विश्वविख्यात भौतिक वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग नहीं रहे। बुधवार (14 मार्च) को उनका निधन हो गया। वह 76 साल के थे। “वह महान वैज्ञानिक थे और असाधारण इंसान थे, जिनका काम और विरासत आने वाले सालों में भी जाना जाएगा।” हॉकिंग ने बिग बैंग सिद्धांत और ब्लैक होल को समझने में खास योगदान दिया है। यही कारण है कि उन्हें अमेरिका के सबसे उच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जा चुका है। उनकी ब्रह्मांड के रहस्यों पर किताब ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ भी दुनिया भर में काफी मशहूर हुई थी। हॉकिंग मूल रूप से ब्रिटेन के रहने वाले थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एम्योट्रोपिक लेट्रल स्क्लेरोसिस नामक न्यूरोडीजेनरेटिव बीमारी से पीड़ित थे.ukpkg .com विनम्र श्रद्धांजलि।
चन्द्रशेखर पैन्यूली
उत्तराखंड को वैज्ञानिकों की चेतावनी, अनदेखी पड़ सकती है भारी
Wed Mar 14 , 2018
देहरादून: केदारनाथ जैसी त्रासदी झेलने के बावजूद उत्तराखंड की सरकारें सबक लेने को तैयार नहीं हैं। वैज्ञानिक संस्थानों की रिपोर्ट को या तो दरकिनार किया जा रहा है अथवा सवालों के साथ वापस भेजा जा रहा है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में यह […]

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