिले।
6. आयुष डॉक्टरों को X-ray, MRI, सर्जरी व डिलीवरी की अनुमति दी जाए।
7. कक्षा 10 तक आयुर्वेद व योग को अनिवार्य विषय बनाया जाए।

डा. नरेश बंसल ने निवेदन किया कि माननीय अध्यक्ष महोदय, यह समय है कि हम अपनी महान भारत से जुड़ी स्वदेशी चिकित्सा विरासत को वह स्थान दें, जिसकी वह वास्तविक रूप से हकदार है।

द्वारा निजी सचिव
डा. नरेश बंसल जी
माननीय सांसद राज्यसभा एवं राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष भाजपा

*आशारोड़ी-झाझरा व रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड कॉरीडोरः जिला प्रशासन ने तेज की कार्रवाई,*

*परियोजना को गति देने डीएम ने भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास में तेजी लाने के दिए आदेश*

*प्रोजेक्ट तेजी पर फोकस, NHAI व PWD एलिवेटेड रोड की समीक्षा में डीएम के सख्त निर्देश*

*नगर निगम व एमडीडीए को प्रस्तावित भूमि रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश जारी*

*प्रस्तावित देहरादून-हरिद्वार एक्सप्रेसवे सुधार और अतिक्रमण हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें-डीएम*

*देहरादून 04 दिसंबर,2025 ,*
राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने एवं सुगम कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बृहस्पतिवार को ऋषिपर्णा सभागार में एलिवेटेड परियोजना और एनएच-7 पर आशारोड़ी-झाझरा परियोजना की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना-विंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना मा0 मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। जिलाधिकारी ने परियोजना में प्रस्तावित नगर निगम एवं एमडीडीए को अपनी-अपनी भूमि का रिकार्ड शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। एलिवेटेड कॉरिडोर सर्वेक्षण समिति को विभागवार प्रभावित भूमि का पूरा विवरण तैयार करने को कहा। लोनिवि और राजस्व अधिकारियों मौके पर तैनात रहते हुए परियोजना के लिए चिन्हित सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बसे लोगों का निर्धारित प्रारूप में पूरा ब्यौरा तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित भूमि का विभागवार रिकार्ड तैयार करने के बाद धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना का शीघ्र प्रकाशन किया जाए और पुनर्वास और पुर्नस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

एनएच-7 आशारोड़ी-झाझरा परियोजना में ईस्ट होप टाउन और आरकेडिया ग्रान्ट में ग्रामीणों के अवरोध और वन विभाग की भूमि अवस्थित निर्माण का प्रतिकर भुगतान न होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने एनएच अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसडीएम सदर और विकास नगर के साथ मौका मुआयना कर समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाए। देहरादून-हरिद्वार रोड पर सड़क सुधारीकरण कार्य और अवैध अतिक्रमण व कब्जों को हटाने के लिए संबंधित एसडीएम से समन्वय करते हुए पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक के दौरान लोनिवि ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एलिवेटेड परियोजना पर अब तक किए गए कार्याे की जानकारी दी। बताया कि एलिवेटेड परियोजना का अलाइनमेंट तैयार कर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है। स्वीकृत होने पर आगे की कार्रवाई की जानी है। रिस्पना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 10.365 किमी है। रिस्पना परियोजना में कुल 49.04 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 42.89 है0 सरकारी भूमि, 4.01 है0 निजी भूमि, 2.1 है0 वन भूमि शामिल है। इसमें 1022 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर की लंबाई 14.264 किमी है। बिंदाल कॉरिडोर में कुल 55.90 है0 भूमि प्रभावित होगी। जिसमें 31.07 है0 सरकारी भूमि, 15.67 है0 निजी भूमि, 2.22 है0 वन भूमि और 6.92 रक्षा संपदा की भूमि शामिल है। इसमें 1656 संरचनाएं (पक्के/कच्चे) शामिल हैं।

बैठक में एसएलएओ स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए सदर हरिगिरि, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, एनएचएआई के आरडी विशाल गुप्ता, एसई लोनिवि ओपी सिंह आदि उपस्थित थे।

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पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अजय भट्ट ने आज लोकसभा सत्र में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से पूछा कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही योजनाओं के तहत इस वर्ष का बजट जारी क्यों नहीं किया गया है? श्री भट्ट ने सदन में कहा कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है यह राज्य आपदाओं की मार झेलता रहता है यहां कार्य करने के लिए साल में 4 से 5 महीने ही मिल पाते हैं क्योंकि बाकी समय बारिश और हिमपात रहता है इन सब कठिनाइयों के बीच उत्तराखंड राज्य में जल जीवन मिशन की प्रगति संतोषजनक है ऐसे में केंद्र सरकार से अनुरोध है कि वह जल जीवन मिशन का शेष बजट आवंटन जल्द से जल्द किया जाए। श्री भट्ट ने कहा कि भारत सरकार द्वारा कई योजनाओं का बजट अस्वीकार्य माना है। इसका कारण भी बताया जाना चाहिए

जवाब में सदन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने बताया कि उत्तराखंड से वित्तीय वर्ष 2024 25 के दौरान जल जीवन मिशन के लिए आवंटन निधि की शेष राशि जारी करने के लिए विभाग को दो प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब तक देश भर के 15 करोड़ घरों में स्वच्छ पानी पहुंचाया गया है। लेकिन कई राज्यों से जल जीवन मिशन की गड़बड़ियों की शिकायत जनप्रतिनिधियों सांसदों व अन्य स्तरों से सामने आई है जिसको गंभीरता से लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देश भर में 119 टीमों से जल जीवन मिशन का सर्वे कार्य कराया गया है जिसमें 4000 से अधिक ठेकेदार व सरकारी अधिकारी कर्मचारी यहां तक की मंत्री तक भी कार्रवाई की जद में है। और हमारे द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को लेकर पत्र भी लिखा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के लिए 90 अनुपात 10 के तहत जल जीवन मिशन का बजट उपलब्ध कराया जाता है। इस वर्ष का बजट भी जल्द केंद्रीय कैबिनेट से अनुमति मिलने के बाद जारी किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने अवगत कराया की वर्ष 2019-20 से लेकर वर्ष 2023 24 तक जल जीवन मिशन के लिए 208652 करोड रुपए केंद्रीय परिवहन के साथ मंजूरी दी गई थी जिसका लगभग पूरी निधि का उपयोग कर लिया गया है। अभी तक राज्य को भारत सरकार से 5193.75 करोड़ रूपया आवंटित किया गया है इसके अनुपात में राज्य सरकार द्वारा 1260.68 करोड़ रूपये का योगदान दिया गया है। जबकि आई एम आई एस के अनुसार परियोजना की कुल लागत 9735.55 करोड रुपए है जिसमें योजना की प्रमाणीकरण लागत 9426.5 करोड रुपए है और भारत सरकार द्वारा 309.5 करोड रुपए अस्वीकार्य माने हैं। बावजूद उसके अभी केंद्र सरकार द्वारा राज्य को जल जीवन मिशन में 3568.5 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने हैं यदि अस्वीकार्य बजट को हटा दिया जाए तो 3289 करोड रुपए योगदान के रूप में भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने हैं जिसको लेकर सांसद अजय भट्ट ने सदन में प्रश्न उठाया था।
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आयकर विभाग देहरादून द्वारा Technical Interaction Centre, Institute of Drilling & Well Engineering (formerly IDT) ONGC, Opposite Ambedkar Statium, Kaulagarh Road, Dehradun में दिनांक 05 दिसंबर,2025 को अपराह्न 3.00 बजे आयकर अधिनियम के अंतर्गत अनुपालन एवं करदाता सेवाएं विषय पर एक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ Chief Guest Smt.Aparna Karan, IRS, Pr.Chief Commissioner of Income Tax, UP(West) & Uttarakhand Region, Kanpur द्वारा किया जाएगा। इस संदर्भ में श्रीमती सुनीता सिंह आईआरएस प्रधान आयकर आयुक्त देहरादून ने कार्यक्रम की कवरेज हेतु सभी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को सादर आमंत्रित किया है। कृपया कार्यक्रम की प्रेस करने का कष्ट करें।

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आमजन को सुरक्षा का अहसास दिलाती उत्तरकाशी पुलिस* *बैरियर/भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर बढाया पुलिस का पहरा*

*आमजन को सुरक्षा का अहसास दिलाती उत्तरकाशी पुलिस* *बैरियर/भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर बढाया पुलिस का पहरा* उत्तरकाशी । आपराधिक एवं अवैध गतिविधियों की रोकथाम, संदिग्ध व्यक्तियों/वस्तुओं की जांच, मानव तस्करी, अवैध मादक पदार्थों तथा वन सम्पदा की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से *पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, श्रीमती […]

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