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मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु नेकेदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों कोसमय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए

Pahado Ki Goonj

देहरादून 04 जुलाई, 2023 ,
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिये अधिक से अधिक श्रमिकों की व्यवस्था सुनिश्चित कि जाए। रात्रि शिफ्ट में भी कार्य किए जाएँ। निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने अल्टरनेटिव ट्रेक रूट के शीघ्र निर्माण के लिए वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को मिलकर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने लिंचोली का भी मास्टर प्लान शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समय पर पूर्ण हो सकें इसके लिए साप्ताहिक समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने केदारनाथ के साथ ही बद्रीनाथ में बन रहे अस्पतालों के उपकरण आदि ख़रीदने के लिये भी शीघ्र प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान बताया गया कि संगम घाट का कार्य 18 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, एलिवेटेड ब्रिज का कार्य 31 दिसम्बर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। बताया गया कि सिविक एमेनिटी बिल्डिंग 30 नवम्बर तक पूर्ण कर ली जाएगी।

इस अवसर पर ओएसडी  भास्कर खुल्बे, प्रमुख सचिव  आर.के. सुधांशु, सचिव  सचिन कुर्वे एवं डॉ. पंकज कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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देहरादून 04 जुलाई, 2023,
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में प्रदेश में जड़ी-बूटी के विकास के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में जड़ी-बूटी और इस क्षेत्र में रोजगार की सम्भावनाओं को देखते हुए, जड़ी-बूटी उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि वन पंचायतों के लिए शीघ्र ही योजना तैयार की जाए। जड़ी-बूटी की दिशा में जो वन पंचायतें पहले से कार्य कर रही हैं, उन्हें इस योजना में अवश्य शामिल किया जाए। उन्होंने योजना के लिए नियम व शर्तों को सरल बनाए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि किसी भी योजना को सफल बनाने के लिए उसके नियमों को सरल रखा जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर्बल टूरिज्म पार्क योजना भी शीघ्र शुरू की जाए। योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है। जो वन पंचायतें अच्छा कार्य करेंगी, उनको अधिक क्षेत्रफल में कार्य दिया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को लीसा के सम्बन्ध में प्रदेश की नियमावली को भी अपडेट किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि लीसा (रेजिन) के उत्पादन में पुराने जमाने की तकनीक प्रयोग की जा रही है।

इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक  अनूप मलिक एवं सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी सहित जड़ी-बूटी शोध संस्थान के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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