पूर्व सैनिकों को मिला तोहफा, सीएम ने किया सीएसडी कैंटीन व सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण।

*मुख्यमंत्री का रोड शो में जनता व जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने पिताजी से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बढ़ती सामरिक शक्ति का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की माताजी श्रीमती विशना देवी, एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी भी मौजूद थे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, श्री राम सिंह कैड़ा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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देहरादून 09 अप्रैल, 2026
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक और उत्तराखण्ड सरकार के निर्माण सम्बन्धी विभागों के मध्य बैठक हुई। बैठक के दौरान एडीबी द्वारा उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों के चल रहे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव के निर्देश पर विभागों द्वारा अपने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।

मुख्य सचिव ने एडीबी के अधिकारियों से प्रदेश में कौशल विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर कार्य किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मॉडल स्किल सेंटर बनाया जाए। इसमें युवाओं के कौशल विकास के साथ ही सर्टिफिकेशन और 100 प्रतिशत प्लेसमेंट पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए एक होलिस्टिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के प्रदेश में पुलों के निर्माण और लैंड स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट कार्य को भी एडीबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने हेतु प्रस्ताव एडीबी को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टिहरी झील रिंग रोड को एडीबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने की बात भी कही। कहा कि इस योजना को प्राथमिकता पर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं को भी एडीबी द्वारा वित्तपोषित किया जा सकता है। उन्होंने JICA से वित्तपोषित जनपदों को छोड़कर अन्य जनपदों के प्रस्तावों को एडीबी द्वारा वित्तपोषित किया जाए। मुख्य सचिव ने अर्बन मोबिलिटी और अर्बन प्लानिंग को भी एडीबी में शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड टाउनशिप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तैयार कर एडीबी को सौंपे जायें।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागों को अपनी योजनाओं की प्राथमिकता तय करनी हैं। उन्होंने चरणवार तरीके से अपने महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव एडीबी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका (Mio Oka) ने उत्तराखण्ड में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स के विषय में चर्चा की। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभागों द्वारा शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, श्री दिलीप जावलकर, एडीबी से श्री अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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चारधाम यात्रा-2026 को लेकर सीएम धामी का सख्त एक्शन प्लान तैयार

*व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश*
*दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालओ की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री धामी*
“ *ग्रीन एवं क्लीन यात्रा” को इस बार और व्यापक बनाने के निर्देश*
*प्लास्टिक पर पूरी तरह लगाम, जगह-जगह लगेंगे कलेक्शन बॉक्स*
*फर्जी खबर फैलाने वालों पर FIR और तत्काल कड़ी कार्रवाई*
*हेली सेवाओं में लापरवाही नहीं—मेंटेनेंस और फिटनेस चेक अनिवार्य*
*भीड़ नियंत्रण के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और स्लॉट सिस्टम लागू*
*यात्रा मार्गों पर ओवररेटिंग रोकने के लिए हर दुकान पर रेट लिस्ट जरूरी*
*स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालय और शेल्टर की व्यवस्था होगी मजबूत*
*ट्रैफिक जाम रोकने के लिए सख्त प्लान और वैकल्पिक मार्ग तैयार*
*आपदा प्रबंधन को लेकर SDRF-NDRF अलर्ट मोड में*
*CCTV और AI आधारित निगरानी से पूरी यात्रा होगी हाईटेक*
*24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन से त्वरित रिस्पांस सुनिश्चित*
सीएम धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड की जीवन रेखा चारधाम यात्रा को हर दृष्टि से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री धामी ने संबंधी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यात्रा में हर पक्ष विशेषकर हेली सेवाओं के संबंध में व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए | देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालओ की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है |
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी गुरवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार, विश्वकर्मा भवन में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक लेते हुए कहा।
कि पिछले वर्ष प्रारंभ की गई ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ मुहिम को इस बार और अधिक प्रभावी रूप में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कलेक्शन बॉक्स स्थापित करने तथा प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा को लेकर कोई भी भ्रामक या अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि यात्रा को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। हेली सेवाओं के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित SOP का पूरी सख्ती से पालन किया जाए, सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य हो तथा ऑपरेशनल ओवरलोडिंग से बचने के लिए समय-समय पर सेवाओं को पर्याप्त विश्राम दिया जाए।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और थीम आधारित इंस्टॉलेशन विकसित करने के साथ-साथ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और साइनज को बेहतर बनाने को कहा।
आपूर्ति व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए और अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त कर दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और आवश्यकतानुसार अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सालयों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही CSR और अन्य संसाधनों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने शौचालय, विश्राम स्थल (शेल्टर) और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए लंबा इंतजार न हो, इसके लिए स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए तथा रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाए।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को और मजबूत करते हुए भीड़भाड़ वाले रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने और आवश्यकता अनुसार AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में पुलिस एवं होमगार्ड्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम की स्थिति बिल्कुल उत्पन्न न हो और इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान और संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।
आपदा प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पूर्व पहचान कर आवश्यक संसाधनों की तैनाती करने को कहा। SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
सीएम धामी ने यात्रा अवधि के दौरान नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी करने और पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर सुधारात्मक कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर गड्ढों को तुरंत भरने और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष भंडारों को लेकर उत्पन्न विवादों का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि प्रशासन स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। साथ ही ओवररेटिंग पर सख्ती करते हुए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर रसोई गैस, केरोसीन, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी, वर्चुअल माध्यम से कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, विधायकगण, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
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आवश्यक सूचना
एनडीएमए और यूएसडीएमए के संयुक्त तत्वावधान में कल दिनांक 10 अप्रैल को 07 जनपदों में चारधाम यात्रा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
मॉक ड्रिल प्रातः 10:00 बजे यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में प्रारंभ होगी।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक तथा मुख्य सचिव मॉक ड्रिल का निरीक्षण करेंगे।
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टिहरी गढ़वाल 09 अप्रैल , 2026
*जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल पहुंचीं सीमांत गांव गेंवाली, ग्रामीणों व स्कूली बच्चों ने बैंड बाजे से किया भव्य स्वागत*

*जिलाधिकारी महिला और बच्चों से हुई रूबरू, बच्चों को बांटे चॉकलेट*
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल एवं मा○ विधायक शक्ति लाल शाह ने सीमांत गांव गेंवाली का संबंधित अधिकारियों के साथ भ्रमण किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा बैंड-बाजे के साथ तथा ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया,हल्की वर्षा के बीच आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओ को जिलाधिकारी के समुख रखी जिस पर जिलाधिकारी ने समस्याओं को सुना एवं विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए ।
जिलाधिकारी ने भ्रमण के दौरान गेंवाली पुल निर्माण कार्य एवं आपदा से संबंधित वर्ष 2022 से कराये गये कार्यों का गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने इन कार्यों में संभावित अनियमितताओं की जांच के निर्देश देते हुए उपजिलाधिकारी, लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इस दौरान ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी एवं विधायक को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए गांवों के प्रभावित परिवारों के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश सम्बन्धितों अधिकारियों को धरातलीय निरीक्षण करने के उपरांत पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सड़क मार्ग पर बलवा एवं पत्थरों को हटाने के निर्देश संबंधित पुल निर्माण कंपनी को दिए ताकि ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने गेंवाली गांव में पिछले वर्ष हुई वर्षा के कारण बने डेंजर जोन एवं बरसाती नलों से संभावित खतरे को दृष्टिगत रखते हुए भूगर्भीय जांच कराने के निर्देश दिए तथा ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि यथाशीघ्र सुरक्षा की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए तत्काल सुरक्षा के प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में संचार कनेक्टिविटी न होने से ग्रामीण क्षेत्र से संपर्क नहीं हो पाता है। जिस पर मा, विधायक द्वारा बताया गया कि संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र क्षेत्र में संचार कनेक्टिविटी की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को बताया कि विगत वर्षों मैं आपदा के दौरान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पूर्ण तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था जिसमें 46 बच्चे अध्यनरत है, जिनकी शिक्षा दीक्षा प्रभावित हो रही जिस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए विद्यालय की सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाएंगे।
ग्रामीणों द्वारा विगत वर्ष आपदा से क्षतिग्रस्त भगवान सोमेश्वर का मंदिर के सौंदर्य करण एवं चार दिवारी निर्माण को लेकर जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि के सामने रखी जिस पर मा0विधायक शक्ति लाल शाह ने विधायक निधि से मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं अन्य कार्यों के लिए 5 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गेंवाली क्षेत्र में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
*जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जनपद के दूरस्थ गांव गेवाली में जो भी आपदा से प्रभावित कार्य होने हैं, उन कार्यों को ससमय, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ क्षेत्र के अनुकूल कार्यों को धरातल पर उतरने के सख्त निर्देश दिए, कहां इन कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।*
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख राजीव कण्डारी, नगर पंचायत चमियाला के अध्यक्ष गोविन्द सिंह राणा, ग्राम प्रधान बिजेश्वरी देवी, पूर्व प्रधान बच्चन सिंह रावत, मां ज्वालामुखी मन्दिर समिति के अध्यक्ष बचल सिंह रावत, एसडीएम घनसाली अलकेश नौडियाल, तहसीलदार हरीश जोशी, लोनिवि डीसी नौटियाल, .पीएमजीएसवाई अविनाश सैनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिला पूर्ति अधिकारी, मनोज कुमार जेभाल की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में घरेलू एलपीजी की प्राप्ति एवं वितरण की स्थिति सामान्य बनी हुई है।विगत दिवस जनपद में स्थित/सेवा प्रदान करने वाली गैस एजेंसियों को कुल 2837 घरेलू एलपीजी सिलेंडर प्राप्त हुए, जबकि एजेंसियों द्वारा 2402 सिलेंडर उपभोक्ताओं को वितरित किए गए। वितरण के पश्चात एजेंसियों के पास 4181 सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध हैं। विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों द्वारा नियमित रूप से घरेलू सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।
व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के लिए जनपद को 212 सिलेंडर प्रतिदिन का आवंटन प्राप्त हो रहा है, जिसके अनुसार श्रेणीवार एवं एजेंसीवार वितरण सुनिश्चित किया गया है। विगत दिवस 19 किलोग्राम श्रेणी के 292 सिलेंडर प्राप्त हुए, जिनमें से 287 सिलेंडर वितरित किए गए।
एलपीजी आपूर्ति एवं वितरण के प्रभावी निरीक्षण हेतु गठित त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। अब तक गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं होटलों सहित 482 निरीक्षण किए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान 14 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें से 05 सिलेंडर निर्धारित जुर्माना राशि ₹7250 जमा कराने के उपरांत मुक्त किए गए।
जनपद मुख्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम में अब तक 87 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनके समाधान हेतु निरंतर कार्यवाही की जा रही है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि:
एलपीजी आपूर्ति सामान्य है, अतः आवश्यकता अनुसार ही गैस बुकिंग करें।
सिलेंडर होम डिलीवरी अथवा प्वाइंट डिलीवरी से प्राप्त करें, एजेंसी में अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, वे शीघ्र अपनी एजेंसी में संपर्क कर इसे पूर्ण कराएं। उत्तराखण्ड शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार, विवाह समारोह हेतु अधिकतम 02 व्यावसायिक सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आवेदक अपने आवेदन पत्र के साथ शादी का कार्ड संलग्न कर जिला पूर्ति कार्यालय अथवा संबंधित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में जमा कर सकते हैं। यदि किसी उपभोक्ता को घरेलू गैस की कालाबाजारी, दुरुपयोग, अवैध भंडारण या ओवररेटिंग से संबंधित शिकायत दर्ज करनी हो, तो वे कंट्रोल रूम के निम्न नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
01376-234793,
01376-233433,
9456533332
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*टिहरी की महिलाओं ने सीखे ‘ड्रैगन फ्रूट’ की खेती के गुर*
जनपद टिहरी गढ़वाल की मुख्य विकास अधिकारी महोदया के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के क्रम में ग्रामोथान (REAP) परियोजना के अंतर्गत विकासखंड नरेन्द्र नगर में स्थित प्रगति CLF, चाका द्वारा प्रस्तावित ड्रैगन फ्रूट बागवानी उद्यम को सशक्त बनाने हेतु CLF की महिला सदस्यों का 03 दिवसीय अध्ययन भ्रमण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह अध्ययन भ्रमण दिनांक 06 अप्रैल 2026 से 08 अप्रैल 2026 तक जनपद ऊधम सिंह नगर के किच्छा स्थित उदय ड्रैगन फ्रूट फार्म एवं नर्सरी में आयोजित किया गया।
अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को ड्रैगन फ्रूट की उन्नत खेती तकनीकों, पौधारोपण, संरचना निर्माण (ट्रेलिस सिस्टम), सिंचाई प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा विपणन संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस exposure के माध्यम से महिला सदस्यों को एक सफल उद्यम की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे उनमें उद्यम स्थापना के प्रति उत्साह एवं आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस अध्ययन भ्रमण में ग्राम सेण ब्लॉक-नरेन्द्र नगर से श्रीमती सीता सजवाण, श्रीमती कृष्णा देवी, श्रीमती कौशल्या देवी, श्रीमती मकानी देवी, ग्राम प्रधान श्री धन सिंह सजवाण, श्री नरेन्द्र सिंह तड़ियाल (BP, CLF), श्री उपेन्द्र सिंह सजवाण (Livelihood Coordinator) तथा श्री अनुभव रयाल (Assistant Manager, Livelihood) प्रतिभागी रहे।
उक्त पहल से स्पष्ट है कि जनपद में उच्च मूल्य की बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ-साथ उनकी आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। ड्रैगन फ्रूट जैसे नवाचार आधारित उद्यमों के माध्यम से जनपद में आजीविका के नए अवसर सृजित होने की प्रबल संभावना हैं, जो आत्मनिर्भरता एवं समग्र ग्रामीण विकास को गति प्रदान करेंगे।
जिला परियोजना प्रबन्धक, REAP, श्री ब्रह्म कांत भट्ट ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना के अंतर्गत इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को उन्नत आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जा रहा है।
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जिला प्रशासन सख्त; जिले में अल्ट्रासाउंड व समस्त रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर संचालन के कडे मानक तय
दून में प्रथमबार डायग्नोस्टिक सेंटर के जनसुरक्षा मानकों पर खरे उतरने पर हो रही अब अनुमति
भवन सुरक्षा व फायर सेफ्टी; बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण; सीवेज ट्रीटमंेट व्यवस्था; प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी उपरान्त ही अनुमति

डीएम ने पीसीपीएनडीटी एक्ट;ं क्लीनिकल एसटबलिसमेंट एक्ट 2010 व बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का परिपालन किया अनविार्य; अन्यथा सेंटर, क्लीनिक, अस्पताल हो रहे सील
देहरादून दिनांक 09 अप्रैल 2026,जिला प्रशसान द्वारा जिले में संचालित एवं प्रस्तावित अल्ट्रसाउंड व समस्त रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त निर्देश हैं कि किसी भी डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन जनसुरक्षा मानकों निर्धारित मानकों के पूर्ण अनुपालन के बिना नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने चिकित्सालयों एवं जिले अन्य स्थानों पर अवस्थित अल्ट्रासांउड केन्द्र व समस्त रेडिया डायग्नोस्टिंग सेंटर के पंजीकरण हेतु जनमानस की सुरक्षा में सख्त कदम उठाए गए हैं। विगत छ माह से जिला प्रशासन द्वारा मानकों पर खरे उतरने वाले डायग्नोस्टिग सेंटर के नये पंजीकरण एवं पूर्व से संचालित सेंटर के पंजीकरण नवीनीकरण किये जा रहे है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड एवं समस्त रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों को अनिवार्य रूप से क्लीनिकल एसटबलिसमेंट एक्ट 2010 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के तहत बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान करने वाले केंद्रों के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम का अनुपालन भी अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण अथवा नवीनीकरण की प्रक्रिया के दौरान मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिनमें स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा (बिल्डिंग सेफ्टी), अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) के प्रमाण पत्र, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की वैध व्यवस्था एवं प्रमाण पत्र एवं सीवेज ट्रीटमेंट की अनिवार्य व्यवस्था के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी प्रस्तुत करनी होगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों की गहन जांच करते हुए केवल उन्हीं केंद्रों को पंजीकरण/नवीनीकरण प्रदान किया जाए जो सभी मानकों पर पूर्णतः खरे उतरते हों। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।
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*चारधाम यात्राः परिवहन विभाग की तैयारियां अंतिम चरण में, 16 अप्रैल से हाईटेक चेक पोस्ट होंगे सक्रिय*
*चेक पोस्टों पर एएनपीआर कमरे एक्टिव, आशारोड़ी और नारसन बॉर्डर पर रेस्ट पॉइंट, ऋषिकेश में कंट्रोल रूम*
*देहरादून 09 अप्रैल,2026
आगामी 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने हेतु विभाग द्वारा 16 अप्रैल से विभिन्न प्रमुख स्थानों पर चेक पोस्ट संचालित किए जाएंगे।
मा मुख्यमंत्री, मा परिवहन मंत्री एवं जिलाधिकारी के निर्देशन पर परिवहन विभाग द्वारा आशारोड़ी, कटा पत्थर, कोठाल गेट, हर्बटपुर, ऋषिकेश, सत्यनारायण, तपोवन, भद्रकाली एवं सोनप्रयाग में स्थापित किए जा रहे चेक पोस्ट वाई-फाई सुविधा से युक्त कर दिए है। इन चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड तथा वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। यात्रा की निगरानी के लिए प्रवर्तन टीमें भी विभिन्न स्थानों पर सक्रिय रहेंगी। ये टीमें यात्रा में शामिल वाहनों की तकनीकी फिटनेस, आवश्यक दस्तावेजों एवं अन्य मानकों की गहन जांच करेंगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऋषिकेश को यात्रा का प्रमुख केंद्र मानते हुए यहां एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जहां परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से श्रद्धालु टोल फ्री नंबर 0135-2743432 पर संपर्क कर अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि विभाग की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और 16 अप्रैल से सभी चेक पोस्ट पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक चेक पोस्ट पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 30 मार्च से प्रारंभ हुई ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत अब तक 1500 से अधिक ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। हरिद्वार के अतिरिक्त रुड़की एवं आशारोड़ी में भी ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं सुगम बनाया जा सके।
हरबर्टपुर व ऋषिकेश चेक पोस्ट से जाम पर लगेगा लगाम
चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए हरबर्टपुर बस अड्डा एवं ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप पर स्थापित परिवहन विभाग की चेक पोस्ट अहम भूमिका निभाएंगी। संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी के अनुसार, इन दोनों स्थानों पर बसों की पूर्व जांच सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आगे कटा पत्थर, भद्रकाली व तपोवन क्षेत्रों में जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, लंबी दूरी तय कर आने वाले वाहन चालकों की सुविधा के लिए आशारोड़ी एवं नारसन बॉर्डर पर रेस्ट पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं, जहां बेड, शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
बॉर्डर क्षेत्रों में एएनपीआर कैमरों से होगी सख्त निगरानी
चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए परिवहन विभाग ने प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्रों में अत्याधुनिक एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे सक्रिय कर दिए हैं। इन कैमरों के माध्यम से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की निगरानी सीधे मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। संभागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार, भद्रकाली, तपोवन, कटा पत्थर एवं नारसन बॉर्डर जैसे प्रमुख पड़ावों पर एएनपीआर कैमरे पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
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देहरादून दिनांक 09 अप्रैल 2026
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सतत प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 13 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13466 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 639 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 28248 तथा व्यवसायिक का 4356 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।
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*मा0 प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियां जोरों पर, जिला प्रशासन ने आशारोडी से गढ़ीकैंट तक 13 जोन में बांटा रूट*
*जनमानस के स्वैच्छिक सहयोग से मा0 प्रधानमंत्री के सम्मान में पूरे रूट पर, प्रत्याशित हजारों की संख्या में आमजन सम्मलित होना संभावित*
*डीएम ने जोनल, सेक्टर और नोडल अधिकारियों संग की अहम बैठक, व्यवस्थाओं को चाक चौंबद रखने के निर्देश*
*लॉ एंड ऑडर का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें – डीएम*
*रूट पर भव्य सांस्कृतिक दल एवं लोक वाद्य यंत्रों के साथ स्थानीय संस्कृति की दिखेगी झलक*
*देहरादून 09 अप्रैल,2026 *
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित देहरादून भ्रमण एवं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुरूवार को ऋषिपर्णा सभागार में भ्रमण कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर तैनात सभी जोनल, सेक्टर एवं नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए समयबद्व सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मा0 प्रधानमंत्री के सम्मान में पूरे भ्रमण मार्ग पर आमजन से सहयोग प्रदान करने एवं सम्मान कार्यक्रम में स्वैच्छिक प्रतिभाग की सुगमता, समन्वय एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। पीएम के सम्मान में हजारों की संख्या में आमजन के सम्मलित होने की संभावना है। जिलाधिकारी ने चिन्हित स्थलों पर पेयजल, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, लॉ एंड ऑडर व्यवस्था, बैरिकेडिंग, स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि पूरे मार्ग पर चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
वहीं गढ़ीकैंट स्थित महेन्द्र ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पंडाल में आमजन के बैठने की व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग, पेयजल, सूक्ष्म जलपान एवं मोबाइल शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी तैनात जोनल/सेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के निर्देश दिए है।
मा० प्रधानमंत्री द्वारा 14 अप्रैल को गणेशपुर, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस हाईवे का लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। जिला प्रशासन ने पूरे रूट को 13 जोन में विभाजित करते हुए जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी है। मा0 प्रधानमंत्री के भ्रमण हेतु प्रस्तावित सड़क मार्ग के चिन्हित स्थलों पर सांस्कृतिक दलों द्वारा स्थानीय लोक संस्कृति एवं परम्पराओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों झलक भी देखने को मिलेगी।
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नमामि बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त प्रवीन कुमार, संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, सहित सभी जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं विभिन्न व्यवस्थाओ से जुड़े नोडल अधिकारी उपस्थित थे।


