उत्तरकाशी के बड़कोट में पीडब्लूडी विभाग में भुगतान न होने को लेकर परेशान ठेकेदारों ने विभाग के ई ई के खिलाफ कनस्तर लेकर प्रदर्शन किया साथ ही विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । ठेकेदारों की मांग है कि वर्ष 2014 में किये गए कार्यो का विभाग अभी तक भुगतान नही कर पाया है।ठेकेदारों ने मुख्य बाजार से होते हुए लोक निर्माण बिभाग कार्यालय तक जुलूस प्रदर्शन करते हुए अधिशासी अभियंता व एक सहायक अभियंता के खिलाप जमकर नारेबाजी की।उसके बाद लोक निर्माण बिभाग के कार्यालय के बाहर ठेकेदारों ने टेन्ट लगाकर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है।ठेकेदारों ने अपने लंबित भुगतान को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन दिया।ज्ञापन में कहा गया है कि लोक निर्माण बिभाग बड़कोट के अधिशासी अभियंता द्वारा बिभाग में काम करने वाले ठेकेदारों के द्वारा किए गए कार्यो का भुगतान नहीं कर रहे हैं।जबकि कई बार भुगतान के सम्बंध में लिखित व मौखिक रूप से उन्हें अवगत कराया गया है।यहाँ तक की मुख्य अभियन्ता टिहरी क्षेत्र द्वारा भुगतान करने के लिए लिखित रूप से भी अधिशासी अभियंता को आदेश दिए गए लेकिन बड़कोट के अधिशासी अभियंता द्वारा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर अपनी मनमानी से ठेकेदारों भुगतान न कर नाजायज परेशान किया जा रहा है। होना पड़ा है। इस मौके पर असवाल, मोहन सिलवाल, सरदार सिंह, परशुराम जगूड़ी, दयाचंद रमोला, हरिमोहन सिंह, दौलतराम, महादेव चमोली, अरविंद सिंह, विजय प्रकाश, केंद्र सिंह रावत, दीवान सिंह असवाल, नागेंद्र गुलेरिया सहित दर्जनों ठेकेदार शामिल थे।
एक साल बाद भ्रमणकाल के लिए निकले नाग देवता
Fri Jul 20 , 2018
एक साल बाद भ्रमण काल के लिए बाहर निकले नाग देेेवता उत्तरकाशी. बडकोट/ (मदनपैन्यूली ) पौंटी क्षेत्र में महीने भर […]
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ब्रेकिंग न्यूज़ उत्तरकाशी के पुरोला को जिला बनाओजिला मुख्यालय पुरोला से 150 से 200 किमी की दूरी में होने से उन्हें काफी सारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। -स्थानीय लोगों को हर छोटी या बड़ी समस्या के लिये इतना लम्बा सफर तय करना पड़ता है। -जिला मुख्यालय से दूर होने के कारण वहां के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। -उनका कहना है कि पुरोला को जिला बनाने से यह सारी परेशानी खत्म हो जाएंगी। अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों ने बताया कि 24 फरवरी 1960 में उत्तरकाशी जिला टिहरी से अलग हुआ था। उस समय रवांई परगना उत्तरकाशी जिले में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र बड़कोट, पुरोला, नो गांव, मोरी तहसील के अंदर आता है। 1960 में रवांई के लोगों ने अलग जिले की मांग शुरू कर दी थी। उसके बाद उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पृथक जिले की मांग और तेज हुई, जिसके चलते सरकार ने राज्य के 4 नए जिलों की घोषणा में यमुनोत्री को जिला बनाने की बात कही थी। जिससे पुरोला के लोग भड़क गए और तब से लगातार पुरोला को जिला बनाने की मांग की जा रही है।
Pahado Ki Goonj July 31, 2018

