बड़कोट,सरनौल की माटी के लाल , प्रख्यात साहित्यकार महावीर रंवलटा जी लिखित एक पुस्तक “एक प्रेम कथा का अंत “का विमोचन आज नौगांव में हुआ इस समारोह में सम्पन्न हुआ। हमारे छोटे अनुज भ्राता ध्यान सिंह रावत जी भी इस मौके पर उपस्थित रहे , इस मौके पर परम आदरणीय श्रीमती रचना बहुगुणा जी ब्लॉक प्रमुख भी उपस्थित रहे महावीर जी साहित्य के एक बड़े हस्ताक्षर हैं साथियों किसी भी किताब को लिखने के लिए पुस्तक को लिखने के लिए एकाग्रता बहुत जरूरी है । महावीर सिंह की एकाग्रता मेहनत एवं ईमानदारी का ही आज परिणाम है कि उनके द्वारा असंख्य पुस्तके लिखी जा चुकी है साहित्य के क्षेत्र के बड़े हस्ताक्षर को भविष्य में किसी बड़े कार्य की जिम्मेदारी भी निभानी है। वह अपने ग्राम सभा के बारे में एक महत्वपूर्ण पुस्तक लिखना जिसमें प्रत्येक परिवार का बायोडाटा हो उसकी एक प्रोफाइल हो शायद मुझे ऐसा लगता है कि जल्दी ही ध्यान सिंह रावत जी एवं हमारी माटी के लाल रवंलटा के निर्देशन में ” तांदी” नामक की जो पुस्तक लिखी जाएगी उसमें ग्राम सभा सरनौल का पूरा ब्यौरा होगा, आपके स्वयं के द्वारा यह पहल की जा रही है मेरी अग्रिम शुभकामनाएं के साथ तथा उत्तराखंड के लाल रंवाई घाटी के लाल ,आप का नाम ऐसा ही दिव्य मान रहे और अभी आपने कई पुस्तके लिखनी है कई पुरस्कार पाने हैं । मां रेणुका का आशीर्वाद सदैव बना रहे उनके परम स्नेही डॉक्टर हरदेव सिंह रावत सरनौल वासीने शुभकामनाएं दीं।पत्र परिवार की ओर से उनके उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।
देहरादून के खास समाचार
Tue Jun 25 , 2019
1-देहरादून, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी 01-टिहरी गढवाल संसदीय क्षेत्र एस.ए मुरूगेशन ने अवगत कराया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 77 के अनुसार निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्वाचन के परिणाम घोषित होने के 30 दिन के अन्दर के निर्वाचन व्यय लेखा पंजिका मूल में, […]

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चिन्यालीसौड़ पुल बनकर तैयार, धनुष जैसा आकार है आकर्षण केन्द्र टिहरी, उत्तरकाशी जिले के सीमा पर टिहरी झील के ऊपर बनाए जा रहे चिन्यालीसौड़ पुल का काम पूरा हो चुका है। अब 20 दिन बाद इस पुल को जनता को समर्पित किया जाएगा। फिलहाल पुल न होने की वजह से ग्रामीणों को 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। चिन्यालीसौड़ पुल। पुनर्वास विभाग देवीसौड़ में 162 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया गया है। साल 2007 में टिहरी झील बनने के कारण देवीसौड़ मोटर पुल डूब गया था। जिसके कारण चिन्यालीसौड़ के करीब 42 गांव माली, बादान, जोगत, तुल्याड़ा, भड़कोट, आदि का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया था। अब इस पुल के निर्माण के बाद अलग-थलग पड़े इन सभी 42 गांवों की राह आसान होगी। इन गांव के लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 90 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पढ़ें-ड्यूटी ज्वॉइन करने निकला था कुमाऊं रेजिमेंट का जवान, दो दिन बाद भी नहीं पहुंचा यूनिट बता दें कि देवीसौड़ में बन रहा पुल स्टील आर्च ब्रिज होगा जो दिचली-गमरी व टिहरी जनपद को जोड़ने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा आर्च है
Pahado Ki Goonj June 29, 2018

