HTML tutorial
HTML tutorial

CM ने हेमवती नन्दन बहुगुणा, उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय में लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जानिए सभी समाचार

Pahado Ki Goonj

LIVE: देहरादून में हेमवती नन्दन बहुगुणा, उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह*

यह भी पढ़ें

मुख्यमंत्री ने सेलाकुई में हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण*

*विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर एवं नक्षत्र वाटिका का होगा निर्माण*

*चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सेलाकुई स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 20.21 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का शिलान्यास तथा 34 लाख रुपये की दो योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर एवं नक्षत्र वाटिका का शिलान्यास तथा विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार एवं दंत चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की और स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के बीच आकर उन्हें हमेशा नई ऊर्जा मिलती है। हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विकास और युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में नई सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाला प्रत्येक विद्यार्थी एक कुशल चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी अथवा अन्य स्वास्थ्य पेशेवर के रूप में अपनी सेवाएं दे सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां के विद्यार्थी भविष्य में अपनी योग्यता, मेहनत और सेवाभाव से विश्वविद्यालय के साथ ही उत्तराखण्ड का नाम भी रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय परिसर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में आगे कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों पर समाज की बड़ी जिम्मेदारी होती है। चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी लोगों का जीवन बचाने के साथ ही उन्हें नया जीवन देने का कार्य करते हैं। इसलिए चिकित्सा पेशे में सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण का विशेष महत्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। नए एम्स और मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उत्तराखण्ड सरकार भी इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में वर्तमान में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त नौ नर्सिंग कॉलेज और तीन नर्सिंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण किया जा रहा है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रुपये की लागत से एम्स सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की बड़ी आबादी को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं पैरामेडिकल कार्मिकों की नियुक्तियों के साथ ही प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान तथा वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर जर्मनी में रोजगार पाने वाली उत्तराखण्ड की सपना राणा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने सपना राणा से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। आज उत्तराखण्ड से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एम्स, पीजीआई, रेलवे तथा मिलिट्री नर्सिंग सर्विस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्व में भर्ती परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत हैं और राज्य सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक श्री सहदेव सिंह पुंडीर, हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, डॉ. संजय गौड़, डॉ. गीता जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी उपस्थित थे।

आगे पढ़ें

टिहरी गढ़वाल, 20 अक्टूबर 2026

50वें राष्ट्रीय कुंजापुरी मेले का रंगारंग समापन; जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण की गूंज के बाद ‘लोकल नाइट’ में स्थानीय बच्चों के डांस, गायन और वादन ने जीता दिल

उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और आस्था का प्रतीक 50वां सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला अपने 9 दिनों के सफल सफर के बाद अत्यंत भव्य, गरिमामयी और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ ।

मेले के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि, क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नौ दिवसीय महोत्सव के विधिवत समापन की घोषणा की। अपने संबोधन में कहा कि “कोई भी बड़ा आयोजन सिर्फ पैसे के बल पर सफल नहीं होता, बल्कि सभी के आपसी तालमेल, समर्पण और भावना से संपन्न होता है। समाज के हर वर्ग का नि:स्वार्थ सहयोग ही एक मेले को असल मायने में भव्य और ऐतिहासिक बनाता है।”
मंत्री सुबोध उनियाल ने मेला प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र की जनता का टीम भावना से कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए हृदय से आभार प्रकट किया।

इस ऐतिहासिक आयोजन को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार के साथ समिति के प्रमुख पदाधिकारियों व सहयोगियों ने मुख्य भूमिका निभाई और सभी संचालन समितियों के बीच बेहतरीन समन्वय बनाए रखा।
वहीं, खेल समिति की देखरेख और खेल समिति के धरातलीय प्रबंधन में आयोजित कबड्डी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स जैसी विभिन्न खेल स्पर्धाएं पूरी खेल भावना के साथ संपन्न हुईं। समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और विजेता टीमों को पुरस्कार व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

मेले के दौरान रामलीला मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्याओं में विभिन्न विधाओं के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं। नामचीन कलाकारों ने अपनी उपस्थिति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

मेले की सांस्कृतिक संध्या पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण के नाम रही। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप पर उन्होंने मां नंदा के पौराणिक जागरों और अमर गीतों की दिव्य प्रस्तुति दी, जिसने वहां उपस्थित हजारों दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
प्रीतम भरत्वाण के भव्य कार्यक्रम के उपरांत मंच पर विशेष रूप से ‘लोकल नाइट’ (स्थानीय सांस्कृतिक संध्या) का भव्य आयोजन किया गया। इस अनूठी शाम में क्षेत्र के स्थानीय स्कूली बच्चों और उभरते बाल कलाकारों ने मंच पर अपनी शानदार डांस परफॉर्मेंस, गायन और वादन से समां बांध दिया। जहाँ एक तरफ नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों पर मनमोहक ग्रुप डांस प्रस्तुत किया गया, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय बच्चों ने सुरीली आवाज में सुंदर लोकगीत गाए और खुद ही वाद्य यंत्र बजाकर अपनी बेहतरीन म्यूजिशियन स्किल्स का लोहा मनवाया।
बच्चों के इस बहुमुखी हुनर और अद्भुत कला की पंडाल में मौजूद हर एक दर्शक ने खड़े होकर जमकर सराहना की। मुख्य अतिथि और मेला समिति द्वारा इन सभी प्रतिभावान बच्चों का विशेष रूप से उत्साहवर्धन करते हु उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के सहयोग से 50वां राष्ट्रीय कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के भव्य समापन अवसर पर मा. मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्र की जनता को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मेले के समापन समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन और मां कुंजापुरी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कुल 476.15 लाख रुपये (करीब 4.76 करोड़) की लागत वाले 5 बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

आगे पढ़ें

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर किया हवन एवं कन्या पूजन*

*मुख्यमंत्री ने नौ कन्याओं का पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में विधि-विधान से हवन एवं पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में नौ कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने मां भगवती से प्रदेश की उन्नति एवं समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि का पर्व मातृशक्ति की आराधना और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। कन्या पूजन हमें मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान की प्रेरणा देता है।

आगे पढ़ें

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में HNN न्यूज चैनल द्वारा आईएसबीटी के निकट एक होटल में आयोजित ‘उत्तराखंड उदय कॉन्क्लेव’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विषयों पर पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, महत्वपूर्ण निर्णयों और प्रदेश के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। यह महिला सशक्तीकरण और समान अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों को कानूनी मजबूती प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

चारधाम यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 59 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या उत्तराखंड के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यात्रा मार्गों पर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को प्रोत्साहित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना देश की एकता, अखंडता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती है। उत्तराखंड भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, पर्यटन के विस्तार तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
आगे पढ़ें

LIVE: परेड ग्राउण्ड, देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव*

आगे पढ़ें

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव में हुए शामिल*

– *मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं, सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने का किया आह्वान*

– *भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है: मुख्यमंत्री*

– *अपने भीतर की बुराइयों का त्याग कर समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने का लें संकल्प: मुख्यमंत्री*

– *न्याय, सुशासन और जनकल्याण ही रामराज्य की मूल भावना: मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड, देहरादून में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा आयोजन समिति से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग से यह सीख मिलती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार तथा मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। उन्होंने कहा कि धर्म और सदाचार ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत हैं। भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी प्रत्येक व्यक्ति का मार्गदर्शन करते हैं। पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख का त्याग कर चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके कर्तव्यबोध और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का अवसर भी है। हमें अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करते हुए प्रदेश में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके अंतर्गत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है तथा नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता, परिश्रम और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हों और प्रदेश की विकास यात्रा में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान तथा हमारी शक्ति हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा और विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

आगे पढ़ें

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदू नेशनल कॉलेज में किया रावण दहन*

**लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित दशहरा मेले में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग, प्रदेशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं**

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिंदू नेशनल कॉलेज, देहरादून में आयोजित रावण दहन एवं दशहरा मेला कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है, जो सत्य, धर्म और न्याय की स्थापना का संदेश देता है। रावण दहन हमें अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागकर सदाचार अपनाने की प्रेरणा देता है। यह पर्व याद दिलाता है कि अधर्म और अन्याय चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य की ही होती है।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आदर्श मर्यादा, त्याग, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देते हैं। भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से सिखाया कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए। उनका जीवन हमें परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की सीख देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा मेले जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और पौराणिक प्रसंगों से जोड़ते हैं। ऐसे कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाने और सामाजिक मेल-जोल को प्रोत्साहित करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाकर ही पर्वों के संदेश को सार्थक बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं आयोजन से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

Next Post

11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट, खरसाली में होंगे मां यमुना के दर्शन!

11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट, खरसाली में होंगे मां यमुना के दर्शन! उत्तरकाशी। विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट इस वर्ष शीतकाल के लिए 11 नवंबर 2026 को बंद किए जाएंगे। विजयादशमी के पावन अवसर पर तीर्थ पुरोहितों और मंदिर समिति की ओर […]

You May Like