देहरादून। सूबे में ब्लैक फंगस के बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हालत यह है कि देहरादून सीएमओ कार्यालय में अब एक भी इंजेक्शन नहीं बचा है। उधर ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए इंजेक्शन की व्यवस्था करने को लेकर उनके तीमारदार सीएमओ कार्यालय में डेरा जमाए हुए हैं। लेकिन इंजेक्शन ना मिलने से इनके हाथ से मायूसी लग रही है।उत्तराखंड में ब्लैक फंगस के मरीजों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास इसके इंजेक्शन ही मौजूद नहीं हैं। चिंता की बात यह है कि एक तरफ शासन के अधिकारी प्रदेश में इंजेक्शन की आपूर्ति का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ धरातल पर लोगों को इंजेक्शन की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। देहरादून सीएमओ कार्यालय में भी ऐसे ही कई मरीजों के तीमारदार इंजेक्शन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सीएमओ साहब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त हैं। कार्यालय के कर्मचारी इंजेक्शन नहीं होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। यहां पहुंचे तीमारदारों की मानें तो डॉक्टर की तरफ से अर्जेंट बेस पर इंजेक्शन मंगवाए गए हैं। इसका पर्चा लेकर वे जब सीएमओ कार्यालय पहुंचे हैं तो पिछले 2 दिन से उन्हें इंजेक्शन यहां नहीं मिल पा रहे हैं।
कोरोना ने किया पर्यटन कारोबार चैपट, घोड़ा व्यवसायियों के खाने के लाले
Sat May 22 , 2021
नैनीताल। यूं तो सरोवर नगरी नैनीताल अपने पर्यटन के लिए देश और दुनिया में जाना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक नैनीताल के मौसम और यहां की हसीन वादियों का लुत्फ उठाने आते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के चलते नैनीताल का पर्यटन कारोबार पूरी तरह से […]

You May Like
-
यूक्रेन से उत्तराखण्ड के तीन छात्र सकुशल वापस लौटे
Pahado Ki Goonj February 27, 2022

